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शिमला में सफाई व्यवस्था पर संकट, एस्मा लगने के बाद भी नहीं माने नगर निगम के कर्मी

शिमला में सफाई व्यवस्था ठप हो सकती है! वेतन वृद्धि की मांग को लेकर 800 सैहब कर्मचारियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू.

सेहब कर्मियों की हड़ताल
सेहब कर्मियों की हड़ताल (ETV Bharat)
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By ETV Bharat Himachal Pradesh Team

Published : May 15, 2026 at 1:35 PM IST

3 Min Read
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शिमला: शिमला शहर की स्वच्छता व्यवस्था पर बड़ा संकट गहराता नजर आ रहा है. नगर निगम शिमला के तहत कार्यरत 800 सैहब कर्मचारियों ने अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी है. ऐसे में शहर की सफाई व्यवस्था प्रभावित होने के साथ-साथ शिमला की स्वच्छता रैंकिंग में भी भारी गिरावट आने की आशंका जताई जा रही है. आज शहर में सुबह घरों से कूड़ा नहीं उठा. सैहब का कोई भी कर्मी काम पर नही आया और नगर निगम कार्यालय के बाहर सीटू के बैनर तले धरना प्रदर्शन किया. कर्मी वेतन में दस फीसदी वृद्धि की मांग कर रहे हैं. हड़ताल पर जाने पर नगर निगम ने एस्मा लगा दिया है.

SEHB कर्मचारी यूनियन के अध्यक्ष का कहना है कि उन्हें नियमों के मुताबिक 10 फीसदी वेतन बढ़ोतरी मिलनी चाहिए, लेकिन लंबे समय से उनकी मांगों को अनदेखा किया जा रहा है. उन्होंने आरोप लगाया कि कई बार प्रशासन और संबंधित अधिकारियों के समक्ष अपनी मांगें रखी गईं, लेकिन अब तक कोई ठोस समाधान नहीं निकला. इसी वजह से कर्मचारियों ने अब आर-पार की लड़ाई लड़ने का फैसला लिया है.

सेहब कर्मियों की हड़ताल (ETV Bharat)

SEHB कर्मचारियों ने जिला प्रशासन द्वारा लागू किए गए ESMA को भी वापस लेने की मांग उठाई है. कर्मचारियों का कहना है कि वो अपने अधिकारों की लड़ाई लड़ रहे हैं और सरकार दबाव बनाकर उनकी आवाज दबाने की कोशिश कर रही है. प्रदर्शन कर रहे कर्मचारियों ने साफ शब्दों में कहा कि वो अपनी मांगों के लिए नौकरी गंवाने तक के लिए तैयार हैं, लेकिन पीछे हटने वाले नहीं हैं. इस हड़ताल का असर शहर की सफाई व्यवस्था पर साफ दिखाई देने लगा है. आज लोगों के घरों से रोज़ की तरह कूड़ा नहीं उठाया गया. शहर के कई इलाकों में कूड़ा उठान प्रभावित हो सकता है. स्वच्छता सर्वेक्षण के महत्वपूर्ण समय में शुरू हुई यह हड़ताल नगर निगम प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बन सकती है. वहीं, स्थानीय लोगों ने भी चिंता जताई है कि यदि जल्द समाधान नहीं निकला, तो शहर में गंदगी बढ़ सकती है और इसका सीधा असर पर्यटन नगरी शिमला की छवि पर पड़ेगा. अब सबकी नजर प्रशासन और कर्मचारियों के बीच होने वाली संभावित वार्ता पर टिकी हुई है.

वहीं, जिला दंडाधिकारी ने हिमाचल प्रदेश आवश्यक सेवाएं अनुरक्षण अधिनियम (ESMA), 1973 के तहत मिले अधिकारों का उपयोग करते हुए कर्मचारियों द्वारा किसी भी प्रकार की हड़ताल या आंदोलन करने पर प्रतिबंध लगाया है. साथ ही कहा गया है कि कर्मचारी सेवा अवधि के दौरान जारी वैध आदेशों की अवहेलना न करें और बिना उचित कारण ड्यूटी से अनुपस्थित न रहें. आदेशों की अनुपालना न करने वाले कर्मचारियों पर एस्मा के तहत कानूनी कार्रवाई होगी. यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू कर दिए गए हैं और अगले आदेश तक प्रभावी रहेंगे.

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