शिमला में बहन की हत्या की साजिश रचने वाले को रोहतक कोर्ट में किया गया पेश, ट्रांजिट रिमांड की गई मंजूर
मनीषा मित्तल की हत्या मामले में शिमला पुलिस आरोपी भाई को गिरफ्तार कर ट्रांजिट रिमांड पर पूछताछ के लिए शिमला लेकर गई.

Published : July 1, 2026 at 8:56 PM IST
रोहतक: शिमला के बहुचर्चित मनीषा सरस्वती मित्तल हत्याकांड की साजिश रचने वाले छोटे भाई हिमांक मित्तल को हिमाचल प्रदेश पुलिस ने बुधवार को रोहतक कोर्ट में पेश किया. कोर्ट ने हत्या आरोपी भाई का ट्रांजिट रिमांड मंजूर कर लिया, जिसके बाद हिमाचल प्रदेश पुलिस की टीम ने आरोपी को एंबुलेंस में अपने साथ ले गई. कोर्ट में पेश करने से पहले आरोपी का रोहतक के सिविल अस्पताल में मेडिकल परीक्षण कराया गया.
कई दिन से रोहतक में ही डेरा डाले हुए थी हिमाचल पुलिसः एक जून को रोहतक में एक हमले में हिमांक मित्तल घायल हो गया था. हिमाचल प्रदेश पुलिस की 3 टीम कई दिन से रोहतक में ही डेरा डाले हुए थी. इस हत्याकांड में हिमांक के एक दोस्त व 2 शूटर्स को पुलिस पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है. गौरतलब है कि 13 जून को शिमला के सरस्वती पैराडाइज स्कूल के गेट पर मूलरूप से रोहतक निवासी मनीषा सरस्वती मित्तल की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी. हत्या के बाद सीसीटीवी कैमरे की फुटेज भी सार्वजनिक हुई थी, जिसमें पीछे एक शूटर मनीषा को गोली मारता हुआ नजर आया था.
40 घंटे के अंदर ही दोनों शूटर्स गिरफ्तारः हिमाचल प्रदेश पुलिस ने हत्या के 40 घंटे के अंदर ही दोनों शूटर्स झज्जर जिला के दुजाना गांव निवासी आशीष अहलावत और रोहतक जिला के सुनारिया खुर्द निवासी दीपक को गिरफ्तार कर लिया था. इन शूटर्स को पुलिस रिमांड पर लेने के बाद खुलासा हुआ कि मनीषा हत्याकांड का मुख्य साजिशकर्ता उसका रोहतक में रहने वाला छोटा भाई हिमांक मित्तल ही है. दरअसल हिमांक का बहन मनीषा के साथ स्कूल के मालिकाना हक को लेकर विवाद चल रहा था. हिमांक ने अपने दोस्त गोविंद के जरिए सुपारी देकर यह हत्या करवाई थी.
माता-पिता की हो चुकी है संदिग्ध मौतः हत्या के कुछ दिन पहले मनीषा सरस्वती मित्तल ने एक वीडियो सोशल मीडिया पर पोस्ट किया था, जिसमें छोटे भाई हिमांक मित्तल पर गंभीर आरोप लगाए गए थे. हिमांक व मनीषा के पिता धर्मपाल मित्तल व मां नूतन मित्तल की संदिग्ध मौत के बाद वर्ष 2020 से ही दोनों भाई-बहन के बीच शिमला के स्कूल को लेकर विवाद शुरू हो गया था.
मनीषा ने 2007 में एक डॉक्टर से की थी लव मैरिज: धर्मपाल मित्तल ने वर्ष 1979 में रोहतक में एमएस सरस्वती स्कूल की स्थापना की थी. फिर वर्ष 2005 में शिमला में सरस्वती पैराडाइज स्कूल शुरू किया. स्कूल की प्रबंधन समिति पर कब्जे को लेकर मनीषा व हिमांक के बीच विवाद था. पुलिस जांच में यह भी बात सामने आई है कि मनीषा ने वर्ष 2007 में रेवाड़ी के एक डॉक्टर से लव मैरिज की थी, जिसका हिमांक ने विरोध किया था. शादी के बाद दोनों भाई-बहन के बीच बातचीत बंद हो गई थी.
शूटर्स को मनीषा की जानकारी मुहैया कराई थी: शिमला की एएसपी मेहर पंवार ने बताया कि "हत्या को अंजाम देने वाले शूटर्स आशीष अहलावत और दीपक को 10 दिन के रिमांड पर लिया गया था, जिसके बाद हिमांक मित्तल व उसके दोस्त गोविंद का हत्याकांड की साजिश रचने का खुलासा हुआ. मनीषा मित्तल पिछले कुछ समय से शिमला में ही रह रही थी. हिमांक के पास सरस्वती पैराडाइज स्कूल के सीसीटीवी कैमरों की पहुंच थी. वह मोबाइल फोन के जरिए ही बहन की आवाजाही पर नजर रख रहा था. गोविंद के माध्यम से उसने दोनों शूटर्स को मनीषा की जानकारी मुहैया कराई थी. गोविंद ने वारदात में इस्तेमाल कार किराए पर लेकर दोनों शूटर्स को उपलब्ध करवाई थी. इसके अलावा उसने एक शूटर दीपक को पैसे भी ट्रांसफर किए थे. हत्या से 2 दिन पहले गोविंद खुद विदेश फरार हो गया था. विदेश से लौटने के बाद उसने अपना मोबाइल फोन बंद कर दिया और छिपने का प्रयास करता रहा."
शूटर्स को 20 हजार रुपए अकाउंट में ट्रांसफर के सबूतः पुलिस जांच में यह भी बात सामने आई है कि हत्या से कुछ दिन पहले हिमांश मित्तल ने गोविंद के अकाउंट में करीब साढ़े 8 लाख रुपए ट्रांसफर किए थे. उसने शूटर्स को करीब 20 हजार रुपए बैंक अकाउंट के माध्यम से ट्रांसफर किए, जबकि लगभग 50 हजार रुपए नकद दिए गए. बाद में पुलिस ने गोविंद को गिरफ्तार कर लिया, एएसपी ने बताया कि "हिमांक के बेड रीडन होने के कारण 28 जून को ही रोहतक में गिरफ्तार करके पुलिस हिरासत में रखा गया था. बुधवार सुबह हिमाचल प्रदेश पुलिस ने रोहतक स्थित घर से हिमांक मित्तल को गिरफ्तार कर पहले सिविल अस्पताल में मेडिकल परीक्षण कराया. इसके बाद रोहतक कोर्ट में पेश कर ट्रांजिट रिमांड हासिल कर एंबुलेंस में शिमला लेकर चली गई."

