दिल्ली पुलिस घटनाक्रम पर शिमला पुलिस ने क्या कहा? जानें किस पर हुई FIR
इस घटना के कारण बुधवार को पूरे दिन शिमला में तनाव का माहौल बना रहा.

By ETV Bharat Himachal Pradesh Team
Published : February 26, 2026 at 11:58 AM IST
|Updated : February 26, 2026 at 12:17 PM IST
शिमला: दिल्ली पुलिस और हिमाचल पुलिस के बीच हुए घटनाक्रम के बाद अब शिमला पुलिस ने आधिकारिक बयान जारी कर पूरे मामले पर अपना पक्ष रखा है. इस मामले में एक बड़ी बात यह भी सामने आई है कि केवल दिल्ली पुलिस ही नहीं, बल्कि हरियाणा पुलिस की टीम भी उसके साथ शिमला पहुंची थी. यानी पूरे घटनाक्रम में तीन राज्यों की पुलिस आमने-सामने आ गई थी. पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया है कि दिल्ली और हरियाणा पुलिस को किस आधार पर रोका गया और विवाद की स्थिति क्यों बनी.
कहां से शुरू हुआ विवाद?
शिमला पुलिस के अनुसार, 25 फरवरी की सुबह चांसुल रिजॉर्ट, चिरगांव से सूचना मिली कि कुछ लोग सिविल कपड़ों में आए और वहां ठहरे तीन व्यक्तियों को अपने साथ ले गए. शिकायत में यह भी कहा गया कि वे कुछ इलेक्ट्रॉनिक उपकरण, जैसे डिजिटल वीडियो रिकॉर्डर (DVR), भी साथ ले गए. साथ ही मौके पर बाहरी राज्यों के नंबर वाले वाहन देखे गए, जिससे मामला और संवेदनशील हो गया.
मामले की गंभीरता को देखते हुए शिमला पुलिस ने तुरंत कार्रवाई शुरू की. सोलन पुलिस के साथ समन्वय करते हुए संबंधित लोगों को शोघी, आईएसबीटी शिमला और धर्मपुर में रोका गया. जांच और वेरिफिकेशन के दौरान पता चला कि यह दिल्ली और हरियाणा पुलिस के कर्मियों की एक टीम थी, जो दिल्ली में दर्ज एक मामले में तीन व्यक्तियों को हिरासत में ले रही थी.
अदालत में पेशी और मेडिकल
शिमला पुलिस ने बताया कि पूरी कानूनी प्रक्रिया का पालन सुनिश्चित करने के लिए तीनों व्यक्तियों को स्थानीय न्यायालय में पेश किया गया. उनका चिकित्सीय परीक्षण रिपन अस्पताल, शिमला में कराया गया. इसके बाद एसीजेएम-II न्यायालय, शिमला ने लगभग 18 घंटे का ट्रांजिट रिमांड प्रदान किया. सभी औपचारिकताएं पूरी होने के बाद संबंधित पुलिस दल को दिल्ली रवाना होने की अनुमति दे दी गई.
अंबाला में फिर हुआ मेडिकल
दिल्ली पहुंचने से पहले आरोपियों को मेडिकल जांच के लिए अंबाला के सिविल अस्पताल भी लाया गया, जहां उनका विस्तृत मेडिकल परीक्षण किया गया. मेडिकल ऑफिसर डॉ. अनु बरवाल ने बताया कि दिल्ली पुलिस सुरक्षा के बीच तीनों को अस्पताल लेकर पहुंची थी. सभी आवश्यक मेडिकल औपचारिकताएं पूरी की गईं और आरोपियों की शारीरिक स्थिति का आकलन किया गया. डॉक्टरों के अनुसार, तीनों की हालत स्थिर पाई गई और किसी गंभीर स्वास्थ्य समस्या की पुष्टि नहीं हुई. मेडिकल प्रक्रिया पूरी होने के बाद दिल्ली पुलिस आरोपियों को आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए अपने साथ ले गई.
एफआईआर भी दर्ज
इस बीच, चांसुल रिजॉर्ट के मालिक की शिकायत पर थाना चिरगांव में संबंधित धाराओं के तहत दिल्ली से आई पुलिस टीम पर एफआईआर दर्ज की गई है. मामले की जांच जारी है. शिमला पुलिस का कहना है कि इस मामले में हर कदम कानून के दायरे में रहकर उठाया गया.
VIDEO | Shimla: A jurisdiction dispute has erupted after the Delhi Police detained three Youth Congress workers in connection with an AI Summit protest pic.twitter.com/H7o7eaYOb8
— Press Trust of India (@PTI_News) February 25, 2026
क्या है पूरा मामला?
दिल्ली पुलिस बुधवार को एक जांच के सिलसिले में हिमाचल पहुंची थी. बताया गया कि दिल्ली में दर्ज केस के तहत कुछ आरोपियों की तलाश में टीम शिमला जिले के रोहड़ू क्षेत्र गई और तीन लोगों को हिरासत में लिया. यह मामला AI इंपैक्ट सम्मिट के दौरान यूथ कांग्रेस के प्रदर्शन से जुड़ा बताया जा रहा है. दिल्ली पुलिस का कहना है कि प्रदर्शन में शामिल तीन युवा कांग्रेस कार्यकर्ता रोहड़ू के एक होटल में ठहरे हुए थे. जब दिल्ली पुलिस आरोपियों को लेकर वापस जा रही थी, तो रास्ते में हिमाचल पुलिस ने उन्हें रोक लिया. इसके बाद दोनों राज्यों की पुलिस आमने-सामने आ गई और देर रात तक तनाव की स्थिति बनी रही. रात भर दिल्ली पुलिस के अधिकारी आरोपियों के साथ शिमला और शोघी बैरियर के बीच घूमते रहे. अंततः अदालत से ट्रांजिट रिमांड मिलने के बाद गुरुवार सुबह करीब 6:30 बजे दिल्ली पुलिस तीनों आरोपियों को लेकर शिमला से दिल्ली के लिए रवाना हुई.

