श्रावणी मेला का समापन, लगभग 47 लाख श्रद्धालुओं ने बाबा बासुकीनाथ धाम में किया जलार्पण
दुमका में एक मास तक चले श्रावणी मेला का समापन हो गया. इसको लेकर जिला प्रशासन ने आंकड़ा प्रस्तुत किया.

Published : August 28, 2026 at 11:38 PM IST
दुमकाः बाबा बासुकीनाथ की नगरी में एक माह तक आस्था, सेवा और श्रद्धा का अद्भुत संगम देखने को मिला. देश के विभिन्न हिस्सों से पहुंचे लाखों श्रद्धालुओं की मौजूदगी के बीच राजकीय श्रावणी मेला महोत्सव 2026 का आज शुक्रवार को समापन हुआ.
पूरे एक माह में लगभग 47 लाख श्रद्धालुओं ने जलाभिषेक किया जबकि मंदिर को प्राप्त होने वाली आय 06 करोड रुपए से अधिक रही. खास बात यह भी रही कि इस वर्ष मेला जीरो कैजुअल्टी के साथ संपन्न हुआ.

जिला प्रशासन ने पेश किया आंकड़ा
इस मौके पर जिला प्रशासन ने मेला का लेखा जोखा प्रस्तुत किया. मेला अवधि के दौरान 46 लाख 95 हजार 605 श्रद्धालुओं ने बाबा बासुकीनाथ का जलार्पण किया. वहीं 1 लाख 07 हजार 318 श्रद्धालुओं ने शीघ्र दर्शनम के माध्यम से बाबा का दर्शन किया और 18 हजार डाक बम श्रद्धालुओं ने बाबा पर जल अर्पित किया.
जहां तक आमदनी की बात है तो मेला अवधि के दौरान बाबा बासुकीनाथ मंदिर में शीघ्र दर्शनम के 1,07,318 कूपन के माध्यम से 05 करोड़ 36 लाख 59 हजार रुपये, दान पेटी से 42 लाख 69 हजार 190 रुपये और अन्य स्रोतों से 02 लाख 92 हजार 972 रुपये प्राप्त हुए. गोलक से प्राप्त राशि 22 लाख 69 हजार 505 रुपये रही. इसके अतिरिक्त चांदी 8,159 ग्राम, सोना 15 ग्राम और अन्य मदों से प्राप्त राशि सहित कुल दर्ज आय 06 करोड़ 04 लाख 92 हजार 417 रुपये रही.

वहीं श्रद्धालुओं के परिजनों से बिछड़ने की स्थिति में सूचना सहायता कर्मियों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई. मेला अवधि में 21 हजार 763 बिछड़े श्रद्धालुओं को सूचना सहायता व्यवस्था के माध्यम से उनके परिजनों से मिलाया गया. श्रद्धालुओं के ठहरने के लिए आवासन की व्यवस्था के साथ-साथ मेला क्षेत्र में आवश्यक सूचनाएं उपलब्ध कराने के लिए विभिन्न सूचना माध्यमों का उपयोग किया गया. समापन समारोह के दौरान पूरे मेला के दौरान उत्कृष्ट कार्य करने वाले कर्मियों को सम्मानित किया गया.
समापन समारोह का हुआ आयोजन, उपायुक्त ने किया संबोधित
आज शुक्रवार को श्रावणी मेला समापन समारोह को संबोधित करते हुए उपायुक्त अभिजीत सिन्हा ने कहा कि यह पहला वर्ष है जब राजकीय श्रावणी मेला महोत्सव बेहतर ढंग से जीरो कैजुअल्टी के साथ संपन्न हुआ है. उन्होंने मेला के सफल आयोजन में सहयोग देने वाले सभी लोगों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस वर्ष मेला व्यवस्था में कई नए प्रयोग किए गए. इतनी बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं को सुगमतापूर्वक जलार्पण कराना बेहतर व्यवस्था और बेहतर समन्वय का परिणाम है.

उपायुक्त ने कहा कि जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन के सभी अधिकारियों, जवानों, स्वास्थ्य विभाग, विद्युत विभाग, एनडीआरएफ सहित सभी संबंधित विभागों ने पूरी प्रतिबद्धता के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन किया. सभी के सामूहिक प्रयास से पूरे माह चलने वाले इस विशाल धार्मिक आयोजन को सफलतापूर्वक संपन्न किया जा सका.

उन्होंने कहा कि लाखों श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़े इस आयोजन को सुरक्षित और सुगम बनाना जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में रहा. आने वाले वर्षों में मेला व्यवस्था को और बेहतर बनाने के लिए इस वर्ष के अनुभवों और सुझावों को भी ध्यान में रखा जाएगा.

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