रोहतक: बार काउंसिल के पूर्व चेयरमैन को कारण बताओ नोटिस, सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस के साथ साझा किया था मंच
रोहतक में बार काउंसिल ऑफ पंजाब एंड हरियाणा के पूर्व चेयरमैन डॉक्टर विजेंद्र सिंह अहलावत को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है.

Published : February 24, 2026 at 9:11 AM IST
रोहतक: सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस (सीजेआई) सूर्यकांत के साथ अभिनंदन समारोह में मंच साझा करने पर बार काउंसिल ऑफ पंजाब एंड हरियाणा के पूर्व चेयरमैन डॉक्टर विजेंद्र सिंह अहलावत को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है. काउंसिल की हाई पावर्ड इलेक्शन कमेटी ने इस बारे में अहलावत से जवाब मांगा है. दरअसल बार काउंसिल ऑफ पंजाब एंड हरियाणा के चुनाव के चलते आचार संहिता लागू है और अहलावत, काउसिल के सदस्य के तौर पर चुनाव लड़ रहे हैं. ऐसे में इलेक्शन कमेटी ने शिकायत के बाद पूर्व चेयरमैन को सीजेआई के साथ मंच साझा नहीं करने की हिदायत दी थी, लेकिन डॉक्टर विजेंद्र अहलावत ने सीजेआई के साथ ना केवल मंच साझा किया बल्कि उन्हें स्मृति चिन्ह भी भेंट किया था.
बार काउंसिल के पूर्व चेयमैन को कारण बताओ नोटिस: उल्लेखनीय है कि जिला बार एसोसिएशन रोहतक की ओर से सीजेआई सूर्यकांत के सम्मान में 14 फरवरी को अभिनंदन समारोह का निमंत्रण देने के लिए एसोसिएशन के पदाधिकारी तथा बार काउंसिल ऑफ पंजाब एंड हरियाणा के पूर्व चेयरमैन डॉक्टर विजेंद्र सिंह अहलावत खुद नई दिल्ली स्थित आवास गए थे. सीजेआई का कार्यक्रम तय हो गया. इसी दौरान जिला बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष लोकेंद्र फौगाट ने काउंसिल की हाई पावर्ड इलेक्शन कमेटी के पास शिकायत कर दी. जिसमें कहा गया कि काउंसिल के चुनाव के चलते आचार संहिता लागू है. ऐसे में सीजेआई के साथ डॉक्टर विजेंद्र अहलावत के मंच सांझा करने पर बार काउंसिल ऑफ पंजाब एंड हरियाणा के चुनाव पर सीधा प्रभाव पड़ेगा, ये चुनाव आचार संहिता का उल्लंघन भी है.
रोहतक बार काउंसिल की सदस्य ने दी शिकायत: काउंसिल की सदस्य का चुनाव लड़ रही एडवोकेट एवं जिला बार एसोसिएशन रोहतक की सदस्य अंजलि सहरावत ने भी कमेटी को शिकायत कर दी. जिसमें पूर्व चेयरमैन पर चुनाव आचार संहिता के दौरान नए चैंबर्स के अलॉटमेंट के फार्म वितरित करने व ग्रुप इंश्योरेंस स्कीम के सदस्य बनाने का लालच देने का आरोप लगाया गया. जिसके बाद बार काउंसिल की हाई पावर्ड इलेक्शन कमेटी के चेयरमैन रिटायर्ड जस्टिस रणजीत सिंह और सदस्य रिटायर्ड जस्टिस एमएमएस बेदी व एडवोकेट कुलजीत सिंह सिद्धू ने डॉक्टर विजेंद्र सिंह अहलावत को पत्र जारी कर सीजेआई के सम्मान में होने वाले अभिनंदन समारोह में मंच साझा नहीं करने की नसीहत दी.
कमेटी ने कहा था कि मंच साझा करने को चुनाव आचार संहिता का उल्लंघन माना जाएगा. इसलिए सीजेआई के साथ मंच साझा करने की इजाजत नहीं मिलनी चाहिए.
बार काउंसिल ऑफ पंजाब एंड हरियाणा के चुनाव का शेड्यूल: बता दें कि बार काउंसिल ऑफ पंजाब एंड हरियाणा के चुनाव 17 मार्च व 18 मार्च को होने हैं. 17 मार्च को चंडीगढ़ और 18 मार्च को पंजाब व हरियाणा में वोट डाले जाएंगे. काउंसिल की हाई पावर्ड इलेक्शन कमेटी ने 29 नवंबर 2025 को आचार संहिता लागू कर दी थी. बार काउंसिल की हाई पावर्ड इलेक्शन कमेटी की नसीहत के बावजूद पूर्व चेयरमैन डॉक्टर विजेंद्र सिंह अहलावत ने 14 फरवरी को कोर्ट कांप्लेक्स में सीजेआई सूर्यकांत के अभिनंदन समारोह में उनके साथ मंच साझा किया और बाकायदा उन्हें स्मृति चिन्ह भी भेंट किया.
तीन दिन के अंदर जवाब मांगा: कमेटी के चेयरमैन रिटायर्ड जस्टिस रणजीत सिंह और सदस्य रिटायर्ड जस्टिस एमएमएस बेदी व एडवोकेट कुलजीत सिंह सिद्धू ने डॉक्टर विजेंद्र सिंह अहलावत को 19 फरवरी को नोटिस जारी कर 3 दिन के अंदर जवाब मांगा. कमेटी की ओर से जारी नोटिस में दोनों शिकायत का उल्लेख किया गया है. शिकायत के आधार पर ही हवाला दिया गया है कि "डॉक्टर अहलावत चुनाव आचार संहिता लागू होने के बावजूद नए नए चैंबर के अलॉटमेंट के फार्म वितरित कर रहे हैं और ग्रुप इंश्योरेंस स्कीम के लिए सदस्य बना रहे हैं. इसके बदले में वोट मांग रहे हैं. यही नहीं वे कोर्ट कांप्लेक्स में अपनी दावेदारी का डिस्पले कर रहे हैं और बार एसोसिएशन रोहतक के आधिकारिक प्लेटफार्म पर भी वे उपलब्ध हैं."
'हताशा में की गई शिकायत': वहीं डॉक्टर विजेंद्र सिंह अहलावत का कहना है कि उन्होंने किसी भी प्रकार की आचार संहिता का उल्लंघन नहीं किया है. वे कानून को मानने वाले लोग हैं. अभी तक उन्हें शिकायत की कॉपी नहीं मिली है. शिकायत की कॉपी मिलने के बाद कमेटी को जवाब भेज दिया जाएगा. चुनाव प्रचार के दौरान आचार संहिता का पूरी तरह से पालन किया गया है. जहां तक शिकायतकर्ता की बात है कि उन पर बार काउंसिल व कोर्ट ने चुनाव लड़ने पर रोक लगा रखी है. इसलिए हताशा में शिकायत की गई है.

