श्योपुर के स्कूल की हकीकत, एक कमरे में 4 कक्षाएं संचालित, 80 में से केवल 3 बच्चे मिले
श्योपुर के सरकारी स्कूल में शिक्षा व्यवस्था की खुली पोल, 80 में से केवल 3 बच्चे ही पढ़ते हुए मिले, एक टीचर ड्यटी पर तैनात.

By ETV Bharat Madhya Pradesh Team
Published : March 1, 2026 at 2:43 PM IST
|Updated : March 1, 2026 at 3:38 PM IST
रिपोर्ट: धीरज कुमार
श्योपुर: शिक्षा के अधिकार अधिनियम के तहत भले ही मध्य प्रदेश के सभी स्कूलों में शिक्षकों की पर्याप्त व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए हैं. लेकिन श्योपुर जिले में शिक्षा मजाक बनी हुई है. कई स्कूल तो ऐसे हैं जहां एक टीचर के कंधे पर बच्चों का भविष्य टिका हुआ है. तो कहीं स्कूल में अंकित बच्चे स्कूल नहीं पहुंच रहे हैं. यानी कुल मिलाकर विकासखंड अधिकारी की मॉनिटरिंग की पोल खुलती यहां नजर आ रही है.
शिक्षा व्यवस्था की खुली पोल
श्योपुर जिले के इस स्कूल में व्यवस्थाएं गड़बड़ नजर आई. ईटीवी भारत टीम ने शनिवार को स्कूल की रियलिटी चेक की तो मामला कुछ अलग ही देखने को मिला. श्योपुर जिले के कराहल विकासखंड के मोराबन शासकीय हाई स्कूल में एक शिक्षक ड्यूटी पर तैनात मिला. दूसरी बात इस स्कूल में अंकित अनुरूप बच्चे नहीं मिले. केवल 3 बच्चे स्कूल में पढ़ते नजर आए. शिक्षक घबराया तो उसने उल्टा सीधा जवाब देना शुरू कर दिया. यानी शिक्षा व्यवस्था की पोल यहां खुलती नजर आई.
एक कमरे में 4 क्लासें संचालित
इस स्कूल में कुल 80 बच्चे अध्ययनरत हैं. पंरतु इस स्कूल में तीन बच्चे पढ़ाई करते हुए दिखाई दिए. इतना ही नहीं इस स्कूल में पदस्थ शिक्षक लखन आदिवासी घबरा गया. जब उनसे पूछा कि कितने बच्चे हैं तो बोले कि ऑफिस वहां पर है. उन्होंने बताया कि, ''इस क्लास में 80 बच्चे पढ़ते हैं.'' हैरानी बात यह है कि, स्कूल में अगर 80 बच्चे पढ़ाई करते हैं तो वह क्यों नहीं आ रहे हैं. स्कूल में बच्चों का नहीं पहुंचना, शिक्षकों का नदारद रहना और एक ही कमरे में पहली कक्षा से लेकर कक्षा 4 तक के बच्चों को पढ़ाया जाना प्रशासन की कार्यप्रणाली पर कई गंभीर प्रश्न चिह्न लगा रहे हैं.
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जिला शिक्षा अधिकारी एमएल गर्ग ने जानकारी देते हुए बताया कि, ''स्कूल में बच्चे और शिक्षक नहीं है यह गंभीर मामला है. अगर ट्राइबल ब्लॉक है तो हमारे नियंत्रण में नहीं है. शिक्षक को नोटिस जारी करेंगे और जवाब मांगेगे कि एक की कमरे में बच्चों को क्यों पढ़ाया जा रहा है. एक ही कमरे में बच्चों को पढ़ाना गलत है. मैं जांच करवा लेता हूं और इसकी जानकारी लेकर मामले की निष्पक्ष कार्रवाई करवाऊंगा.''

