हमीरपुर में NH-34 पर सड़क हादसों में कमी; ब्लैक स्पॉट पर किए जा रहे सुरक्षा उपाय का असर
NHAI के परियोजना निदेशक ने दुर्घटना संभावित स्थानों को चिन्हित कर वहां जरूरी सुरक्षा उपाय कराने पर जोर दिया है.

By ETV Bharat Uttar Pradesh Team
Published : August 27, 2026 at 6:54 AM IST
हमीरपुर: कानपुर-सागर एनएच-34 पर सड़क सुरक्षा को लेकर किए जा रहे सुधार अब जमीन पर दिखाई देने लगे हैं. दुर्घटना संभावित स्थानों पर वाहन चालकों को सावधान करने वाले बोर्ड लगाए गए हैं. कई जगह गति सीमा तय की गई है. प्रमुख मोड़ और संपर्क मार्गों पर स्टॉप साइन लगाए गए हैं. सड़क की मार्किंग भी नए सिरे से कराई गई है. रात में सुरक्षा के लिए यमुना और बेतवा पुल के साथ राठ मोड़ पर हाईमास्ट भी लगाए गए हैं.
NHAI के परियोजना निदेशक पंकज यादव ने दुर्घटना संभावित स्थानों को चिन्हित कर वहां जरूरी सुरक्षा उपाय कराने पर जोर दिया है. इसका असर हाईवे पर किए जा रहे काम में साफ दिखाई दे रहा है. सड़क सुरक्षा से जुड़े छोटे-छोटे सुधारों को भी नजरअंदाज करने के बजाय उन्हें मौके पर दुरुस्त कराया जा रहा है.
एनएच-34 के कई संवेदनशील हिस्सों में दुर्घटना बाहुल्य क्षेत्र के संकेतक लगाए गए हैं. नारायच क्षेत्र में 30 किलोमीटर प्रति घंटा की गति सीमा का बोर्ड लगाया गया है. सिचौली और अन्य संपर्क मार्गों पर स्टॉप बोर्ड लगाए गए हैं. इसके अलावा राहगीरों और वाहन चालकों को सावधान करने के लिए सड़क पर पीली थर्मोप्लास्टिक मार्किंग कराई गई है.
कुछ स्थानों पर रोड मार्किंग के साथ स्पीड ब्रेकर की पहचान भी स्पष्ट की गई है. इससे रात और बारिश के दौरान वाहन चालकों को सड़क की स्थिति समझने में मदद मिलेगी. सुरक्षा के लिए सिर्फ बोर्ड और मार्किंग ही नहीं, प्रकाश व्यवस्था पर भी ध्यान दिया गया है. यमुना पुल, बेतवा पुल और राठ मोड़ पर हाईमास्ट लाइटें अब चालू हालत में हैं. यह वह स्थान हैं, जहां रात में पर्याप्त रोशनी नहीं होने से वाहन चालकों के लिए खतरा बढ़ जाता था.
इन प्रयासों के बीच जनवरी से जुलाई तक के आंकड़े भी राहत देने वाले हैं. वर्ष 2025 में इस अवधि में जिले में 251 सड़क दुर्घटनाएं हुई थीं. वर्ष 2026 में यह संख्या घटकर 179 रह गई. यानी 72 हादसे कम हुए. इसी तरह हादसों में मृतकों की संख्या 139 से घटकर 111 रह गई. मौतों में 28 की कमी आई. घायलों की संख्या भी 194 से घटकर 153 हो गई, यानी 41 लोग कम घायल हुए.
आंकड़ों के लिहाज से दुर्घटनाओं में 28.7 प्रतिशत, मृतकों में 20.1 प्रतिशत और घायलों में 21.1 प्रतिशत की कमी दर्ज हुई है. सड़क सुरक्षा को केवल सड़क और संकेतकों तक सीमित नहीं रखा गया है. यातायात नियमों का पालन कराने के लिए पुलिस की कार्रवाई भी जारी है.
ओवरस्पीड, हेलमेट, सीट बेल्ट और अन्य नियमों के उल्लंघन पर कार्रवाई की जा रही है. पुलिस अधीक्षक मृगांक शेखर पाठक के निर्देशन में यातायात पुलिस की प्रवर्तन कार्रवाई भी सड़क सुरक्षा अभियान का अहम हिस्सा है.
NHAI के परियोजना निदेशक पंकज यादव ने बताया कि दुर्घटना संभावित स्थानों पर सुरक्षा व्यवस्था की लगातार समीक्षा की जा रही है. जरुरत के अनुसार संकेतक, रोड मार्किंग, प्रकाश व्यवस्था और अन्य सुरक्षा उपाय कराए जा रहे हैं. मौके पर दिखाई देने वाली छोटी कमियों को भी दूर करने पर जोर दिया गया है.
जिलाधिकारी अभिषेक गोयल ने कहा कि दुर्घटना संभावित क्षेत्रों की पहचान कर आवश्यक सुधार कराए जा रहे हैं. यातायात नियमों का पालन कराने, ओवरलोडिंग व अन्य उल्लंघनों पर कार्रवाई, जनजागरूकता और संबंधित विभागों के बीच समन्वय पर लगातार काम हो रहा है. सड़क दुर्घटनाओं में और कमी लाने के लिए जरूरी उपाय आगे भी जारी रखे जाएंगे.

