300 अपराधियों को पकड़ चुका है ये डॉग, संजय टाइगर रिजर्व का रक्षक 'अपोलो'
सूंघने की अपनी जबर्दस्त क्षमता की वजह से अपोलो वन अपराधियों के लिए बन चुका है खौफ, इंवेस्टिगेश यूनिट को दिखाता है रास्ता.

By ETV Bharat Madhya Pradesh Team
Published : November 21, 2025 at 2:39 PM IST
|Updated : November 21, 2025 at 3:05 PM IST
सीधी : मध्य प्रदेश के संजय टाइगर रिजर्व में तैनात विशेष ट्रैकर डॉग 'अपोलो' अब सिर्फ एक खोजी कुत्ता नहीं, बल्कि वन विभाग का ऐसा निर्भीक प्रहरी बन चुका है जिसने अपने सूंघने की अद्भुत क्षमता से अपराधियों की नींद हराम कर दी है. अपोलो की मौजूदगी से आज न सिर्फ वन्यजीवों की सुरक्षा मजबूत हुई है, बल्कि जंगल को नुकसान पहुंचाने वालों में भी भय का माहौल कायम है.
अपोलो डॉग ने पकड़वाए 300 अपराधी
2017 में भोपाल की 23वीं बटालियन से संजय टाइगर रिजर्व को सौंपे जाने के बाद, अपोलो ने अपने सेवा काल में 90 से अधिक मामलों में करीब 300 अपराधियों को पकड़वाया है. चोरी-शिकार, अवैध कटाई, वन्य जीव अंगों की तस्करी और अन्य अवैध गतिविधियों में अपोलो ने कई बार महज चंद मिनटों में सुराग ढूंढकर जांच अधिकारियों को सीधे आरोपियों तक पहुंचाया है.

अपनी असाधारण कार्यशैली और सफलता के कारण अपोलो को अब तक दो राज्य स्तरीय प्रथम पुरस्कार भी मिल चुके हैं. वन विभाग के अनुसार अपोलो विभाग की सबसे विश्वसनीय, तेज और सटीक 'इंवेस्टिगेशन यूनिट' की तरह काम करता है.
अपराधियों का काल, विभाग का गर्व
वन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि अपोलो अपराधियों के खिलाफ एक ऐसे हथियार की तरह काम करता है, जिसकी धार समय के साथ और तेज होती जा रही है. जैसे ही कोई अपराध होता है, अपोलो अपने प्रशिक्षक के साथ मौके पर पहुंचता है और बिना किसी भ्रम के जांच टीम को सही निशाने तक पहुंचा देता है.

अपोलो की देखभाल करती है स्पेशल टीम
अपोलो की फिटनेस और प्रशिक्षण के लिए एक समर्पित वनकर्मी 24 घंटे उसकी देखभाल में नियुक्त है. वनरक्षक गगन सिंह ने बताया, ''अपोलो का हर महीने मेडिकल परीक्षण किया जाता है जिससे उसकी क्षमता पूरी तरह सामान्य और सक्रिय बनी रहे. गर्मियों में उसे आइसक्रीम और सर्दियों में हाई-प्रोटीन डाइट मिलती है.''
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और तैयार होंगे 'अपोलो' जैसे डॉग
सीसीएफ अमित दुबे ने कहा, '' अपोलो ने न सिर्फ अपराध रोकने में तेजी लाई है, बल्कि संजय टाइगर रिजर्व की सुरक्षा व्यवस्था को नई दिशा दी है. आने वाले समय में ऐसे और डॉग स्क्वाड तैयार किए जाएंगे.'' बहरहाल, अपोलो आज केवल एक डॉग नहीं बल्कि संजय टाइगर रिजर्व की सुरक्षा का जीवित कवच बन चुका है, जो अपनी निष्ठा, सूंघने की क्षमता और सतर्कता से अपराधियों के लिए डर और वन्यजीवों के लिए सुरक्षा कवच बनकर खड़ा है.

