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सुपर स्पेशलिटी अस्पताल का कमाल, बिना चीर-फाड़ किया ये जटिल ऑपरेशन, PGI जाने का झंझट खत्म!

अब चमियाना अस्पताल में यह सुविधा शुरू होने से मरीजों को प्रदेश से बाहर नहीं जाना पड़ेगा. इससे समय और खर्च दोनों की बचत होगी.

AIIMS SHIMLA SUPER SPECIALITY
चमियाना अस्पताल में बिना चीर-फाड़ हुआ ये जटिल ऑपरेशन (AIMSS CHAMIANA)
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By ETV Bharat Himachal Pradesh Team

Published : February 16, 2026 at 9:06 PM IST

3 Min Read
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शिमला: हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला स्थित चमियाना सुपर स्पेशलिटी अस्पताल ने एक बार फिर उन्नत स्वास्थ्य सेवाओं का उदाहरण पेश किया है. यहां गैस्ट्रोएंटरोलॉजी विभाग की टीम ने बिना पेट चीरे दो जटिल पैंक्रियाटाइटिस मरीजों का सफल उपचार किया. आधुनिक एंडोस्कोपिक अल्ट्रासाउंड तकनीक की मदद से यह जटिल प्रक्रिया पूरी की गई. इलाज के बाद दोनों मरीज स्वस्थ हैं और उन्हें अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है.

क्या थी मरीजों की समस्या?

अस्पताल में भर्ती एक 30 वर्षीय महिला और एक पुरुष मरीज पैंक्रियाटाइटिस की जटिल समस्या से पीड़ित थे. इस बीमारी में अग्न्याशय में सूजन के कारण पेट के अंदर तरल पदार्थ या मवाद जमा हो जाता है. महिला मरीज के पेट में काफी मात्रा में द्रव जमा हो गया था, जिससे उसका पेट दब गया था और वह खाना नहीं खा पा रही थी. उसे लगातार उल्टियां हो रही थीं. वहीं पुरुष मरीज के पेट में भी कई जगह तरल पदार्थ जमा हो गया था, जिसके कारण वह सामान्य रूप से भोजन नहीं कर पा रहा था.

बिना ओपन सर्जरी किया गया उपचार

डॉक्टरों की टीम ने एंडोस्कोपिक अल्ट्रासाउंड (EUS) गाइडेड सिस्टोगैस्ट्रोस्टोमी प्रक्रिया के जरिए दोनों मरीजों का उपचार किया. यह एक आधुनिक तकनीक है जिसमें एंडोस्कोपी और अल्ट्रासाउंड इमेजिंग को मिलाकर शरीर के अंदर की स्थिति को वास्तविक समय में देखा जाता है. इसके माध्यम से पेट में जमा द्रव को सुरक्षित तरीके से बाहर निकाला गया. इस पूरी प्रक्रिया में मरीज का पेट नहीं चीरना पड़ा, जिससे जोखिम कम हुआ और रिकवरी भी तेज रही.

यह सफल उपचार अस्पताल के प्रिंसिपल और गैस्ट्रोएंटरोलॉजी विभागाध्यक्ष डॉ. बृज शर्मा के नेतृत्व में किया गया. उनकी टीम में डॉ. राजेश शर्मा, डॉ. विशाल बोध, डॉ. आशीष चौहान, डॉ. जगरूप, डॉ. नवीन, डॉ. यशदीप, डॉ. नलिन सहित अन्य सहयोगी स्टाफ शामिल रहे. टीम के समन्वित प्रयास से दोनों मरीजों को सुरक्षित और प्रभावी इलाज मिला.

प्रदेश में ही उपलब्ध हुई उन्नत सुविधा

पहले इस तरह की जटिल प्रक्रिया के लिए मरीजों को पीजीआई चंडीगढ़ या अन्य बड़े संस्थानों में भेजना पड़ता था. अब चमियाना अस्पताल में यह सुविधा शुरू होने से मरीजों को प्रदेश से बाहर जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी. इससे समय और खर्च दोनों की बचत होगी. अस्पताल के गैस्ट्रोएंटरोलॉजी विभाग में हाल ही में कोलेंजियोस्कोपी प्रक्रिया भी शुरू की गई है. इस तकनीक से पित्त नलिकाओं की सीधे जांच की जा सकती है, बड़ी पथरी को एंडोस्कोपिक तरीके से तोड़ा जा सकता है और आवश्यकता पड़ने पर बायोप्सी भी ली जा सकती है. चमियाना अस्पताल की यह उपलब्धि हिमाचल प्रदेश में सुपर स्पेशलिटी स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है.

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