भजनलाल सरकार का बड़ा फैसला, हिन्दी फिल्म 'शतक' हुई टैक्स फ्री
राजस्थान में भजनलाल सरकार ने हिंदी फिल्म शतक को टैक्स फ्री कर दिया है.

Published : February 26, 2026 at 3:20 PM IST
जयपुर : प्रदेश की भजनलाल शर्मा सरकार ने बड़ा फैसला लेते हुए हिन्दी फिल्म 'शतक' को राज्य में टैक्स फ्री करने की घोषणा की है. गुरुवार को इस संबंध में वित्त विभाग के विशिष्ट शासन सचिव नथमल डिडेल ने आधिकारिक आदेश जारी कर दिए हैं. निर्णय के बाद अब प्रदेश भर के सिनेमाघरों में यह फिल्म बिना राज्य जीएसटी के प्रदर्शित होगी, जिससे दर्शकों को टिकट दरों में राहत मिलेगी.
संघर्ष, ईमानदारी और सामाजिक बदलाव : फिल्म 'शतक' की कहानी एक ऐसे साधारण व्यक्ति के जीवन संघर्ष पर आधारित है, जो विपरीत परिस्थितियों के बावजूद अपने सिद्धांतों और ईमानदारी से समझौता नहीं करता. कहानी में सामाजिक विसंगतियों, भ्रष्टाचार, शिक्षा और युवाओं के भविष्य जैसे मुद्दों को प्रमुखता से उठाया गया है. फिल्म का नायक व्यवस्था की कमियों के खिलाफ आवाज उठाता है और सौ कठिनाइयों 'शतक' का सामना करते हुए समाज में सकारात्मक परिवर्तन की मिसाल कायम करता है. यही प्रतीकात्मक अर्थ फिल्म के शीर्षक में भी झलकता है. निर्माताओं के अनुसार, फिल्म का उद्देश्य केवल मनोरंजन नहीं, बल्कि सामाजिक जागरूकता फैलाना और युवाओं को जिम्मेदार नागरिक बनने के लिए प्रेरित करना है.
पढ़ें. गोधरा कांड पर आधारित फिल्म 'द साबरमती रिपोर्ट' राजस्थान में टैक्स फ्री, एक्टर विक्रांत ने जताया आभार
सिनेमा हॉल के लिए सख्त शर्तें : राजस्थान सरकार ने हिन्दी फिल्म 'शतक' को टैक्स फ्री करने के फैसले के बाद अब इसकी शर्तें भी स्पष्ट कर दी हैं. वित्त विभाग के विशिष्ट शासन सचिव नथमल डिडेल की ओर से जारी आदेश में मल्टीप्लेक्स और सिनेमाघरों के लिए विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं, ताकि दर्शकों को वास्तविक लाभ मिल सके.
टिकट की कीमत नहीं बढ़ेगी : सरकार ने साफ किया है कि फिल्म के प्रदर्शन के दौरान कोई भी सिनेमा हॉल या मल्टीप्लेक्स अपने सामान्य प्रवेश शुल्क (टिकट रेट) में बढ़ोतरी नहीं कर सकेगा यानी टैक्स फ्री का फायदा देने के नाम पर टिकट महंगे नहीं किए जा सकते. इसके साथ ही, अलग-अलग क्लास (जैसे बालकनी, गोल्ड, सिल्वर आदि) की सीटों की संख्या या श्रेणी में भी कोई बदलाव नहीं किया जाएगा. इससे यह सुनिश्चित होगा कि दर्शकों को पारदर्शी तरीके से राहत मिले.
पढ़ें. 'उदयपुर फाइल्स' फिल्म देखने पहुंचे कन्हैया लाल के बेटे, भावुक हुए, हत्यारों के लिए फांसी की मांग
दर्शकों को ऐसे मिलेगा फायदा : आदेश के मुताबिक, पंजीकृत मल्टीप्लेक्स और सिनेमाघर फिल्म के प्रदर्शन के दौरान टिकट बेचते समय राज्य माल एवं सेवा कर (SGST) की राशि घटाकर टिकट जारी करेंगे. दर्शकों से एसजीएसटी नहीं लिया जाएगा, लेकिन सिनेमाघर संचालकों को यह कर राशि अपनी ओर से तय प्रक्रिया के अनुसार राजकोष में जमा करनी होगी. सरकार ने कर माफ किया है, लेकिन उसकी प्रक्रिया और लेखा-जोखा पहले की तरह ही रहेगा. जिस तरह अन्य फिल्मों के लिए कर जमा किया जाता है, उसी प्रकार 'शतक' फिल्म के लिए भी जमा करना होगा.
पहले वसूला गया टैक्स वापस नहीं : सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि यदि आदेश जारी होने से पहले किसी दर्शक से एसजीएसटी वसूला जा चुका है, तो उसकी कोई प्रतिपूर्ति (रिफंड) नहीं की जाएगी. यानी टैक्स फ्री का लाभ आदेश जारी होने की तारीख से ही लागू होगा. राज्य कर विभाग के मुख्य आयुक्त की ओर से एसजीएसटी की प्रतिपूर्ति और आवेदन प्रक्रिया को लेकर अलग से दिशा-निर्देश जारी किए जाएंगे. इससे सिनेमाघरों को यह स्पष्ट होगा कि उन्हें किस प्रकार औपचारिकताएं पूरी करनी हैं. सरकार का यह आदेश जारी होने की तारीख से 6 माह की अवधि तक प्रभावी रहेगा. इस अवधि में फिल्म 'शतक' को टैक्स फ्री लाभ मिलेगा.
सरकार ने क्यों किया टैक्स फ्री ? : वित्त विभाग की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि फिल्म समाज में सकारात्मक संदेश देती है और युवाओं को नैतिक मूल्यों, पारदर्शिता और जनहित के प्रति जागरूक करती है. राज्य सरकार का मानना है कि ऐसी फिल्मों को प्रोत्साहन मिलना चाहिए, जो सामाजिक सरोकारों को मजबूती से उठाती हैं. सरकार का यह भी तर्क है कि टैक्स फ्री करने से अधिक से अधिक लोग फिल्म देख सकेंगे, जिससे इसका संदेश व्यापक स्तर पर पहुंचेगा. खासतौर पर विद्यार्थियों और युवाओं को प्रेरित करने के उद्देश्य से यह निर्णय लिया गया है.

