शिमला स्कूल संचालिका हत्याकांड: पेशी के दौरान मुंह छिपाते दिखे दोनों शूटर, कोर्ट ने 7 दिन के पुलिस रिमांड पर भेजा
जैसे ही दोनों आरोपियों को अदालत परिसर में लाया गया, वहां मौजूद कुछ लोगों ने उनके खिलाफ नाराजगी जताई और नारेबाजी भी की.

By ETV Bharat Himachal Pradesh Team
Published : June 16, 2026 at 7:44 PM IST
शिमला: राजधानी शिमला के संजौली क्षेत्र में स्कूल संचालिका मनीषा मित्तल हत्याकांड मामले में पुलिस ने गिरफ्तार किए गए दोनों शूटरों को मंगलवार को कोर्ट में पेश किया. अदालत में पेशी के दौरान दोनों आरोपी मीडिया के कैमरों से अपना चेहरा छिपाते हुए नजर आए. वहीं, कोर्ट ने दोनों आरोपियों को सात दिन के पुलिस रिमांड पर भेज दिया है. अब पुलिस रिमांड के दौरान हत्या की पूरी साजिश, इसके पीछे की वजह और अन्य संभावित लोगों की भूमिका की जांच करेगी.
भारी सुरक्षा के बीच अदालत पहुंचे दोनों आरोपी
मंगलवार दोपहर करीब दो बजे पुलिस दोनों आरोपियों को जिला अदालत लेकर पहुंची. हत्याकांड को लेकर लोगों में भारी आक्रोश को देखते हुए अदालत परिसर और आसपास सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे. बड़ी संख्या में पुलिस जवानों की तैनाती की गई थी. जैसे ही दोनों आरोपियों को पुलिस सुरक्षा के बीच अदालत परिसर में लाया गया, वहां मौजूद कुछ लोगों ने उनके खिलाफ नाराजगी जताई और नारेबाजी भी की. हालांकि पुलिस ने तुरंत स्थिति को संभाला और दोनों आरोपियों को सुरक्षित अदालत कक्ष तक पहुंचाया.
कोर्ट ने 7 दिन के पुलिस रिमांड पर भेजा
अदालत में पेशी की प्रक्रिया काफी संक्षिप्त रही. करीब पांच मिनट की सुनवाई के बाद कोर्ट ने पुलिस की मांग को स्वीकार करते हुए दोनों आरोपियों को सात दिन के पुलिस रिमांड पर भेज दिया. इसके बाद पुलिस दोनों आरोपियों को अपने साथ ले गई. अब पुलिस पूछताछ के माध्यम से यह पता लगाने की कोशिश करेगी कि मनीषा मित्तल की हत्या की योजना कैसे बनाई गई और इस वारदात में किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका थी या नहीं.
दिनदहाड़े स्कूल गेट के पास हुई थी हत्या
बता दें कि 13 जून को संजौली स्थित सरस्वती पैराडाइज इंटरनेशनल स्कूल की संचालिका मनीषा मित्तल की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी. घटना उस समय हुई जब वह पास की दुकान से सामान लेकर वापस स्कूल लौट रही थीं. हमलावरों ने स्कूल गेट के पास उन पर फायरिंग की और मौके से फरार हो गए. घटना के बाद पूरे क्षेत्र में सनसनी फैल गई थी. पुलिस ने मामले की जांच शुरू की और करीब 40 घंटे के अंदर दोनों आरोपियों को हरियाणा के रोहतक से गिरफ्तार कर लिया.
फर्जी नंबर प्लेट लगाकर शिमला पहुंचे थे आरोपी
पुलिस जांच में सामने आया है कि दोनों आरोपी सफेद रंग की स्विफ्ट कार से शिमला पहुंचे थे. पुलिस से बचने और अपनी पहचान छिपाने के लिए उन्होंने गाड़ी पर हरियाणा की जगह हिमाचल की फर्जी नंबर प्लेट लगा रखी थी. पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की मदद से वाहन की पहचान की और आरोपियों तक पहुंच बनाई. गिरफ्तार आरोपियों की पहचान आशीष अहलावत (22 वर्ष) निवासी झज्जर और दीपक (25 वर्ष) निवासी रोहतक के रूप में हुई है. पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से वारदात में इस्तेमाल किए गए दो पिस्तौल भी बरामद किए हैं.
पहले ही जताया था जान का खतरा
मनीषा मित्तल की हत्या के बाद उनका एक पुराना वीडियो भी सामने आया था, जिसमें उन्होंने अपनी जान को खतरा बताया था. वीडियो में उन्होंने अपने भाई हिमांक मित्तल और उसके पार्टनर गोविंद से खतरा होने का दावा किया था. मनीषा ने पहले भी पुलिस से सुरक्षा की मांग करने की बात कही थी. अप्रैल महीने में उन्होंने पारिवारिक संपत्ति विवाद को लेकर शिमला में प्रेस कॉन्फ्रेंस भी की थी. उन्होंने स्कूल के मालिकाना हक और संपत्ति विवाद को लेकर गंभीर आरोप लगाए थे. फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी है. पुलिस का कहना है कि गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के बाद हत्या के पीछे की असली वजह और पूरी साजिश का खुलासा हो सकेगा. साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि इस वारदात में कोई और व्यक्ति शामिल था या नहीं.
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