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'हैलो' बोलने गांव से करते हैं कई किलोमीटर का सफर, नेटवर्क की तलाश में श्योपुर के बड़े बूढ़े

श्योपुर के ग्राम कलमी की चौंकाने वाली तस्वीर, मोबाइल नेटवर्क के लिए छोड़ना पड़ता है गांव, टावर की उठी डिमांड. धीरज कुमार की रिपोर्ट.

SHEOPUR NETWORK PROBLEMS
पढ़ाई, स्वास्थ्य और बैंकिंग से कटा कमली गांव (ETV Bharat)
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By ETV Bharat Madhya Pradesh Team

Published : June 29, 2026 at 5:12 PM IST

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Updated : June 29, 2026 at 5:29 PM IST

4 Min Read
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श्योपुर: आज का दौर डिजिटल क्रांति का दौर है. शिक्षा, स्वास्थ्य, बैंकिंग, सरकारी योजनाएं और रोजमर्रा की जिंदगी इंटरनेट पर निर्भर हो चुकी है. लेकिन श्योपुर जिले का कलमी गांव आज भी मोबाइल नेटवर्क जैसी बुनियादी सुविधा से वंचित है. यहां ग्रामीणों को एक कॉल करने, ऑनलाइन पढ़ाई करने, बैंक का काम निपटाने या आपातकालीन स्थिति में मदद मांगने के लिए दूसरे गांव करीब 9 किलोमीटर दूर जाकर सहारा लेना पड़ता है.

सिग्नल के लिए जाना पड़ता है शहर
सवाल यह है कि, जब पूरा देश डिजिटल युग की ओर बढ़ चुका है तो आखिर जिला मुख्यालय से करीब 22 किलोमीटर दूर कलमी गांव अब तक विकास की इस दौड़ से क्यों पीछे छूट गया है. यहां ग्रामीणों की जेब में मोबाइल तो है पंरतु उनको सिग्नल पाने के लिए गांव छोड़कर या तो श्योपुर शहर का रुख करना पड़ता है या फिर 9 किलोमीटर दूर गोरस गांव का रुख करना पड़ता है.

मोबाइल नेटवर्क के लिए छोड़ना पड़ता है गांव (ETV Bharat)

आजाद के बाद से नहीं पहुंचा नेटवर्क
ग्रामीणों का कहना है कि, गांव में नेटवर्क की समस्या सालों से नहीं बल्कि देश आजाद हुआ है तब से यही हालात है. लेकिन अबतक इसका स्थाई समाधान नहीं हो सका है. इलाके में मोबाइल के सिग्नल नहीं आते जिससे ग्रामीणों को देश और दुनिया में संपर्क और इंटरनेट जैसी बुनियादी सुविधा से वंचित होना पड़ रहा है.

ग्रामीणों के मुताबिक, नेटवर्क की समस्या तब और गंभीर हो जाती है जब किसी को तत्काल चिकित्सा सहायता की जरूरत होती है. किसी मरीज की तबीयत बिगड़ने दुर्घटना होने या अन्य आपातकालीन स्थिति में समय पर एंबुलेंस या संबंधित अधिकारियों से संपर्क नहीं हो पाता. कई बार ग्रामीणों को नेटवर्क की तलाश में गांव से बाहर 9 किलोमीटर दूर जाना पड़ता है. जिससे उनका समय भी बर्बाद होता है.

KALMI VILLAGE NETWORK crisis
मोबाइल नेटवर्क के लिए 9 किमी सफर करते हैं ग्रामीण (ETV Bharat)

बैंकिंग और खेती पर पड़ रहा असर
कलमी गांव में मोबाइल नेटवर्क की समस्या केवल बातचीत तक सीमित नहीं है. बल्कि यह अब ग्रामीणों की आजीविका पर भी सीधा असर डाल रही है. गांव के किस मौसम की ताजा जानकारी, सरकारी कृषि योजनाओं, फसल पंजीयन, ई-केवाईसी और मंदिरों के ताजा भाव जैसी महत्वपूर्ण सूचनाओं से समय पर वंचित रह जाते हैं. इसका असर खेती किसानी के फैसलों और किसानों की आय पर भी पड़ रहा है.

No Internet Impact On Education
श्योपुर के ग्राम कलमी की चौंकाने वाली तस्वीर (ETV Bharat)

ऑनलाइन सुविधा से दूर हुए ग्रामीण
मजदूर वर्ग और छोटे व्यापारी भी नेटवर्क नहीं होने के कारण डिजिटल भुगतान, ऑनलाइन बैंकिंग और ऑनलाइन लेनदेन की सुविधाओं का पूरा लाभ नहीं उठा पा रहे हैं. भुगतान के लिए उन्हें दूसरे गांव जाना पड़ता है. ऑनलाइन क्लास अध्ययन सामग्री प्रतियोगी परीक्षाओं के फॉर्म और अन्य शैक्षणिक गतिविधियां इंटरनेट पर निर्भर है लेकिन कमजोर या अनुपस्थित नेटवर्क के कारण छात्रों को पढ़ाई में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है.

कलमी गांव निवासी भागचंद गुर्जर ने बताया कि, ''आजादी के बाद से यहां नेटवर्क नहीं है. भयंकर परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. जरूरी कॉल करने के लिए 8 से 9 किलोमीटर दूर जाना पड़ता है. प्रशासन से मांग है कि हमारे गांव में टावर लगवाया जाए. बहुत ज्यादा परेशानी आ रही है.'' पशु पालक मिट्ठू ने बताया कि, ''हमारे गांव कलमी में नेटवर्क नहीं आते. नेटवर्क के लिए हमें गांव छोड़ना पड़ता है, तब जाकर नेटवर्क आता है. शासन से मांग है कि यहां टावर लगाया जाए.''

ईटीवी भारत ने कलेक्टर शीला दाहिमा को उनके मोबाइल नंबर पर कॉल कर जानकारी ली तो उन्होंने कहा कि, ''BSNL कंपनी को टावर लगाने की अनुमति 3-4 दिन पहले दी है. जल्द गांव में टावर लग जाएगा फिर ग्रामीणों को परेशानी नहीं होगी.''

Last Updated : June 29, 2026 at 5:29 PM IST