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हमीरपुर जेल में स्टाफ की कमी, 570 कैदियों पर नजर रख रहे 31 जवान, चार वॉच टावर, तीन पर लगे ताले

वॉच टावरों पर प्रभावी निगरानी के लिए मुख्यालय को पत्राचार कर सिपाही उपलब्ध कराने की मांग की गई है.

जेल में स्टाफ की कमी के कारण वॉच टावरों पर लगे ताले.
जेल में स्टाफ की कमी के कारण वॉच टावरों पर लगे ताले. (Photo Credit; ETV Bharat)
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By ETV Bharat Uttar Pradesh Team

Published : January 6, 2026 at 8:18 PM IST

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हमीरपुर : कन्नौज जिला जेल से 22 फीट ऊंची दीवार फांदकर दो कैदी सोमवार को फरार हो गए. घटना के बाद प्रदेश भर की जेलों की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठने लगे हैं. वहीं हमीरपुर जिला जेल की हालत भी ठीक नहीं है. यहां न तो पर्याप्त स्टाफ है और न ही पुख्ता सुरक्षा.

हमीरपुर जिला जेल में कुल चार वॉच टावर बने हुए हैं, लेकिन इनमें से केवल एक वॉच टावर पर ही सुरक्षा कर्मी तैनात रहा. तीन वॉच टावरों पर ताले लगे थे. जेल गेट पर मौजूद एक हवलदार ने बताया कि पीछे की ओर चीर (सुरक्षित परिधि) की दिशा में तीन कर्मचारियों की तैनाती रहती है, लेकिन स्टाफ की भारी कमी बनी हुई है.

हमीरपुर जेल में स्टाफ की कमी. (Video Credit; ETV Bharat)

हवलदार ने बताया, अंदर इतनी ड्यूटी रहती है कि फोर्स कम पड़ जाती है. बंदी अक्सर बीमार हो जाते हैं, उन्हें अस्पताल ले जाने के लिए कम से कम छह पुलिसकर्मियों की जरूरत पड़ती है. कोई न कोई बंदी लगभग रोज अस्पताल जाता रहता है, जिससे उपलब्ध स्टाफ और भी कम हो जाता है. उन्होंने साफ कहा कि स्टाफ बेहद सीमित है, इसी कारण वॉच टावरों पर नियमित तैनाती संभव नहीं हो पा रही है.

जेल अधीक्षक मंजीव विश्वकर्मा ने बताया कि वर्तमान में हमीरपुर जिला जेल में कुल 570 बंदी निरुद्ध हैं. सुरक्षा और संचालन के लिए कुल 35 का स्टाफ तैनात है, जिसमें 31 पुलिस कर्मी, तीन जेलर और एक जिला जेल अधीक्षक शामिल हैं. उन्होंने बताया कि उपलब्ध पुलिस बल को जेल गेट, बैरकों और अन्य संवेदनशील स्थानों पर तैनात करना पड़ता है, जिस कारण सामने की ओर बने वॉच टावरों पर ड्यूटी नहीं लगाई जा सकी है.

जेल अधीक्षक का कहना है कि वॉच टावरों पर प्रभावी निगरानी के लिए अतिरिक्त पुलिस बल की आवश्यकता है. इस संबंध में मुख्यालय को पत्राचार कर सिपाही उपलब्ध कराने की मांग की गई है. फिलहाल सुरक्षा बनाए रखने के लिए नियमित चेकिंग और गश्त की जा रही है. इसी बीच मंगलवार को बरेली परिक्षेत्र के डीआईजी कुंतल किशोर जिला जेल का निरीक्षण किया. उन्होंने सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की और अधिकारियों को सतर्कता और मजबूत करने के निर्देश दिए.

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