बिना वादे के जीत जाती हूं चुनाव, ग्रामीण महिला ने रीति पाठक को याद दिलाया चुनावी वादा
सीधी विधायक को ग्रामीण महिला ने याद दिलाया वादा, रीति पाठक ने कहा था चुनाव जीतने नहीं किया कोई वादा. मनोज शुक्ला की रिपोर्ट.

By ETV Bharat Madhya Pradesh Team
Published : August 20, 2026 at 2:12 PM IST
सीधी: मध्य प्रदेश के सीधी विधानसभा क्षेत्र से बीजेपी विधायक रीति पाठक के स्वतंत्रता दिवस की शाम वृद्ध आश्रम के कार्यक्रम में दिए एक बयान का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से सर्कुलेट हो रहा है. कार्यक्रम के दौरान रीति पाठक ने कहा है कि उन्होंने अब तक चार चुनाव जीते हैं, लेकिन चुनाव जीतने के लिए जनता से कभी कोई वादा नहीं किया है. इसके बाद उन्होंने क्रेडिट को लेकर फिर एक बयान दिया. इस सबके बीच एक ग्रामीण महिला ने वीडियो जारी कर विधायक रीति पाठक को उनका चुनावी वादा याद दिलाया है.
सिंगरौली-ललितपुर रेल लाइन क्रेडिट को लेकर बयान
वहीं विधायक ने अब अपने एक और कथन से राजनीतिक चर्चा को हवा दे दी. उन्होंने कहा कि 'मेरा एक सपना पूरा हो रहा है, लेकिन यह मुझे पता है कि उसका क्रेडिट जरूर नहीं मिलेगा. खैर कोई बात नहीं, आप सब जानते हैं कि वह प्रयास मैंने ही किया है. विधायक के इस बयान को सिंगरौली और ललितपुर रेल लाइन परियोजना की ओर इशारा माना जा रहा है. जहां इस परियोजना को लेकर सांसद रहते हुए रीति पाठक की सक्रियता और प्रयासों का उल्लेख किया जाता रहा है. जहां वर्तमान में सीधी के सांसद डॉ. राजेश मिश्रा हैं, ऐसे में सीधी विधायक का यह बयान, अब राजनीतिक गलियारों में इशारों में किए गए तंज के तौर पर देखा जा रहा है.
महिला ने वीडियो जारी कर याद दिलाया चुनावी वादा
सीधी विधायक के बिना वादे के चुनाव जीतने वाले बयान के बाद अब उसी विधानसभा क्षेत्र की ग्राम पंचायत क्षेत्र भाठा की रहने वाली महिला सुसमा का वीडियो भी बुधवार को सर्कुलेट हो गया है. जिसमे महिला वीडियो में विधायक को कथित चुनावी आश्वासन याद दिलाते हुए यह सवाल कर रही है कि आखिर गांव के नाले पर पुल कब बनेगा. महिला का दावा है कि चुनावी सभा के दौरान विधायक ने भाठा ग्राम पंचायत के नाले पर पुल और डैम निर्माण कराने की बात कही थी. अब भाजपा की सरकार बनने और चुनाव जीतने के बाद पुल निर्माण कराने का आश्वासन भी दिया गया था. जिस पर महिला का कहना है कि काफी समय बीत चुका है, लेकिन नाले पर पुल अब भी नहीं बन पाया है.

- कैलाश विजयवर्गीय की कथित चिट्ठी नया एडीशन, विंध्य से लेकर चंबल तक बीजेपी में ऐसे बढ़ रही दरारें
- रीति पाठक ने अपनी ही सरकार को घेरा, भावुक होकर बोलीं- हम बेचारे बने बैठे
आवागम में ग्रामीणों को होती है परेशानी
बता दें महिला का यह भी कहना है कि बारिश के दिनों में नाला उफान पर आ जाता है और गांव के लोगों के साथ बच्चों को भी आवागमन में परेशानी होती है. स्वतंत्रता दिवस के दिन ध्वजारोहण कार्यक्रम में पहुंचने में भी ग्रामीणों को परेशानी का सामना करना पड़ा. हालांकि अब महिला के द्वारा लगाए गए कथित चुनावी वादे की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है. देखना दिलचस्प होगा कि विधायक रीति पाठक वीडियो और भाठा के पुल को लेकर उठ रहे सवालों पर क्या जवाब देती हैं.

