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शूलिनी खड्ड के पानी का सैंपल फेल, 20 दिनों से पेयजल के लिए तरस रहे ग्रामीण! सोलन डीसी ने गठित की कमेटी

सोलन में प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने शूलिनी खड्ड के पानी का सैंपल लिया, जो जांच में फेल पाए गए.

शूलिनी खड्ड के पानी का सैंपल फेल
शूलिनी खड्ड के पानी का सैंपल फेल (ETV Bharat)
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By ETV Bharat Himachal Pradesh Team

Published : January 8, 2026 at 7:44 PM IST

3 Min Read
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सोलन: हिमाचल प्रदेश के जिला सोलन और जिला सिरमौर की सीमा पर स्थित शूलिनी खड्ड में इन दिनों कुछ होटल, शैक्षणिक संस्थानों और निजी उद्योगों द्वारा गंदा पानी खड्ड में छोड़ा जा रहा है, जिस कारण पिछले 18 से 20 दिनों से ग्रामीणों की पीने के पानी की सप्लाई पूरी तरह से बाधित है. इस मामले में प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड भी मौके से सैंपल ले चुका हैं, जो जांच में फेल पाए गए. जिसके बाद डीसी सोलन मनमोहन शर्मा ने इसमें एक कमेटी गठित की है, जो एक सप्ताह में इसकी विस्तृत रिपोर्ट उन्हें देगी.

होटलों और उद्योगों द्वारा छोड़ा जा शूलिनी खड्ड में गंदा पानी

वीरवार को सिरमौर जिला के पच्छाद ब्लॉक और कोटला पंजोला पंचायत के लोग डीसी कार्यालय सोलन पहुंचे. इस दौरान लोगों ने अपनी समस्या को डीसी सोलन के समक्ष रखा और मदद की गुहार लगाई. ग्रामीणों ने डीसी को बताया कि जिस खड्ड में होटलों, निजी उद्योगों द्वारा गंदा पानी छोड़ा जा रहा है, वहां से लोगों के लिए पीने के पानी की सप्लाई की जाती है. ऐसे में लोगों का जीना दुश्वार हो चुका है.

शूलिनी खड्ड के पानी का सैंपल फेल
शूलिनी खड्ड के पानी का सैंपल फेल (ETV Bharat)

वहीं, ग्रामीणों ने अपनी शिकायतों को लेकर डीसी सोलन मनमोहन शर्मा को ज्ञापन सौंपा. जिसमें उन्होंने शूलिनी खड्ड में गिरा जा रहे सीवरेज और गंदे पानी को तुरंत रोकने, दोषी संस्थानों और निजी उद्योगों पर कड़ी कार्रवाई करने और ग्रामीणों के लिए सुरक्षित पेयजल व्यवस्था शीघ्र सुनिश्चित करने की मांग की.

ग्रामीणों ने डीसी सोलन को ज्ञापन सौंपा.
ग्रामीणों ने डीसी सोलन को ज्ञापन सौंपा. (ETV Bharat)

'बीते 20 दिनों से वे लगातार पानी की समस्या से जूझ रहे हैं. शूलिनी खड्ड में लगातार फैक्ट्री, नर्सिंग कॉलेज और कुछ होटलों द्वारा गंदा पानी छोड़ा जा रहा है, जिस कारण खड्ड का पानी गंदा हो चुका है. वहीं, इसे देखते हुए जलशक्ति विभाग ने पानी की सप्लाई रोक दी है':- हेमराज कश्यप, प्रधान, कोटला पंजोला पंचायत

प्रधान ने कहा कि आज उन्हें मजबूरन डीसी सोलन से मुलाकात करनी पड़ी है. पानी की आपूर्ति बाधित होने से सैकड़ों ग्रामीण प्रभावित हैं. अब रोजमर्रा के कामकाज के साथ-साथ पशुओं के लिए भी पानी की भारी किल्लत हो चुकी है.

वहीं ग्रामीण सोहन लाल ने भी इस मामले में प्रशासन से आग्रह किया, 'इस समस्या की ओर ध्यान दिया जाए. ताकि जल्द से जल्द इसका निपटान किया जा सके'.

शूलिनी खड्ड में गिराया जा रहा गंदा पानी
शूलिनी खड्ड में गिराया जा रहा गंदा पानी (ETV Bharat)

डीसी सोलन मनमोहन शर्मा ने बताया, 'शूलिनी खड्ड में गंदे पानी के आने से ग्रामीणों के पीने की पानी की सप्लाई प्रभावित हो रही है. इस मामले में उन्होंने प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को मौके से सैंपल लेने के निर्देश दिए गए. प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने सैंपल भी लिए हैं, जो फेल पाए गए हैं. जिस उद्योग का सैंपल फेल पाया गया है, उसका बिजली कनेक्शन काटने के निर्देश दिए गए हैं. जब तक की वहां पर कोई उचित व्यवस्था नहीं की जाती है'.

उन्होंने कहा कि एक शैक्षणिक संस्थान और कुछ होटलों के भी खड्ड में गंदा पानी छोड़ने के बारे में उन्हें शिकायत मिली है. इसको लेकर एक कमेटी गठित की जा रही है, जो एक सप्ताह में उन्हें विस्तृत रिपोर्ट देगी. ताकि पानी गंदा ना हो और लोगों को कोई दिक्कत न हो.

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