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500 साल की छोटी काशी में शिवरात्रि की धूम, आज ब्यास तट पर होगी महाआरती

रोशनी, आस्था और संस्कृति का उत्सव, ऐतिहासिक शिवरात्रि के रंग में रंगी छोटी काशी मंडी.

Mahashivratri 2026
छोटी काशी मंडी में महाशिवरात्रि (ETV Bharat)
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By ETV Bharat Himachal Pradesh Team

Published : February 15, 2026 at 7:55 AM IST

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Updated : February 15, 2026 at 8:22 AM IST

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मंडी: हिमाचल प्रदेश के मंडी को छोटी काशी के नाम से जाना जाता है. इस साल मंडी अपने 500 वर्ष पूर्ण होने के ऐतिहासिक अवसर पर एक भव्य और अविस्मरणीय अंतरराष्ट्रीय शिवरात्रि महोत्सव की साक्षी बनने जा रही है. ये आयोजन न सिर्फ धार्मिक आस्था का प्रतीक है, बल्कि मंडी की सांस्कृतिक विरासत, देव परंपरा और लोक आस्था का जीवंत उत्सव भी है. इस विशेष अवसर को यादगार बनाने के लिए जिला प्रशासन, नगर निगम, विभिन्न सामाजिक संस्थाओं और स्थानीय लोगों ने पूरी ताकत झोंक दी है.

रंग-बिरंगी लाइटों से सजा बाबा भूतनाथ और पंचवक्त्र मंदिर

महाशिवरात्रि महोत्सव पर मंडी शहर के हर कोने में उत्सव का माहौल साफ झलक रहा है. छोटी काशी के प्राचीन मंदिरों, बाजारों और घाटों को दुल्हन की तरह सजाया गया है. रंग-बिरंगी और आकर्षक लाइटों से पूरा शहर जगमगा उठा है. विशेष रूप से बाबा भूतनाथ मंदिर और पंचवक्त्र मंदिर को भव्य विद्युत सज्जा से सजाया गया है, जो श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं. रात के समय जब ये मंदिर रोशनी में नहाए होते हैं, तो मंडी की सुंदरता देखते ही बनती है.

"मंडी के 500 वर्ष पूरे होना एक ऐतिहासिक पल का गवाह है. इसको लेकर प्रशासन द्वारा पूरी तैयारी की गई है. इस पल को और ऐतिहासिक बनाया जाए, इसको लेकर कार्य किया जा रहा है." - अपूर्व देवगन, डीसी मंडी

छोटी काशी मंडी में शिवरात्री की धूम (ETV Bharat)

ब्यास नदी के तट पर आज होगी महाआरती

शिवरात्रि महोत्सव के तहत पंचवक्त्र मंदिर के पास ब्यास नदी के तट पर आज शाम भव्य महाआरती का आयोजन किया जा रहा है. इस महाआरती में प्रदेश के उप-मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री सहित लगभग 3000 श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना है. ब्यास तट पर होने वाली यह आरती आध्यात्मिक ऊर्जा और भक्ति भाव से ओतप्रोत होगी, जिसमें दीपों की रोशनी, मंत्रोच्चार और नदी की कलकल ध्वनि एक अद्भुत वातावरण रचेंगे.

छोटी काशी मंडी में बड़ा देव कमरुनाग का आगमन

इसी बीच बड़ा देव कमरुनाग का शनिवार को छोटी काशी मंडी में आगमन हो चुका है. कमरुनाग देवता के आगमन को शिवरात्रि महोत्सव की औपचारिक शुरुआत का प्रतीक माना जाता है. उनके साथ-साथ मंडी जनपद और आसपास के क्षेत्रों से अन्य देवी-देवताओं का भी आगमन जारी है. देव मिलन की यह परंपरा सदियों पुरानी है, जो मंडी की पहचान को विशेष बनाती है. ढोल-नगाड़ों, पारंपरिक वेशभूषा और जयकारों के बीच देवताओं का नगर प्रवेश श्रद्धालुओं के लिए भावुक और आस्था से भरा क्षण होता है.

महोत्सव को लेकर प्रशासन ने पूरी की तैयारियां

वहीं, जिला प्रशासन ने सुरक्षा, यातायात, सफाई, स्वास्थ्य सेवाओं और श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए व्यापक इंतजाम किए हैं. 750 पुलिस जवान और स्वयंसेवकों की तैनाती, सीसीटीवी निगरानी, अस्थायी पार्किंग, पेयजल और चिकित्सा शिविरों की व्यवस्था की गई है, ताकि देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालु और पर्यटक बिना किसी असुविधा के इस महोत्सव का आनंद ले सकें. कुल मिलाकर, मंडी की 500 साल पुरानी यात्रा के इस ऐतिहासिक पड़ाव पर अंतरराष्ट्रीय शिवरात्रि महोत्सव श्रद्धा, संस्कृति और उत्सव का संगम बनकर उभर रहा है. यह आयोजन न केवल धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि पर्यटन और सांस्कृतिक पहचान को भी नई ऊंचाइयों तक ले जाने वाला सिद्ध होगा.

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Last Updated : February 15, 2026 at 8:22 AM IST