फोकट और घंटा शब्द पर भड़की कांग्रेस, कैलाश विजयवर्गीय के इस्तीफे की मांग की
श्योपुर में कांग्रेस का मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के खिलाफ विरोध प्रदर्शन, पत्रकार से अभद्रता मामले में तत्काल इस्तीफा देने की मांग की.

By ETV Bharat Madhya Pradesh Team
Published : January 3, 2026 at 4:10 PM IST
श्योपुर: शुक्रवार शाम को श्योपुर में जिला कांग्रेस कमेटी ने मध्य प्रदेश सरकार के मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के खिलाफ कड़ा विरोध प्रदर्शन किया. यह प्रदर्शन इंदौर में हुई घटना और पत्रकारों के लिए अशोभनीय शब्द के इस्तेमाल के विरोध में किया गया है. इस दौरान कांग्रेसियों ने मंत्री विजयवर्गीय का पुतला दहन कर मुर्दाबाद के नारे भी लगाए. कांग्रेस विधायक बाबू जंडेल ने मंत्री विजयवर्गीय के बयान को लोकतंत्र और पत्रकारों पर हमला बताया है.
'पद से इस्तीफा दें कैलाश विजयवर्गीय'
विधायक बाबू जंडेल ने कहा कि, ''मीडिया कर्मी ने मंत्री कैलाश विजयवर्गीय से सवाल किया कि, दूषित पानी से हुई मौत में क्या कार्रवाई होगी? मुआवजा मिलेगा या नगर निगम के अधिकारी कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई होगी? जिस पर मंत्री ने पत्रकार से अभद्रता की. पत्रकारों के खिलाफ अपमानजनक भाषा बर्दाश्त नहीं की जाएगी. मंत्री को तत्काल इस्तीफा दे देना चाहिए. दूषित पानी से जो मौत हुई है उसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए. दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए. लापरवाह अधिकारी कर्मचारियों को पद से बर्खास्त कर देना चाहिए. उन्हें जेल के अंदर होना चाहिए.''
कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय और एक पत्रकार के बीच हुई बातचीत अब सियासी विवाद का रूप ले चुकी है. दूषित पेयजल, लंबित रिफंड और बुनियादी सुविधाओं को लेकर पूछे गए सवाल पर मंत्री के कथित आपत्तिजनक शब्दों के इस्तेमाल से मामला गरमा गया है. वीडियो सोशल मीडिया पर जारी होने के बाद विपक्ष ने कड़ा विरोध शुरू कर दिया. दूषित पानी की घटना के दौरान पत्रकार प्रभावित इलाकों में पहुंचा था. इस दौरान उसने रिफंड में हो रही देरी और पीने के पानी की समस्या पर मंत्री विजयवर्गीय से सवाल पूछा. पत्रकार का कहना था कि, ''जमीनी हालात अब भी सामान्य नहीं हैं.'' आरोप है कि, इस पर मंत्री ने सवाल को अनावश्यक बताते हुए टिप्पणी की.
पत्रकार के सवाल पर भड़के थे मंत्री
इस पर पत्रकार ने कड़ा ऐतराज जताया. आरोप है कि तब मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि, ''छोड़ो यार, तुम फोकट के सवाल मत पूछो.'' इस पर जब पत्रकार ने आपत्ति जताई और कहा कि फोकट सवाल नहीं है, तो मंत्री ने घंटा शब्द का इस्तेमाल किया. इस पर पत्रकार ने शब्दों के चयन पर आपत्ति दर्ज कराई. इसके बाद दोनों के बीच बहस तेज हो गई.

मंत्री ने सोशल मीडिया पर मांगी माफी
विवाद बढ़ने पर मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' पर सार्वजनिक माफी मांगी. उन्होंने कहा कि प्रभावित क्षेत्र में बिना सोए हालात सुधारने के लिए लगे हुए हैं. दूषित पानी से मेरे लोग पीड़ित हैं और कुछ लोग छोड़कर चले गए. इस गहरे दुख और मानसिक तनाव की स्थिति में उनसे शब्दों की चूक हो गई. मंत्री ने भरोसा दिलाया कि लोगों की सुरक्षा और स्वास्थ्य उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है.''
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जीतू पटवारी ने विजयवर्गीय को लिया आड़े हाथ
विदिशा प्रवास के दौरान जीतू पटवारी ग्राम ठर्र और अहमदपुर पहुंचे. जहां उन्होंने स्थानीय कार्यकर्ताओं के साथ बैठक कर ग्राम एवं वार्ड स्तरीय समितियों का गठन किया. इस मौके पर जीतू पटवारी ने इंदौर में दूषित पानी पीने से हुई मौतों के मामले में बीजेपी सरकार को जिम्मेदार ठहराया. उन्होंने कहा कि, ''शहरी क्षेत्रों में गंदे और जहरीले पानी की समस्या भ्रष्टाचार का परिणाम है. नगर निगम और नगर पालिकाओं में व्याप्त भ्रष्टाचार के कारण आम जनता को बुनियादी सुविधाओं के लिए भी संघर्ष करना पड़ रहा है.''

उन्होंने मीडिया से अभद्रता के मामले में मंत्री कैलाश विजयवर्गीय पर भी टिप्पणी की. उन्होंने कहा कि, ''लोकतंत्र में मीडिया का सम्मान जरूरी है.'' जीतू पटवारी ने बीजेपी पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नए भारत की संकल्पना पर सवाल खड़े किए.

