नेपाली मजदूर हत्याकांड का पुलिस ने किया खुलासा, मामूली नोकझोंक में दो लोगों ने की बेरहमी से हत्या
नेपाली मजदूर मर्डर केस मामले में रोहड़ू पुलिस ने दो आरोपी को गिरफ्तार किया.

By ETV Bharat Himachal Pradesh Team
Published : February 23, 2026 at 9:06 PM IST
|Updated : February 23, 2026 at 9:16 PM IST
शिमला: हिमाचल प्रदेश के रोहड़ू उपमंडल के चिड़गांव थाना क्षेत्र में 17 फरवरी को एक नेपाली मजदूर की लाश खून से लथपथ हालत में मिली थी. अब पुलिस ने इस हत्याकांड का खुलासा करते हुए दो आरोपियों को जिला कुल्लू से गिरफ्तार किया है. दोनों आरोपी हत्या के बाद कसोल और मणिकर्ण क्षेत्र में छिपे हुए थे.
एसपी गौरव सिंह ने बताया, 'रोहड़ू में हुए हत्याकांड मामले में पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज के आधार पर जांच शुरू की और दो आरोपियों को पकड़ लिया है. यह दोनों आरोपी 17 तारीख को रोहड़ू पुलिस थाना में इनका वेरिफिकेशन हुआ था और जो जैकेट थाने में पहनी हुई थी. वही, जैकेट सीसीटीवी कैमरे में नजर आई, जिससे लोगों से पूछताछ और पुलिस जांच में यह आरोपी पाए गए. इन्हें गिरफ्तार कर लिया गया है और उनसे पूछताछ की जा रही है'.
पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार 18 फरवरी 2026 को 112 हेल्पलाइन के माध्यम से सूचना मिली कि बड़ियारा पुल के समीप पब्बर नदी (किलोचा नाला) में एक अज्ञात व्यक्ति का शव पड़ा है, जिससे काफी खून बह रहा था. शव के हाथ-पैर कपड़ों से बंधे हुए थे. सूचना मिलते ही थाना चिड़गांव पुलिस टीम और डीएसपी रोहड़ू मौके पर पहुंचे और घटनास्थल का निरीक्षण किया.
स्थानीय लोगों से पूछताछ के बाद मृतक की पहचान राकेश प्रताप उर्फ सेती राम कामी (36), निवासी नेपाल के रूप में हुई, जो बड़ियारा क्षेत्र में एक बागवान के यहां मजदूरी करता था. मामले में थाना चिड़गांव में अभियोग संख्या 16/2026 के तहत धारा 103, 3(5) बीएनएस के अंतर्गत केस दर्ज किया गया.
घटना की गंभीरता को देखते हुए फॉरेंसिक टीम (SFSL जुन्गा) और डॉग स्क्वायड को मौके पर बुलाया गया. पुलिस ने घटनास्थल से हत्या में प्रयुक्त पत्थर और खंजर सहित अन्य साक्ष्य कब्जे में लिए और आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले. जांच के दौरान सामने आया कि घटना वाले दिन मृतक को दो नेपाली मूल के व्यक्तियों के साथ देखा गया था.
गहन जांच, डिजिटल साक्ष्यों और खुफिया जानकारी के आधार पर पुलिस को पता चला कि 17 फरवरी को दोनों आरोपी राकेश प्रताप के कमरे में पहुंचे, जहां उन्होंने दिन में शराब पी. शाम को और शराब पीने के बहाने मृतक को पब्बर नदी किनारे किलोचा नाला ले गए, जहां मामूली कहासुनी के बाद उन्होंने तेजधार हथियार और पत्थरों से हमला कर उसकी निर्मम हत्या कर दी.
पहचान छिपाने के लिए आरोपियों ने मृतक के चेहरे को बुरी तरह क्षत-विक्षत कर दिया और उसका मोबाइल फोन भी गायब कर दिया. जांच के दौरान पुलिस ने प्रवासी मजदूर पंजीकरण रजिस्टर की जांच की, जिसमें दोनों संदिग्धों की पहचान हुई. आरोपियों की पहचान ललित राणा उर्फ लक्ष्मण राणा (20) और साहबीर लुवर (21), निवासी जिला जजरकोट (नेपाल) के रूप में हुई, जो हाल ही में देवीधार क्षेत्र में मजदूरी करने आए थे और घटना के बाद से लापता थे.
डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने दोनों आरोपियों की लोकेशन जिला कुल्लू के कसोल और मणिकर्ण क्षेत्र में ट्रेस की. 22-23 फरवरी की मध्यरात्रि को चिड़गांव पुलिस टीम ने कसोल में दबिश देकर दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया. पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से मृतक का मोबाइल फोन भी बरामद किया है. पुलिस मामले की हर पहलू से जांच कर रही है और आरोपियों से गहन पूछताछ जारी है.
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