ईरान-अमेरिकी युद्ध: शिया महासभा का खामेनेई की मौत पर तीन दिन का शोक, जयपुर में पैदल मार्च
खामेनेई की मौत से जयपुर और अजमेर के शिया समुदाय में मातम. जयपुर में विरोध प्रदर्शन तो अजमेर में तीन दिन का शोक का ऐलान.

Published : March 1, 2026 at 2:28 PM IST
अजमेर/जयपुर: ईरान के सुप्रीम लीडर आयतुल्लाह अली खामेनेई की मौत से जयपुर और अजमेर के शिया समुदाय में मातम छा गया. खामेनेई की मौत अमेरिकी और इजरायली हमले में हुई थी. अजमेर के निकट दौराई क्षेत्र में शिया समुदाय की मस्जिद में खामेनेई की रूह की शांति के लिए शोकसभा हुई. राजस्थान शिया महासभा ने खामेनेई की मौत को शहादत माना और तीन दिन शोक रखने का ऐलान किया. उधर, राजधानी जयपुर में शिया समुदाय रविवार शाम सड़कों पर उतरा और अमेरिका और इजरायल के खिलाफ प्रदर्शन किया.
तीन दिन का शोक: राजस्थान शिया महासभा ने खामेनेई की मौत पर तीन दिवसीय शोक की घोषणा की. महासभा के महासचिव सैय्यद आसिफ अली ने कहा कि यह घटना शिया समुदाय ही नहीं, बल्कि पूरी इस्लामी दुनिया के लिए गहरे दुख का विषय है. महासभा ने सभी अनुयायियों से अपील की कि वे तीन दिन शोक मनाएं. किसी भी प्रकार के उत्सव से दूर रहें. इस अवधि में अजमेर के कई क्षेत्रों में शोकसभाएं की जाएंगी.
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शोकसभा में आंखें नम: अजमेर के दोराई क्षेत्र स्थित दरगाह हजरत अब्बास अलैहिस्सलाम और तारागढ़ की दरगाह शरीफ में बड़ी संख्या में शिया समुदाय के लोग एकत्र हुए. सभाओं में कुरआन ख्वानी की. दुआएं पढ़ीं. खामेनेई की याद में मातम किया. लोगों की आंखें नम दिखी. मौलाना सैय्यद काजिम अली जैदी और मौलाना इरफान हैदर ने शोकसभा में कहा कि खामेनेई की शहादत इस्लामी क्रांति और मुस्लिम उम्मत के संघर्ष के लिए बड़ी क्षति है. मौलाना ने समुदाय से एकजुट रहने और भाईचारा मजबूत करने के साथ खामेनेई के सिद्धांतों पर चलने का आह्वान किया. अजमेर में दौराई, तारागढ़, रूपनगढ़ के साथ राजस्थान में जहां भी शिया आबादी है, वहां तीन दिन मातम रहेगा.

अजमेर तारागढ़ में दरगाह कमेटी के सचिव सैयद रब नवाज जाफरी ने बताया कि ईरान में सुप्रीम लीडर ख़ामेनेई पर अमेरिका और इजरायल ने कायराना हमला किया. जिसमें उनकी मौत हो गई इसकी घोर निंदा की गई. उन्होंने कहा कि ख़ामेनेई धर्म गुरु थे. यह हमला जंग के उसूलों के भी खिलाफ है. इससे मुस्लिम समुदाय में रोष व्याप्त है. इसके विरोध में तारागढ़ में पूरी तरह से बाजार बंद रहा. उन्होंने बताया कि इमाम बारगाह में मौलाना सैयद नकी मेंहदी जैदी साहब ने संबोधित किया. वही कौम के लोगों ने काली पट्टी बांधकर विरोध भी जताया है. इसके बाद जुलूस के रूप में कौम के लोग एक साथ जुलूस के रुप में मीरा साहब की दरगाह पहुंचे.
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अब तक का सबसे कायराना कृत्य: उधर, राजधानी जयपुर की शिया जामा मस्जिद के इमाम सैयद नाजिश अकबर काजमी ने ईटीवी भारत से विशेष बातचीत में अमेरिका-इजरायल के ईरान पर हमले को अब तक का सबसे कायराना कृत्य बताया. काजमी ने कहा कि यह काम ईरान भी कर सकता था, लेकिन ईरान कायर नहीं है. एक तरफ अमेरिका टेबल पर आकर ईरान से बातचीत करने की बात करता है, दूसरी तरफ ऐसा कायराना हमला करता है.
फिलिस्तीन के लिए सबसे ज्यादा आवाज उठाई: काजमी ने कहा कि फिलीस्तीन के लिए सबसे पहले आवाज अयातुल्लाह खामेनेई ने ही उठाई थी. फिलिस्तीन में लाखों लोगों को मार दिया गया लेकिन किसी की हिम्मत नहीं हुई कि अमेरिका के खिलाफ आवाज बुलंद करे, लेकिन खामेनेई ने ही उनके खिलाफ आवाज बुलंद की थी. अमेरिका-इजरायल की इस हरकत के खिलाफ आज शाम जयपुर में शिया समुदाय बड़ा आंदोलन करेगा. काजमी ने कहा कि खामेनेई की मौत से दुनिया भर में गम है. जगह जगह प्रदर्शन हो रहे हैं. खामेनेई से जो लोग मोहब्बत करते हैं, वे प्रदर्शन कर रहे हैं. उनकी आवाज लोगों के दिलों में हमेशा जिंदा रहेगी.
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जयपुर में शिया समुदाय का पैदल मार्च: राजधानी जयपुर में शिया समुदाय के लोग रविवार शाम 4:30 बजे सुभाष चौक स्थित शिया इमामबाड़े पर एकत्र हुए. हाथों में तख्तियां और बैनर लेकर प्रदर्शनकारी सुभाष चौक सर्किल पहुंचे. वहां पर जमकर प्रदर्शन किया. शिया समुदाय के लोगों ने अपने गम का भी इजहार किया. कहा कि अमेरिका ने हमारे सर्वोच्च नेता की हत्या कर दी. बच्चे, बड़े और बुजुर्ग रो-रोकर खुदा से खामेनेई की मगफिरत की दुआ कर रहे थे. ये पैदल मार्च करते हुए दिल्ली रोड स्थित शिया जामा मस्जिद पहुंचे. यहां इमाम सैयद नाजिम अकबर काजमी ने कहा कि रमजान जैसे पवित्र माह में भी अचानक हमला कर अमेरिका ने बेगुनाह लोगों की हत्या की है. अमेरिका के विरोध में पूरी दुनिया के अमनपसंद लोगों को खड़े होना होगा. इस मामले में ईरान चुप नहीं बैठेगा. अमेरिका और इजराइल को भारी कीमत चुकानी पड़ेगी. आगामी दिनों में भी शिया समुदाय की बैठक कर बड़े स्तर पर आंदोलन करेगा. उन्होंने केंद्र सरकार से इस मामले में दखल देने की मांग की.


