ठेकेदार ने बिना अनुमति शीशम के पेड़ों पर चलाई पोकलेन मशीन, वन विभाग ने सिंचाई विभाग से तलब की रिपोर्ट
स्टेडियम सुरक्षा दीवार निर्माण में ठेकेदार की लापरवाही, कई पेड़ों को पहुंचाया नुकसान, तीन दिन में रिपोर्ट तलब.

By ETV Bharat Uttarakhand Team
Published : February 26, 2026 at 2:02 PM IST
हल्द्वानी: नैनीताल के हल्द्वानी के गौलापार स्थित अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम परिसर में सुरक्षा दीवार निर्माण के दौरान पर्यावरण को भारी नुकसान पहुंचाने का मामला सामने आया है. आरोप है कि निर्माण कार्य कर रहे ठेकेदार ने पोकलेन मशीन चलाकर 100 से अधिक हरे-भरे शीशम के पेड़ों को क्षतिग्रस्त कर दिया. घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद स्थानीय लोगों में आक्रोश व्याप्त है. तराई पूर्वी वन प्रभाग के गौला रेंज के रेंजर ने बिना अनुमति पेड़ हटाए जाने की पुष्टि करते हुए कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है.
गौला नदी किनारे स्थित इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम की सुरक्षा के लिए सिंचाई विभाग के माध्यम से इन दिनों सुरक्षा दीवार का निर्माण कार्य कराया जा रहा है. आरोप है कि निर्माण के दौरान ठेकेदार ने वन विभाग की अनुमति के बिना पोकलेन मशीन से बड़ी संख्या में शीशम के पेड़ों को उखाड़ दिया और कई पेड़ों को क्षतिग्रस्त कर दिया. उखड़े और क्षतिग्रस्त पेड़ों का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद वन विभाग हरकत में आया और मामले की जांच शुरू कर दी.
वन विभाग की प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि पेड़ों के कटान या छटान के लिए विभाग से कोई अनुमति नहीं ली गई थी. मामले की गंभीरता को देखते हुए सिंचाई विभाग के मुख्य अभियंता संजय शुक्ल ने पत्र जारी कर अधीक्षण अभियंता हल्द्वानी को तीन दिन के भीतर जांच कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने और दोषी के खिलाफ कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं. वन विभाग और सिंचाई विभाग की संयुक्त टीम मौके पर पहुंचकर नुकसान का आकलन कर रही है. दोषी पाए जाने पर संबंधित ठेकेदार के खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी.

सिटी मजिस्ट्रेट एपी बाजपेयी ने बताया कि मामला उनके संज्ञान में आया है. वन विभाग से विस्तृत जानकारी ली जा रही है. यदि जांच में ठेकेदार दोषी पाया जाता है तो उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी.
उधर, तराई पूर्वी वन प्रभाग के गौला रेंज के रेंजर चंदन सिंह अधिकारी ने कहा कि, बिना अनुमति पेड़ों को नुकसान पहुंचाने पर वन विभाग ने वन अधिनियम के तहत ठेकेदार के खिलाफ वन विभाग में मुकदमा दर्ज कर लिया है.
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