कूनो नेशनल पार्क में दर्जा प्राप्त मंत्री और डिप्टी कलेक्टर भिड़े, पार्क में एंट्री को लेकर हुआ विवाद
श्योपुर के कूनो नेशनल पार्क में दर्जा प्राप्त राज्यमंत्री सीताराम आदिवासी को नहीं मिली एंट्री, डिप्टी कलेक्टर ने प्रोटोकॉल का हवाला देकर गेट पर रोका.

By ETV Bharat Madhya Pradesh Team
Published : February 28, 2026 at 7:59 PM IST
श्योपुर: बोत्स्वाना से 9 चीतों का तीसरा बड़ा जत्था शनिवार को कूनो नेशनल पार्क पहुंच गया है. इसमें से 3 चीतों को केंद्रीय वन मंत्री भूपेंद्र यादव ने रिलीज कर दिया. इस दौरान बीजेपी सांसद शिव मंगल सिंह तोमर, जिला अध्यक्ष शशांक भूषण, पूर्व विधायक रामनिवास रावत सहित अन्य कार्यकर्ता मौजूद रहे. हालांकि, दर्जा प्राप्त राज्यमंत्री सीताराम आदिवासी को प्रोटोकॉल का हवाला देकर पार्क में एंट्री नहीं दी गई, जिसे लेकर मंत्री और डिप्टी कलेक्टर विजय शाक्य के बीच विवाद हो गया. करीब आधे घंटे के इंतजार के बाद मंत्री को बाहर से ही लौटना पड़ा.
कूनो नेशनल पार्क में मंत्री की एंट्री पर रोक
श्योपुर के कूनो नेशनल पार्क में बोत्सवाना से 9 चीते हेलीकॉप्टर द्वारा लाए गए. केंद्रीय वन मंत्री भूपेंद्र यादव द्वारा पार्क में ऑफिशियली 3 चीतों को छोड़ा गया. इस खास मौके पर बीजेपी सांसद शिव मंगल सिंह तोमर और जिला अध्यक्ष शशांक भूषण सहित कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे. इसमें शामिल होने के लिए दर्जा प्राप्त राज्यमंत्री सीताराम आदिवासी भी पहुंचे. लेकिन उन्हें डिप्टी कलेक्टर द्वारा प्रोटोकॉल का हवाला देकर गेट पर ही रोक दिया गया. इससे नाराज होकर मंत्री और डिप्टी कलेक्टर भिड़ गए. 30 मिनट के इंतजार के बाद भी सीताराम आदिवासी को एंट्री नहीं मिली तो वह वापस लौट आए.
आदिवासियों को अपमानित करने का आरोप
दर्जा प्राप्त राज्यमंत्री सीताराम आदिवासी ने आरोप लगाते हुए कहा, "मैं राज्य मंत्री हूं. हमारी कोई इज्जत नहीं है. मेरे साथ सरपंच और मंडल अध्यक्ष जा रहा है और कोई नहीं जा रहा था. शासन प्रशासन हमारी है. सबकुछ होते हुए भी हमारी कोई बेइज्जती हो रही है. कलेक्टर और पुलिस खड़ी है उसके बाद भी जाने नहीं दिया गया. हम आदिवासी हैं इसी लिए हमारा अपमान करते हैं. क्या हम बॉर्डर पर लड़ाई करने जा रहे हैं? यह हमारे आदिवासियों की बेइज्जती है. हम मंत्री हैं, हमें परमिशन की क्या जरूरत है? इस क्षेत्र से मैं चुनाव लड़ता हूं. यह मेरे अंडर में आता है. डिप्टी कलेक्टर विजय शाक्य ने मुझे रोक कर कहा कि मैं नहीं जाने दूंगा. मैं आदिवासी वर्ग से हूं इसलिए मेरा अपमान किया गया है."

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डिप्टी कलेक्टर विजय शाक्य ने प्रोटोकॉल का हलवा देते हुए कहा, "हम किसी को रोक नहीं रहे हैं बल्कि प्रोटोकॉल का पालन कर रहे हैं. जिसका नाम है उन्हें ही अंदर जाने दिया जा रहा है. जिनके नाम नहीं हैं उन्हें कूनो नेशनल पार्क के अंदर प्रवेश करने नहीं दिया जा रहा है."

