13 दिनों तक गायब रही निर्वा, चीता और भेड़-हिरण के शिकार से मिला सुराग, तकनीक से जंगल में वापसी
कूनो नेशनल पार्क से गायब मादा चीता निर्वा खेतों में मिली, 13 दिनों तक चली खोजबीन. नई सैटेलाइट कॉलर आईडी पहनाया. रिपोर्ट धीरज बलोथिया.

By ETV Bharat Madhya Pradesh Team
Published : September 3, 2026 at 9:23 AM IST
|Updated : September 3, 2026 at 9:35 AM IST
श्योपुर: कूनो नेशनल पार्क से 20 अगस्त से लापता मादा चीता निर्वा की तलाश आखिर 13 दिन बाद खत्म हो गई. जिस निर्वा की लोकेशन सैटेलाइट कॉलर से अचानक मिलना बंद हो गई थी. कूनो नेशनल पार्क से लगे रिहायशी इलाके के खेतों में स्वस्थ हालत में मादा चीता घूमती हुई दिखाई दी. वन विभाग की टीम ने उसे ट्रेस कर सुरक्षित रेस्क्यू किया और स्वास्थ परीक्षण करने के बाद नई सैटेलाइट कॉलर आईडी लगाकर फिर कूनो नेशनल पार्क के जंगल में छोड़ दिया. बुधवार की देर रात कूनो नेशनल पार्क के डीएफओ एवं डिप्टी डायरेक्टर आर थिरुकुरल ने इसकी जानकारी दी है.
13 दिनों बाद थमी तलाश
निर्वा के गायब होने के बाद से ही कूनो प्रबंधन के सामने सबसे बड़ा सवाल था कि आखिर मादा चीता निर्वा कहा चली गई. कॉलर से सिग्नल बंद था, लेकिन टीम लगातार मादा चीता की तलाश कर रही थी. जंगल के अंदर और जंगल के बाहर रिहायशी इलाके में उसकी तलाश जारी थी.
भेड़ और हिरण के शिकार से मिला सुराग
निर्वा की तलाश के लिए वन विभाग की 5 टीमें गश्त कर रही थी. ड्रोन से खेतों और संभावित ठिकानो की निगरानी भी की जा रही थी. जबकि सीसीटीवी कैमरों से भी उसकी गतिविधि का सुराग लगाया जा रहा था. तलाशी के दौरान एक भेड़ और एक हिरण के शिकार के आसपास मादा चीता निर्वा की मौजूदगी के संकेत मिले. इन संकेतों से टीमों को यह अंदाजा लगाने में मदद की कि निर्वा अभी आसपास के क्षेत्र में ही हो सकती है. इसके बाद सर्च ऑपरेशन का दायरा और बढ़ाया गया.
खेतों में घूमते नजर आई निर्वा
तलाश अभियान में कूनो नेशनल पार्क प्रबंधन ने एक ओर अहम रणनीति अपनाई और टीमों ने दूसरे चीते की गतिविधियों पर नजर रखी. अन्य चीतों के व्यवहार और मूवमेंट से यह समझने की कोशिश की गई कि वे निर्वा की मौजूदगी या गंध को महसूस कर किस दिशा में जा रहे हैं. इन्हीं सुरागों को जोड़ते हुए टीमों ने आखिरकार वह जगह तलाश की, जहां निर्वा रिहायशी क्षेत्र के खेतों में घूम रही थी. मादा चीता निर्वा के खेतों में घूमने के वीडियो भी सामने आए हैं. जिसमें वह सामान्य रूप से विचरण करती भी नजर आई. उसके बाद वन विभाग और चिकित्सक की टीम ने उसकी हर गतिविधि पर निगरानी रखने के बाद उसका परीक्षण भी किया.
नई सैटेलाइट कॉलर से हर गतिविधि पर नजर
मादा चीता निर्वा की लोकेशन अब दोबारा गायब न हो, इसके लिए चिकित्सकों ने उसे बेहोश किया और पुरानी कॉलर आईडी हटाकर नई सैटेलाइट कॉलर आईडी पहनाई गई. स्वास्थ जांच पूरी होने के बाद निर्वा को दोबारा कूनो नेशनल पार्क में छोड़ दिया गया. अब वन विभाग की टीम कॉलर के जरिए उसकी हर गतिविधि और लोकेशन पर लगातार नजर भी रख रही है.
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कूनो नेशनल पार्क डिप्टी डायरेक्टर आर थिरुकुरल ने बुधवार की देर रात प्रेस नोट जारी कर बताया, "20 अगस्त 2026 को मादा चीता निर्वा अपने शावकों से अलग होने के बाद से उसकी तलाश की जा रही थी. निर्वा के गले में लगा सैटेलाइट कॉलर ठीक से काम नहीं कर रहा था. शावकों से अलग होने के बाद वह रेडियो रेंज से बाहर चली गई. जिससे उसकी लोकेशन ट्रेस नहीं हो पा रही थी. निर्वा की तलाश में 50 से ज्यादा वनकर्मियों और अधिकारियों की 5 टीमें लगातार जुटी हुई थी. बुधवार वन विभाग की टीमों ने रेडियो सिग्नल के जरिए उसकी पहचान की और टीम ने उसे सफलता पूर्वक रेस्क्यू कर लिया.

