शिमला के ऐतिहासिक जाखू मंदिर का बदलेगा स्वरूप, 5.67 करोड़ से होगा जीर्णोद्धार, श्रद्धालुओं को मिलेंगी ये सुविधाएं
जीर्णोद्धार परियोजना के तहत मंदिर परिसर में कई अहम कार्य किए जाएंगे. जिससे श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी.

By ETV Bharat Himachal Pradesh Team
Published : January 9, 2026 at 7:00 PM IST
|Updated : January 9, 2026 at 7:52 PM IST
शिमला: शिमला की सबसे ऊंची पहाड़ी पर स्थित ऐतिहासिक जाखू हनुमान मंदिर जल्द ही नए स्वरूप में नजर आएगा. वर्षों से श्रद्धालुओं की बढ़ती भीड़ और पुरानी व्यवस्थाओं के चलते मंदिर परिसर को आधुनिक सुविधाओं से लैस करने की जरूरत महसूस की जा रही थी. अब प्रदेश सरकार ने जाखू मंदिर के जीर्णोद्धार प्रोजेक्ट को सैद्धांतिक मंजूरी देकर इस दिशा में बड़ा कदम उठाया है. इस प्रोजेक्ट से न सिर्फ मंदिर का सौंदर्य बढ़ेगा, बल्कि श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं भी मिलेंगी.
5.67 करोड़ से होगा भव्य जीर्णोद्धार
प्रदेश सरकार ने जाखू मंदिर जीर्णोद्धार परियोजना को सैद्धांतिक मंजूरी दे दी है. इस प्रोजेक्ट की अनुमानित लागत 5 करोड़ 67 लाख 14 हजार 944 रुपये तय की गई है. अब इस प्रस्ताव को नगर निगम शिमला के माध्यम से मंत्रिमंडल की अंतिम मंजूरी के लिए भेजा जाएगा. सरकार ने स्पष्ट किया है कि इस पूरे प्रोजेक्ट का खर्च श्री हनुमान जी मंदिर न्यास जाखू अपने संसाधनों से वहन करेगा.

पिछले कुछ वर्षों में जाखू मंदिर में आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या में लगातार बढ़ोतरी हुई है. देश-विदेश से पर्यटक और श्रद्धालु यहां दर्शन के लिए पहुंचते हैं. मौजूदा बुनियादी ढांचे पर लगातार बढ़ते दबाव के कारण मंदिर न्यास को कई बार व्यवस्थागत परेशानियों का सामना करना पड़ता है. इसी को देखते हुए व्यापक जीर्णोद्धार की योजना बनाई गई.
प्रोजेक्ट में क्या-क्या होगा शामिल?
उपायुक्त शिमला अनुपम कश्यप ने बताया कि जीर्णोद्धार परियोजना के तहत मंदिर परिसर में कई अहम कार्य किए जाएंगे. इनमें यज्ञशाला का निर्माण, शू हाउस का विकास, भंडारा भवन का जीर्णोद्धार, हनुमान जी की प्रतिमा के सामने क्षेत्र का विस्तारीकरण, पार्क का नवीनीकरण, मंदिर कार्यालय का जीर्णोद्धार और कीर्तन भवन में रेलिंग का कार्य शामिल है. इसके अलावा सार्वजनिक शौचालयों की मरम्मत भी की जाएगी.

श्रद्धालुओं को मिलेंगी ये सुविधाएं
परियोजना के अंतर्गत मंदिर परिसर में छह नई दुकानें भी बनाई जाएंगी, जिससे श्रद्धालुओं को पूजा सामग्री और अन्य जरूरी वस्तुएं आसानी से मिल सकें. साथ ही बच्चों के लिए एक छोटा पार्क भी विकसित किया जाएगा, जिससे परिवार के साथ आने वाले श्रद्धालुओं को अतिरिक्त सुविधा मिलेगी. प्रोजेक्ट के अनुसार मंदिर परिसर में एक भव्य यज्ञशाला का निर्माण किया जाएगा. यह यज्ञशाला मंडप शैली में बनेगी, जिसमें वेदों के अनुसार 16 स्तंभ, 32 रूफ सपोर्टिंग कॉलम, वेदी, तोरण, ध्वज और पताका शामिल होंगी. पूरा निर्माण कार्य हिंदू संस्कृति और पारंपरिक स्थापत्य शैली के अनुरूप होगा.

श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए एक नया शू हाउस भी बनाया जाएगा, जिसका क्षेत्रफल लगभग 2241 वर्ग मीटर होगा. इसमें काउंटर, शू रैक और टोकन व्यवस्था होगी. इसके अलावा करीब 40 लाख रुपये की लागत से पार्किंग का निर्माण भी प्रस्तावित है, जिससे जाखू मंदिर में लंबे समय से चली आ रही पार्किंग समस्या से राहत मिलेगी.
उपायुक्त अनुपम कश्यप ने बताया कि परियोजना को लेकर सभी आवश्यक औपचारिकताएं जल्द पूरी की जाएंगी. निर्माण कार्य शुरू होने के बाद मंदिर परिसर में आधुनिक सुविधाएं विकसित की जाएंगी, ताकि भविष्य में श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े.

क्या है जाखू मंदिर का इतिहास?
मंदिर के पुजारी बीपी शर्मा के अनुसार, राम-रावण युद्ध के दौरान लक्ष्मण के मूर्छित होने पर हनुमान जी संजीवनी बूटी लाने हिमालय की ओर निकले थे. इसी दौरान उन्होंने जाखू पहाड़ी पर तपस्या कर रहे यक्ष ऋषि से संजीवनी बूटी का मार्ग पूछा और यहां विश्राम किया था. इसी ऐतिहासिक घटना के कारण जाखू मंदिर का धार्मिक महत्व अत्यंत विशेष माना जाता है.
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