सफारी के दौरान पर्यटकों ने देखा दो बाघों के बीच खूनी संघर्ष, थर्राया संजय टाइगर रिजर्व
संजय टाइगर रिजर्व में वर्चस्व की जंग, दो बाघ एक दूसरे पर टूट पड़े. ये भिड़ंत पर्यटकों के सामने हुई. दोनों नर बाघ घायल.

By ETV Bharat Madhya Pradesh Team
Published : January 1, 2026 at 1:23 PM IST
सीधी/रायसेन : संजय टाइगर रिज़र्व में बाघों के बीच वर्चस्व की जंग होती रहती है. वर्ष 2025 के अंतिम दिन संजय टाइगर रिज़र्व में एक बार फिर दो बाघों के बीच खूनी जंग हुई. जब पर्यटक पर्यटक सुबह करीब 11 बजे जिप्सियों से जंगल की सफारी कर रहे थे तो इसी दौरान उन्हें बाघों की दहाड़ सुनाई दी. जिप्सी जब और आगे बढ़ी तो पर्यटकों ने देखा कि दो नर बाघों के बीच भयंकर लड़ाई हो रही है.
दो बाघों के बीच संघर्ष के पल कैमरे में कैद
संजय टाइगर रिजर्व के दुबरी परिक्षेत्र में दो नर बाघों के बीच इलाके में वर्चस्व लेकर भीषण संघर्ष देखकर पर्यटक रोमांचित हो गए. प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार दोनों नर बाघ काफी देर तक एक-दूसरे पर आक्रामण करते रहे. पर्यटकों ने इस दुर्लभ घटना को अपने कैमरों में कैद किया, जो वन्यजीव प्रेमियों के लिए एक असाधारण अनुभव बन गया. प्रबंधन द्वारा इन बाघों की पहचान टी-56 और दुबरी परिक्षेत्र में हाल ही में आए नए नर बाघ के रूप में की गई है.
स्पॉट पर हाथियों के साथ वन कर्मियों की टीम तैनात
यह घटना दुबरी परिक्षेत्र की बीट बहेरवार के कक्ष क्रमांक आरएफ-166 में हुई. संघर्ष के बाद दोनों बाघ घायल अवस्था में पाए गए, जिसके बाद संजय टाइगर रिज़र्व प्रबंधन पूरी तरह सतर्क हो गया. घायल बाघों की सुरक्षा और निगरानी के लिए 03 हाथियों, दो जिप्सियों और लगभग 25 वनकर्मियों की टीम को मौके पर तैनात किया गया है. हाथियों की मदद से चारों ओर से निगरानी रखी जा रही है, ताकि बाघों के साथ कोई और हादसा न हो और वे सुरक्षित रहें.
इससे पहले बाघों के संघर्ष में 2 शावकों की मौत
संजय टाइगर रिज़र्व के वन्यप्राणी स्वास्थ्य अधिकारी भी मौके पर मौजूद हैं और बाघों की स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं. संजय टाइगर रिज़र्व के एसडीओ सुधीर मिश्रा ने बताया "रिज़र्व में बाघों की संख्या में निरंतर वृद्धि हो रही है, जिसके चलते आपसी संघर्ष की घटनाएं भी बढ़ रही हैं. कुछ दिन पूर्व नर बाघ टी-61 और मादा टी-60 के बीच संघर्ष हुआ था, जिसमें टी-61 द्वारा टी-60 के दो शावकों को मारने की घटना सामने आई थी."
- सीधी में दिखा बाघ-बाघिन का रोमांचक नजारा, पर्यटकों ने कैमरे में किया कैद, देंखे वीडियो
- फॉरेस्ट गार्ड के सामने आ धमका बाघ, बाइक छोड़ लगाई दौड़, ऐसे बची जान
सफारी के लिए अधिकृत वेबसाइट से ही करें बुकिंग
रातापानी या प्रदेश के किसी अन्य टाइगर रिजर्व में बाघों के दीदार करने की योजना बना रहे लोगों को वन विभाग ने आगाह किया है. सफारी बुकिंग के नाम पर कई फर्जी वेबसाइट और मोबाइल ऐप सक्रिय हैं, जो आपको ठगी का शिकार बना सकते हैं. वन विभाग ने साफ कर दिया है कि मध्य प्रदेश के टाइगर रिजर्व में सफारी टिकटों की बुकिंग के लिए केवल mponline.gov.in ही एकमात्र आधिकारिक और वैध पोर्टल है.

रातापानी टाइगर रिजर्व के वन मंडल के अधिकारी हेमंत रैकवार ने बताया "रायसेन और आसपास के क्षेत्रों में वन विभाग की टीमें अलर्ट हैं. यदि आप ऐसी किसी धोखाधड़ी का शिकार हुए हैं तो तुरंत संबंधित वन कार्यालय को सूचित करें. विभाग इन शिकायतों को सीधे राज्य साइबर पुलिस सेल को भेजेगा ताकि इन जालसाजों पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जा सके."

