सिरसा में झींगा मछली पालन को बढ़ावा, मालामाल हो रहे किसान, जानें सरकार क्या दे रही लाभ
सिरसा के किसान झींगा मछली पालन से मालामाल हो रहे हैं. परंपरागत खेती छोड़ आधुनिक खेती को दे रहे बढ़ावा.


Published : February 14, 2026 at 11:14 AM IST
सिरसा: हरियाणा के सिरसा में किसान अब परंपरागत खेती छोड़कर इसके दूसरे विकल्प की और बढ़ रहे हैं. किसान अब झींगा मछली पालन की खेती करने में जुट गए हैं. झींगा मछली पालन सिरसा के किसानों के लिए वरदान के रूप में साबित हो रही है. फ़िलहाल सिरसा जिला में करीब 500 से ज्यादा किसान झींगा मछली पालन की खेती कर रहे हैं. हालांकि हरियाणा सरकार द्वारा भी झींगा मछली पालन करने वाले किसानों को अनेक प्रकार की सुविधा और सब्सिडी दी जा रही है. जिससे किसान उत्साहित होकर झींगा मछली पालन के प्रति रुचि दिखा रहे है.
सरकार दे रही किसानों को लाभ: हरियाणा सरकार अब सिरसा जिला में करीब 10 हजार किसानों को इस लाभकारी खेती से जोड़ने का लक्ष्य लेकर चल रही है. हरियाणा प्रदेश के पूर्व सीएम मनोहर लाल और पूर्व कृषि मंत्री जेपी दलाल ने भी झींगा मछली के प्रति भी विशेष तौर पर खूब रुचि दिखाई है. इसके साथ ही अब प्रदेश के सीएम नायब सिंह सैनी और कृषि मंत्री शाम सिंह राणा भी झींगा मछली के प्रति काफी रुचि दिखा रहे है.
मालामाल हो रहे किसान: झींगा मछली की खेती करने से जहां किसानों को चंद महीनों में लाखों रुपये की कमाई हो जाती है. वहीं, झींगा मछली की खेती करने से उनको नुकसान नाम मात्र ही होता है. जबकि परम्परागत खेती करने में उनको काफी नुकसान का सामना करना पड़ता था. जैसे कि बेमौसमी बारिश पानी की कमी के कारण सूखा पड़ गया पेस्टिसाइड के साइड इफ़ेक्ट जैसी कई समस्याओं का सामना करना पड़ता था. लेकिन झींगा मछली में उनको नुकसान कम और कई गुना प्रॉफिट हो रहा है.
महिला किसानों को सब्सिडी: सिरसा जिला के काफी किसान अब झींगा मछली के प्रति अग्रसर हो रहे हैं और जिला प्रशासन और हरियाणा सरकार के साथ साथ केंद्र सरकार भी झींगा मछली पालन की खेती करने वाले किसानों का भरपूर साथ भी दे रही है. महिला किसानों को 60 फीसदी सब्सिडी दी जाती है. जबकि पुरुष किसानों को 40 फीसदी सब्सिडी दी जाती है. ऐसे में किसान भी इस मुनाफे वाली खेती की और अपने कदम जल्द से जल्द बढ़ा रहे है. यहां तक कि महिला किसान भी झींगा मछली पालन के प्रति रूचि लेकर झींगा मछली पालन कर रही है और चंद ही दिनों में ही लखपति हो चुकी हैं.
झींगा मछली की खेती के फायदे: सफ़ेद झींगा फार्मिंग करने गांव कर्मशाना के किसान अमृत कुमार और कर्ण सिंह ने बताया कि "वो पिछले कई सालों से झींगा की खेती कर रहे हैं. हालाँकि इससे पहले परंपरागत खेती भी कर रहे थे. लेकिन झींगा मछली की खेती के फायदे सुनकर उन्होंने परंपरागत खेती की बजाए झींगा मछली की खेती करने को ही बेहतर समझा है. शुरुआती दौर में आशा के अनुरूप मुनाफा हुआ है. हमारे इलाके में खारा पानी व लवणीय भूमि मत्स्य पालन के लिए सटीक बैठती है. मेरे काम को देखते हुए अब आसपास के इलाके में किसान जागरूक हो रहे हैं. परंपरागत खेती से हमें 7 से 8 गुना की कमाई हो रही है.
झींगा मछली उत्पादन के लिए सब्सिडी: वहीं, जब इस विषय को लेकर मत्स्य विभाग के अधिकारी जगदीश कुमार ने बताया कि "सरकार द्वारा प्रधानमंत्री मत्स्य सम्पदा योजना की शुरुआत की गई थी. जिसके तहत अनुसूचित जाति की महिला व पुरुष को झींगा उत्पादन के लिए 60 प्रतिशत सब्सिडी दी जाती है. वहीं, सामान्य श्रेणी में आने वाले पुरुष किसानों को 40 प्रतिशत तक की सब्सिडी दी जाती है. प्रति हेक्टेयर में 14 लाख की राशि का यह प्रोजेक्ट है. जिसमे तालाब का निर्माण स्टोर खाद खुराक व इससे सम्बंधित लेबर इत्यादि इसमें शामिल होते हैं. गत वर्ष 300 से 350 एकड़ पर फसल उत्पादन किसानों द्वारा की गई थी. जिसमे 7 से 8 टन प्रति हेक्टेयर एवरेज प्रोडक्शन फसल का रहा था".
परंपरागत छोड़कर आधुनिक खेती को बढ़ावा: उन्होंने बताया कि "बढ़ते मुनाफे को देखते हुए किसानों में भी उत्साह बढ़ गया है. 1 किसान से दूसरे किसान अंत्योदय केंद्र मेलो आदि के माध्यम से किसानों को इसके बारे में पता चलता है. गत वर्ष करीबन 400 किसानों द्वारा यह उत्पादन किया गया था. लेकिन इस बार करीब 450 से लेकर तकरीबन 500 के करीब किसानों द्वारा यह फसल उत्पादन का कर रहे है. हरियाणा सरकार अब झींगा की खेती करने वाले किसानों के लिए एक नया प्रोजेक्ट लेकर आ रही है. सिरसा जिला के किसान परंपरागत खेती छोड़कर आधुनिक खेती की और अग्रसर हो रहे हैं.
सिरसा में झींगा मछली पालन का क्रेज: मत्स्य विभाग के अधिकारी जगदीश कुमार ने बताया कि "झींगा मछली के प्रति सिरसा जिला के किसानों का रुझान बढ़ा है. जिले के किसान प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के तहत झींगा पालन व्यवसाय कर खुशहाल हो रहे है. पीएम का किसानों की आय दोगुनी करने का फार्मूला सिरसा जिला में साकार हुआ है. परम्परागत खेती को छोड़ मछली पालन से आय दुगुनी हो रही है. खारे पानी व कम पानी में इस व्यवसाय को अपना दूसरे किसानों के लिए प्रेरणादायक भी बन रहे हैं. हरियाणा सरकार और मत्स्य विभाग झींगा मछली को कामयाब बनाने के लिए जागरूक किसानों को कर रहे हैं. किसान मछली पालन के प्रति विशेष रुचि दिखा रहे हैं.
क्या है दाम: उन्होंने बताया कि "मत्स्य विभाग के अधिकारी निरंतर किसानों को झींगा की खेती के प्रति जागरूक कर रहे हैं. महिला किसानों को 60 प्रतिशत सब्सिडी सरकार की और से दी जाती है. पुरुष किसानों को 40 प्रतिशत सब्सिडी दी जाती है. कम पैसे में झींगा की खेती कर सिरसा जिला के सैंकड़ों किसान ज्यादा मुनाफा कमा रहे हैं. झींगा मछली सिरसा जिला में करीब 400 रुपए प्रति किलो के हिसाब से बिकती है. एक एकड़ में 4 हजार टन झींगा का उत्पादन होता है. हरियाणा सरकार किसानों की झींगा मछली की मार्केटिंग के लिए एक्वा पार्क एक्सीलेंस सेंटर के माध्यम से प्रोसेसिंग प्लांट लगा रही है. प्लांट लगाने के लिए मत्स्य विभाग जमीन की तलाश में जुटा हुआ है. किसान एक साल में दो बार झींगा की खेती कर सकते हैं".
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