27 लाख के मुआवजे में 13 लाख की मांगी रिश्वत, सीधी के किसान का माथा ठनकते ही अधिकारी गिरफ्तार
सीधी-सिंगरौली एनएच चौड़ीकरण में एक किसान को मिले मुआवजे की राशि जारी करने के लिए मांगी थी 13 लाख की रिश्वत. लोकायुक्त ने किया गिरफ्तार.

By ETV Bharat Madhya Pradesh Team
Published : February 26, 2026 at 6:17 PM IST
सीधी: लोकायुक्त रीवा ने भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए भू-अर्जन शाखा में पदस्थ सहायक परियोजना अधिकारी को 1 लाख की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया है. यह अधिकारी रिश्वत लेते दूसरी बार पकड़ा गया है. खास बात यह है कि इस अधिकारी ने किसान को मुआवजे में मिले 27 लाख में से 13 लाख की रिश्वत मांगी थी.
27 लाख में से 13 लाख रिश्वत की मांग
सीधी में भू-अर्जन शाखा में पदस्थ सहायक परियोजना अधिकारी भूपेंद्र पांडेय ने जमीन के बदले मिले 27 लाख के मुआवजे में से 13 लाख रुपये की डिमांड की थी. किसान एक लाख रुपए की रिश्वत इस अधिकारी को पहले दे चुका था लेकिन वह काम करने तैयार नहीं था. इसके बाद किसान से उसने 1 लाख रुपए की फिर डिमांड की. किसान के पास रुपए नहीं होते हुए भी उसने एक लाख की व्यवस्था की और इस अधिकारी को रिश्वते लेते रंगे हाथ पकड़वा दिया.
हाईवे में जमीन जाने पर 27 लाख का मुआवजा
शिकायतकर्ता शिवबहोर तिवारी सदना गांव के रहने वाले हैं. इनकी सीधी और सिंगरौली के बीच हाईवे पर जमीन है. यहां हाईवे चौड़ीकरण का काम चल रहा है और इसी में उनकी 9 डिसमिल जमीन हाईवे परियोजना में प्रभावित हुई है. इसके बदले उन्हें 27 लाख का मुआवजा स्वीकृत हुआ था. इसी मुआवजा राशि को जारी कराने के लिए सहायक परियोजना अधिकारी भूपेन्द्र पांडेय स्वीकृत राशि में से आधी राशि की डिमांड कर रहा था.
'5 दिन में देना थे बचे 11 लाख रुपए'
शिकायतकर्ता शिवबहोर तिवारी ने बताया कि "उन्होंने मजबूरी में पहले 1 लाख रुपये की राशि भू-अर्जन अधिकारी भूपेन्द्र पांडेय को दी थी लेकिन उसने कोई काम नहीं किया. इसके बाद तय योजना के तहत वे गुरुवार को दूसरी किस्त के रूप में 1 लाख रुपये देने पहुंचे थे और बकाया 11 लाख की राशि 5 दिन बाद देने की बात कही थी." इसी दौरान उन्होंने पूरे मामले की शिकायत लोकायुक्त एसपी से की, जिसके बाद सत्यापन कर ट्रैप की रणनीति बनाई गई.

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एक लाख की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार
लोकायुक्त थाना प्रभारी एसआर मरावी ने बताया कि "लोकायुक्त एसपी रीवा को रिश्वत की शिकायत मिली थी. टीम को शिकायत प्राप्त होने के बाद मामले का सत्यापन किया गया था. जहां सत्यापन में सही पाए जाने पर गुरुवार को भू-अर्जन अधिकारी भूपेन्द्र पांडेय को रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया गया. इस अधिकारी को पहले भी दूसरे केस में लोकायुक्त पुलिस ने रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया था. यह दूसरी बार फिर रिश्वत लेते गिरफ्तार हुआ है. आवश्यक साक्ष्य और दस्तावेजी प्रक्रिया पूरी की गई है."

