यूपी के कई शहरों में शिया समुदाय का शांतिपूर्ण विरोध, ज्ञापन देकर खामनेई हत्या का किया विरोध
अमेरिका और इजरायल के ईरान पर हमले को लेकर लखनऊ और रायबरेली सहित कई शहरों और जिलों में सभाएं कर विरोध जताया गया.

By ETV Bharat Uttar Pradesh Team
Published : March 4, 2026 at 7:21 AM IST
लखनऊ/ रायबरेली: शियों के नायब इमाम और ईरान के सुप्रीम लीडर आयतुल्लाह अली खामनेई की हत्या के बाद यूपी के कई हिस्सों में प्रदर्शन और विरोध जारी है. इसको लेकर लखनऊ और रायबरेली सहित कई शहरों और जिलों में सभाएं कर विरोध जताया गया.
अमेरिका और इजरायल के ईरान पर साझा हमले जारी हैं. वहीं यूपी सहित भारत के सभी राज्यों में अमेरिका और इज़रायल के खिलाफ विरोध जारी है.
इसी कड़ी में रायबरेली के नसीराबाद कस्बे मे आज शिया समुदाय के लोगों ने शन्तिपूर्वक तरीके से विरोध जताते हुए उप जिलाधिकारी के माध्यम से राष्ट्रपति को सम्बोधित ज्ञापन सौंपा. नसीराबाद कस्बे के अली शहीद में इस दौरान नायब तहसीलदार ने एसडीएम की ओर से ज्ञापन लिया.
इस दौरान एसओ नसीराबाद भी मौजूद रहे। यहाँ की क़र्बला अली शहीद में इकठ्ठा हुए शिया सामुदाय के लोगों ने ज्ञापन देने के बाद कहा कि हम लोग उनकी शहादत से दुखी हैं. साथ ही जिस तरह से अंतर्राष्ट्रीय सन्धियों को अनदेखा कर अमेरिका और इज़राइल ने उनकी ह्त्या की है वह स्वीकार्य नहीं है.
इस दौरान ज्ञापन देने मे शामिल रहे धर्म गुरु मोहम्मद हसन जाफरी ने कहा कि आयतुल्लाह अली खामनेई की शहादत पर हम लोग इस लिए दुखी नहीं है कि वह ईरान के सुप्रीम लीडर थे. उन्होंने कहा कि पूरी दुनिया के शिया उनकी शहादत पर इसलिए दुखी हैं. जिस प्रकार हिन्दू भाइयों मे गुरु शिष्य की परम्परा है उसी प्रकार हमारे यहाँ तकलीद का रिवाज है.
उन्होंने कहाकि हमारे यहाँ आयतुल्लाह की पदवी धारण करने वाले धर्म गुरु की तकलीद या गुरु शिष्य परम्परा में होना हमारे धार्मिक विश्वास का अंग है. ईरान के सुप्रीम लीडर आयतुल्लाह पदवी धारक थे और हम शियों के गुरु भी, इसलिए उनकी शहादत हमारे लिए दुख का कारण है.
ये भी पढ़ें - खामेनेई की मौत पर गम-गुस्सा; लखनऊ में तीन दिन के लिए बंद हुए ऐतिहासिक इमामबाड़े, अलीगढ़ में कैंडल मार्च

