सीधी के इस गांव में न पोल पहुंचा ना तार, एक किलोमीटर दूर से तार जोड़कर काम चला रहे ग्रामीण
आजादी के 79 साल बाद भी मूलभूत सुविधाओं से जूझ रहे ग्रामीण, सीधी के देवरक्ष गांव में खंभे के बगैर पहुंच रही बिजली.

By ETV Bharat Madhya Pradesh Team
Published : March 2, 2026 at 9:47 PM IST
सीधी: मध्य प्रदेश के सीधी में एक आजीबोगरीब मामला सामने आया है. यहां एक गांव में दो दशकों से बिजली व्यवस्था मजाक बनकर रह गई है. इस गांव में बिना खंभे के बिजली पहुंच रही है. ग्रामीणों का आरोप है कि गांव से करीब एक किलोमीटर दूर बिजली खंभा है, उसके बाद तार के सहारे लोग अपने घरों तक रोशनी पहुंचा रहे हैं.
गांव से एक किमी दूर खड़ा है खंभा
जानकारी के अनुसार, ग्राम खड्डी खुर्द के देवरक्ष गांव में करीब 20 साल पहले बिजली पहुंच गई थी, लेकिन बिजली का खंभा नहीं होने के कारण बिजली व्यवस्था मजाक बनकर रह गई है. ग्रामीणों ने आरोप लगाते हुए कहा कि कनेक्शन तो दे दिए गए हैं, बिल भी नियमित आता है. लेकिन बिजली का खंभा गांव से करीब एक किलोमीटर दूर खड़ा है. अब ऐसे में ग्रामीण मजबूरी में पेड़ को काटकर लकड़ी के अस्थायी खंभे बनाकर गांव तक बिजली लाए हैं. बरसात और गर्मी के मौसम में यह जुगाड़ जानलेवा साबित हो सकता है.
करंट फैलने की आशंका
स्थानीय निवासियों ने बताया कि मजबूरी में पेड़ों को काटकर लकड़ी के अस्थायी खंभे बनाने पड़ते हैं. इससे एक ओर वन विभाग की कार्रवाई और जुर्माने का डर रहता है, वहीं दूसरी ओर लकड़ी के खंभे जल्दी सड़-गल जाते हैं. आवारा पशु और जंगली जानवर तारों को तोड़ देते हैं, जिससे कई बार करंट फैलने की स्थिति बन चुकी है. अब तक कई हादसे होते-होते टले हैं.

लीला साहू ने अधिकारी पर लगाए गंभीर आरोप
लीला साहू ने बताया, "देवरक्ष गांव में लगभग 20 परिवार रहते हैं. बिजली बिल समय पर आता है, लेकिन खंभे नहीं हैं. एक किलोमीटर दूर से तार लाना पड़ता है. कई बार तार टूट जाते हैं जिससे करंट फैलने की आशंका बनी रहती है. अधिकारियों और कर्मचारियों को कई बार सूचना दी, लेकिन आज तक ठोस कार्रवाई नहीं हुई. अब अंधेरे में जीवन यापन कर रहे परिवारों में बच्चों की पढ़ाई और महिलाओं की सुरक्षा भी बड़ी चिंता बनी हुई है."
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इस पूरे मामले पर मुख्य अभियंता जन्मेजय सिंह ने कहा, " फिलहाल इस घटनाक्रम की जानकारी नहीं है. क्षेत्रीय कर्मचारियों को निर्देशित कर जांच कराई जाएगी. शासन के नियमों के अनुसार आवश्यक कार्रवाई की जाएगी. लोगों को सुविधाएं उपलब्ध कराना हमारा पहला उद्देश्य है."

