PWD मंत्री विक्रमादित्य की गाड़ी का वकीलों ने करवाया चालान, जानें क्यों हुआ विवाद?
शिमला में सील्ड रोड परमिट विवाद गहराता नजर आ रहा है. परमिट के विरोध में वकीलों ने धरना-प्रदर्शन किया.

By ETV Bharat Himachal Pradesh Team
Published : June 2, 2026 at 3:16 PM IST
|Updated : June 2, 2026 at 3:34 PM IST
शिमला: हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला के सील्ड रोड पर परमिट विवाद गहराता जा रहा है. शिमला के वकील सील्ड रोड पर परमिट का विरोध कर रहे हैं. इसको लेकर आज उन्होंने शिमला में विरोध प्रदर्शन किया. इस दौरान सील्ड रोड पर एक बड़ा घटनाक्रम सामने आया है. दरअसल, सील्ड रोड पर लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह की निजी गाड़ी जा रही थी, जिसका वकीलों ने विरोध किया और पुलिस से मंत्री की गाड़ी का चालान करने को कहा. वकीलों के दबाव के कारण पुलिस ने मंत्री की कार का चालान किया. वहीं, गाड़ी में पूर्व प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष प्रतिभा सिंह सवार थीं.
दरअसल, सील्ड रोड पर परमिट व्यवस्था को लेकर शिमला में एडवोकेट लगातार प्रदर्शन कर रहे हैं. साथ ही वकीलों ने सील्ड रोड से गुजर रही कई गाड़ियों को रोका और उनके परमिट की जांच की मांग उठाई. इस दौरान सील्ड रोड पर शिल्ली चौक के पास पहुंचे लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह की निजी गाड़ी की वकीलों ने परमिट की जांच करने की मांग की. वहीं, परमिट को लेकर बढ़ते विवाद के बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए मंत्री की गाड़ी का चालान किया. इस दौरान गाड़ी में विक्रमादित्य की मां प्रतिभा सिंह सवार थीं.
क्या है सील्ड रोड परमिट विवाद?
दरअसल, शिमला के सील्ड रोड पर बिना परमिट किसी भी गाड़ी की आवाजाही प्रतिबंधित है. अगर कोई गाड़ी बिना परमिट इस रोड पर एंट्री करती है तो उसका चालान काटा जाता है. वहीं, परमिट के लिए पहले ली जाने वाली फीस में भी बढ़ोतरी की गई है. वकीलों को विरोध इस बात पर है कि पहले बार काउंसिल के सदस्यों से सील्ड रोड पर गाड़ी ले जाने पर उन्हें कोई परमिट फीस नहीं देना पड़ता था, लेकिन अब उनसे भी फीस ली जा रही है. जिससे वकील ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है. आज अपनी मांगों को लेकर शिमला में वकीलों ने विरोध-प्रदर्शन किया और सचिवालय का घेराव किया.
वकील खुद सील्ड रोड पर खड़े हो गए है और सरकारी गाड़ियों के चालान करवाने के लिए पुलिस पर दबाव बनाने लगे. वहीं, पुलिस कर्मी भी मजबूरी में मंत्री और अधिकारियों की गाड़ी का चालान कर रहे है. वकीलों का कहना है कि यदि उनकी गाड़ियों के चालान हो सकते है तो अधिकारियों और नेताओ की गाड़ियों का चालान क्यों नहीं हो सकता?
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