मध्य प्रदेश के अंतिम गांव छीपोल में 5 दिन से बिजली गुल, 80 घरों के लोग पी रहे नाले का पानी
शिवपुरी के छीपोल गांव में 80 घरों की बस्ती 5 दिन से नाले का पानी पीने को मजबूर, ग्रामीणों का आरोप, मध्य प्रदेश का आखिरी गांव है छीपोल, इसलिए सिस्टम की नजर में नहीं. रिपोर्ट यतीश मोनू प्रधान.

By ETV Bharat Madhya Pradesh Team
Published : August 23, 2026 at 1:48 PM IST
शिवपुरी: एक तरफ सरकार हर घर नल से जल पहुंचाने के बड़े-बड़े दावे कर रही है, तो दूसरी तरफ मध्य प्रदेश के अंतिम छोर पर बसे एक गांव की तस्वीरें इन दावों की पोल खोल रही हैं. शिवपुरी जिले की कोलारस जनपद पंचायत की ग्राम पंचायत कोटानाका के गांव छीपोल में बीते 5 दिनों से बिजली ठप होने के कारण 70 से 80 परिवारों की आबादी नाले का दूषित पानी पीने को मजबूर है.
छीपोल में 5 दिनों से बिजली गुल, नाले का पानी पीने को मजबूर 80 घरों को लोग
ग्रामीणों के अनुसार गांव में पेयजल का एकमात्र सहारा स्कूल परिसर में लगा हैंडपंप था. जब वह खराब हुआ तो प्रशासनिक अफसरों ने नया बोर करवाकर उसमें विद्युत मोटर डाल दी. नतीजा यह हुआ कि जैसे ही पिछले 5 दिनों से बिजली गुल हुई. गांव का एकमात्र पानी का जरिया भी बंद हो गया. गांव में बने नए स्वास्थ्य केंद्र भवन में बोरवेल तो करवा दिया गया है, लेकिन उसमें न तो हैंडपंप लगाया गया और न ही मोटर डाली गई. प्रशासनिक अनदेखी के कारण यह बोर केवल एक गड्ढा बनकर रह गया है और किसी काम नहीं आ रहा.
राजस्थान बॉर्डर से सटा मध्य प्रदेश का अंतिम गांव
छीपोल गांव राजस्थान बॉर्डर से सटा मध्य प्रदेश का अंतिम गांव है. गांव के बीचों-बीच से एक नाला गुजरता है, जिसमें खरई, सुजवाया, पिपराया कॉलोनी और कोटानाका का गंदा पानी आकर मिलता है. पानी का कोई अन्य साधन न होने से दोनों तरफ बसी आबादी इसी गंदे नाले से पानी भरने को विवश है. ग्रामीणों का कहना है कि सीमावर्ती और दूरस्थ गांव होने के कारण कोई भी अधिकारी उनकी सुध नहीं ले रहा है.
ग्रामीणों (रतनजू आदिवासी और मचला आदिवासी) ने मांग की है कि "स्कूल वाले बोर से मोटर हटाकर दोबारा हैंडपंप लगाया जाए ताकि बिजली न रहने पर भी पानी मिल सके. साथ ही अस्पताल परिसर के बोर में भी तुरंत हैंडपंप या मोटर लगाने की व्यवस्था की जाए." इस मामले में कोलारस एसडीएम शिवदयाल धाकड़ का कहना है "यदि ग्रामीण नाले का पानी पी रहे हैं तो बहुप्रसारित वीडियो मुझे भेज दें. मैं मामले को समझ लेता हूं और समस्या का समाधान जल्द से जल्द करवा दिया जाएगा."

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कोटा नाका के पंचायत सचिव भूपेंद्र गौड़ का कहना है "एक महीने पहले ही बोर करवाया गया है. बिजली न आने के कारण पानी नहीं मिल पा रहा होगा. नाले का पानी इतना गंदा है कि पिया ही नहीं जा सकता, ग्रामीण कुएं का पानी पीते हैं." मामले में जब जनपद सीईओ दिनेश शाक्य से फोन पर संपर्क करने की कोशिश की गई, तो उन्होंने फोन उठाना भी उचित नहीं समझा.
छीपोल में 80 घरों की बस्ती पांच दिन से नाले का पानी पीने को मजबूर
बिजली नहीं आने से गांव के स्कूल में लगवाया गया नया बोर नहीं दे रहा पानी
गांव में बने नए स्वास्थ्य केंद्र में बोर तो करवा दिया गया है, लेकिन न हेंडपंप डाला, न मोटर
ग्रामीणों का आरोप, मप्र का अंतिम गांव है छीपोल, इसलिए सिस्टम की नजर में नहीं

