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सरिस्का में बाघिन एसटी 2302 की दो शावकों के साथ साइटिंग, सफारी ट्रैक पर करता रहा चहलकदमी

कुछ साल पहले बाघ के लिए पर्यटकों को सरिस्का ही जाना पड़ता था. तब टाइगर्स केवल सरिस्का में ही मौजूद थे.अब बदल गया दृश्य

Tigress ST 2302 with her two cubs
अपने दो शावकों के साथ बाघिन एसटी 2302 (Photo source : Sariska jeep driver)
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By ETV Bharat Rajasthan Team

Published : January 6, 2026 at 3:45 PM IST

2 Min Read
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अलवर: सरिस्का टाइगर रिजर्व में पर्यटन सीजन में सैलानियों को सफारी के दौरान लगातार अद्भुत दृश्य दिख रहे हैं. कभी एक दिन में 5 टाइगर तो कभी बाघ-बाघिन सफारी ट्रैक के बीच बैठे दिख रहे हैं. बफर रेंज के अंधेरी क्षेत्र में सोमवार शाम बाघिन एसटी 2302 के साथ दो शावक दिखे. पर्यटकों ने अपने कैमरे में कैद किया. सरिस्का में सफारी के दौरान पर्यटकों को टाइगर्स की लगातार साइटिंग सुखद संकेत है.

सरिस्का के सीसीएफ संग्रामसिंह कटियार ने बताया कि शहर के समीप सरिस्का टाइगर रिजर्व की बफर रेंज के अंधेरी क्षेत्र में लगातार बाघिन 2302 शावकों के साथ लगातार दिख रही है. सोमवार शाम जंगल में बाघिन दो शावकों के साथ बैठी दिखी. एक शावक करीब 10 मिनट सफारी ट्रैक के बीच में चहलकदमी करता रहा.

बफर रेंज में बाघिन की दो शावकों के साथ साइटिंग (ETV Bharat Alwar)

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पर्यटक कर रहे बफर जोन का रुख: कुछ साल पहले बाघ के लिए पर्यटकों को सरिस्का ही जाना पड़ता था. तब टाइगर्स केवल सरिस्का में ही मौजूद थे. उनकी साइटिंग भी वहीं संभव थी, लेकिन कुछ साल से अलवर शहर के सटे अलवर बफर रेंज में बाघों का कुनबा तेजी से बढ़ा. अभी यहां शावकों समेत 11 टाइगर्स हैं. इस कारण पर्यटकों को आसानी से बाघ, बाघिन एवं शावकों की साइटिंग हो रही है. कुछ दिनों में यहां बाघिन 2302 अपने शावकों के साथ कई बार पर्यटकों को दिख चुकी है. कुछ दिन पूर्व पर्यटकों को अंधेरी के जंगल में बाघिन एसटी-19 भी शावकों के साथ दिखी थी. बाघों का दीदार होने के कारण अब पर्यटक सरिस्का की अलवर बफर रेंज की ओर तेजी से रूख कर रहे हैं.

यहां घूमना आसान: सीसीएफ कटियार ने बताया कि सरिस्का की अलवर बफर रेंज में सफारी आसान है. यहां ऑफलाइन बुकिंग संभव है. यहां जंगल भी हराभरा और आकर्षक है. बाघों की साइटिंग आसानी से हो रही है. इस कारण बफर रेंज में पर्यटक संख्या बढ़ रही है. गत सितंबर में बाघिन 2302 पहली बार शावकों के साथ दिखी थी, तब शावकों की उम्र कम थी, लेकिन अब शावक बड़े होकर बाघिन के साथ चहलकदमी करते दिखे. अलवर बफर एवं सरिस्का में बाघों की बढ़ती संख्या को देखते उनकी मॉनिटरिंग बढ़ाई है.

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