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सीधी में टाइगरों की हलचल, बिना कॉलर आईडी वाले 8 बाघों ने बढ़ाई धड़कनें, अलर्ट जारी

सीधी के मोहन पार्क में दिखे बिना कॉलर आईडी के 8 बाघ, निगरानी में जुटा वन विभाग, लोगों से की सावधान रहने की अपील.

SIDHI MOHAN PARK
सीधी में टाइगरों की हलचल (ETV Bharat)
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By ETV Bharat Madhya Pradesh Team

Published : March 2, 2026 at 7:53 AM IST

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Updated : March 2, 2026 at 8:24 AM IST

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रिपोर्ट: मनोज शुक्ला

सीधी: मध्य प्रदेश के सीधी वन मंडल के अंतर्गत आने वाले मोहन पार्क में इन दिनों टाइगरों की गतिविधियां तेज हो गई हैं. मोहन पार्क में करीब 8 बाघ घूमते दिखाई दिए. रेंज के रेंजर जितेन्द्र पारासर स्वयं क्षेत्र में सक्रिय रहकर टाइगरों के मूवमेंट पर नजर बनाए हुए हैं. रविवार को दी गई जानकारी के अनुसार, ''निरीक्षण के दौरान सहायक वन परिक्षेत्राधिकारी गोविन्द विश्वकर्मा सहित 5 सदस्यीय टीम मौजूद रही.

मोहन पार्क में घूमते दिखे 8 बाघ
रेंजर जितेन्द्र पारासर ने बताया कि, "हाल ही में एक मादा बाघ T-46 और एक नर बाघ T-53 कॉलर आईडी के देखे गए हैं. जिससे वन विभाग की सतर्कता और बढ़ा दी गई है. इसके अलावा मोहन रेंज में कॉलर बिना आईडी वाले टाइगरों की भी सक्रियता दर्ज की गई है. जिसमें 3 नर टाइगर, 2 मादा टाइगर और उनके 3 शावकों का मूवमेंट शामिल हैं. लगातार निगरानी के माध्यम से उनकी सुरक्षा और क्षेत्र में शांति व्यवस्था सुनिश्चित की जा रही है.

मोहन पार्क में घूमते दिखे 8 बाघ (ETV Bharat)

लोगों से की सतर्क रहने की अपील
हालांकि वहां के रेंजर ने यह भी चिंता जताई कि पर्यटकों के लिए जिप्सी जैसी सफारी सुविधा उपलब्ध नहीं होने के कारण राजस्व वसूली प्रभावित हो रही है. यदि सफारी व्यवस्था शुरू की जाए तो न केवल पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि वन विभाग की आय में भी वृद्धि होगी. वन विभाग द्वारा आसपास के ग्रामीणों को टाइगर मूवमेंट की जानकारी देकर सतर्क रहने की अपील की गई है. जहां लोगों को अनावश्यक रूप से जंगल की ओर न जाने और किसी भी प्रकार की संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत विभाग को देने के निर्देश दिए गए हैं.

8 TIGERS SPOTTED WITHOUT COLLAR ID
बिना कॉलर आईडी के 8 बाघों ने बढ़ाई धड़कनें (ETV Bharat)

इसलिए पड़ा मोहन पार्क नाम
संजय डुबरी टाइगर रिजर्व मध्य प्रदेश के सीधी जिले में स्थित है और इसे संवर्धित वन्यजीव संरक्षण के लिए स्थापित किया गया था. इस संजय राष्ट्रीय उद्यान को 1981 में राष्ट्रीय उद्यान का दर्जा मिला और 2006 में टाइगर रिजर्व घोषित किया गया. इसका नाम मोहन रेंज इसलिए पड़ा की विश्व प्रसिद्ध सफेद बाघ मोहन को 1951 में इसी जंगल से पकड़ा और बचाया गया था. यही मोहन आगे चलकर सफेद बाघों की संतान का मूल स्रोत बना, और उनकी याद में रिजर्व के एक हिस्से का नाम मोहन रेंज रखा गया है.

8 TIGERS SPOTTED WITHOUT COLLAR ID
बाघों की निगरानी में जुटा वन विभाग (ETV Bharat)

संजय टाइगर रिजर्व में कई वन्यजीव मौजूद
टाइगर रिजर्व का क्षेत्रफल लगभग 831 वर्ग किलोमीटर से अधिक है. इसमें साल, बांस और मिश्रित वन शामिल हैं और यह विविध भूभाग, पहाड़ियां, उद्यान, नदियां और वाटरबॉडीज से भरा क्षेत्र है, जो वन्यजीवों के लिए आदर्श आवास है. वहीं यहां लगभग 152 पक्षी प्रजातियां, 32 स्तनधारी, 11 सरीसृप, 3 उभयचर और 34 मीठे पानी की मछलियां पाई जाती हैं. यहां बाघ के अलावा स्लोथ भालू, चिंकारा, नीलगाय, सांभर, तेंदुआ, धोल (जंगली कुत्ता), पाइथन, लोमड़ी, गीदड़ और कई अन्य जीव मौजूद हैं.

Last Updated : March 2, 2026 at 8:24 AM IST