20 घंटे से पानी की टंकी पर चढ़ा युवक, पेट्रोल की बोतल भी साथ, क्यों जिद पर अड़ा शख्स?
शिवपुरी में युवक की मांग पूरी नहीं होने पर पानी की टंकी पर चढ़ा, 20 घंटे बाद भी नहीं उतरा नीचे,जागरूकता यात्रा निकालने की मांग.

By ETV Bharat Madhya Pradesh Team
Published : August 21, 2026 at 1:12 PM IST
|Updated : August 21, 2026 at 5:18 PM IST
शिवपुरी: पिछोर में अपनी मांग पूरी कराने के लिए एक छात्र पानी की टंकी पर चढ़ गया. गुरुवार दोपहर भौती मनपुरा निवासी युवक दिनेश सगर एसडीएम कार्यालय के सामने बनी पानी की टंकी पर चढ़ा था. शुक्रवार सुबह 11 बजे तक करीब 20 घंटे बाद भी युवक टंकी से नीचे नहीं उतरा. पुलिस और प्रशासन की टीम लगातार उसे समझाकर सुरक्षित नीचे उतारने का प्रयास कर रही है.
जागरूकता यात्रा की अनुमति को लेकर नाराज
दिनेश सगर ने 19 अगस्त को पिछोर एसडीएम को आवेदन देकर पिछोर विधानसभा क्षेत्र में 22 दिवसीय शिक्षा, स्वास्थ्य एवं सामाजिक परिवर्तन जागरूकता यात्रा निकालने की अनुमति मांगी थी. युवक के अनुसार यह यात्रा 20 अगस्त से शुरू होनी थी, लेकिन अनुमति को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं होने पर वह नाराज हो गया. जिसके बाद गुरुवार दोपहर वह एसडीएम कार्यालय पहुंचा और अपनी मांग को लेकर पानी की टंकी पर चढ़ गया. देखते ही देखते मौके पर लोगों की भीड़ जमा हो गई. पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने उसे नीचे उतरने के लिए काफी समझाया, लेकिन वह अपनी मांग पर अड़ा रहा.
बेटी को नहीं मिली पूरी किताबें, मध्याह्न भोजन भी खराब
बताया यह भी जा रहा कि दिनेश सगर ग्रेजुएट है. उसकी बेटी मनपुरा के सरकारी स्कूल में कक्षा 6वीं की छात्रा है. दिनेश सगर का आरोप है कि "चालू शैक्षणिक सत्र आधा बीतने को है, लेकिन उसकी बेटी को अब तक पूरी किताबें नहीं मिली हैं. इसके अलावा उसने सरकारी स्कूल में मिलने वाले मध्याह्न भोजन (Mid-Day Meal) की गुणवत्ता और शिक्षकों की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठाए हैं.
दिनेश का मानना है कि जब उसकी बेटी इन समस्याओं से जूझ रही है, तो पूरे जिले के अन्य बच्चों का भी यही हाल होगा. लिहाजा सरकारी स्कूलों और स्वास्थ्य केंद्रों की बदहाली से व्यथित होकर दिनेश ने गांव-गांव जाकर शिक्षा, स्वास्थ्य और सामाजिक सुधारों पर 22 दिनों की जन-जागरूकता यात्रा निकालने का फैसला लिया था.
गांव-गांव जागरूकता फैलाने का दावा
टंकी पर चढ़े युवक दिनेश सगर का कहना है कि प्रस्तावित यात्रा का उद्देश्य गांव-गांव जाकर युवाओं और विद्यार्थियों को शिक्षा, स्वास्थ्य एवं सामाजिक परिवर्तन के प्रति जागरूक करना है. युवक का दावा है कि यात्रा के दौरान ऐसा कोई काम नहीं किया जाना है, जो कानून के खिलाफ हो." बताया जा रहा है कि युवक के पास पेट्रोल से भरी बोतल भी थी. इसके चलते प्रशासन और पुलिस की चिंता बढ़ गई. देर रात तक अधिकारियों ने उसे समझाने का प्रयास किया, लेकिन वह नीचे नहीं उतरा.
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युवक को नीचे उतारने का प्रयास
वहीं मामले में पिछोर एसडीएम ममता शाक्य ने में बताया कि "युवक ने करीब 25 दिनों तक स्कूलों, अस्पतालों, आंगनबाड़ी केंद्रों सहित अन्य शासकीय संस्थानों के निरीक्षण की अनुमति मांगी थी. प्रशासन ने इस तरह के निरीक्षण की अनुमति देने से स्पष्ट रूप से इनकार कर दिया था. अनुमति नहीं मिलने के बाद युवक प्रशासन पर अपनी मांग स्वीकार करने का दबाव बना रहा था. इसी मांग को लेकर वह पानी की टंकी पर चढ़ गया. प्रशासन की ओर से युवक को समझाकर सुरक्षित नीचे उतारने के प्रयास किए जा रहे हैं."

