'ख़ास' तस्वीर के बीच सीएम योगी पर शंकराचार्य ने किया खुला प्रहार, पीएम मोदी को अजय राय ने लिखी चिट्ठी
शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद ने प्रयागराज के ज्वॉइंट सीपी अजय पाल पर गंभीर आरोप लगाए. वहीं कांग्रेस कल बुधवार को प्रदेश के 75 जिलों में प्रदर्शन करेगी.

By ETV Bharat Uttar Pradesh Team
Published : February 24, 2026 at 1:58 PM IST
|Updated : February 24, 2026 at 4:44 PM IST
वाराणसी: पॉक्सो धाराओं में घिरे शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद ने सीएम योगी आदित्य नाथ पर खुला प्रहार किया है. उनके संत और संन्यासी होने पर बड़ा सवाल किया. गो रक्षा पर सरकार को कठघरे में खड़ा कर दिया है. वहीं यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय इस मामले में पीएम मोदी से हस्तक्षेप की मांग की है. साथ ही कहाकि कल कांग्रेसी पूरे प्रदेश में प्रदर्शन कर जिलाधीशों के जरिए पीएम को ज्ञापन सौंपेंगे.
प्रयागराज में दर्ज हुए मुकदमे में शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती की गिरफ्तारी कब होगी इसे लेकर संशय बना हुआ है. कल पूरे दिन चली हलचल के बीच शंकराचार्य की गिरफ्तारी नहीं हुई और देर रात तक इस पर लोगों की निगाह बनी रहीं. आज भी इस मामले में अब तक गिरफ्तारी की अफवाह चल रही है. लेकिन पुलिस टीम कहां है यह नहीं पता.

ऐसे में शंकराचार्य ने आज एक तस्वीर जारी कर प्रयागराज के जॉइंट कमिश्नर अजय पाल शर्मा पर गंभीर आरोप लगाए हैं. शंकराचार्य का कहना है कि उनको लोगों ने एक तस्वीर भेजी है, जिसमें आरोप लगाने वाले अजय ब्रह्मचारी और प्रयागराज के जॉइंट कमिश्नर पुलिस अजय पाल शर्मा की नजदीकियां साफ दिखाई दे रही हैं. दोनों एक साथ केक काट रहे हैं और उत्सव मना रहे हैं.
शंकराचार्य का कहना है कि इन लोगों के बीच तो पुराने रिश्ते हैं और इन्हीं रिश्तों की वजह से मेरे ऊपर झूठा मुकदमा दर्ज करवाया गया है. उनका कहना है अपराध और पुलिस के बीच का गठजोड़ ही इस झूठे मुकदमे की वजह है.
शंकराचार्य का कहना है कि मीठी गिरफ्तारी को लेकर अफवाह उड़ाई जा रही है. उन्होंने कहा कि हमारे अधिवक्ता लगातार हमारे संपर्क में बने हुए हैं. उन्होंने कहा कि जो भी इस प्रकरण को देख रहा है, फलाहारी बाबा हो या कोई अन्य उनके जैसे सभी संत कुछ लोग चाहते हैं कि इसका सच्चाई का पता चलना चाहिए, क्योंकि लोगों ने इस मामले में अति मचा दी है. कौन सच बोल रहा है, कौन झूठ. यह सब साफ होना जरूरी हो गया है. सभी की तरफ से यह मांग है और जनता भी चाह रही है कि इस पर फैसला जल्द होना चाहिए.
उन्होंने कहा कि हमको लोगों ने एक तस्वीर भेजी है. उनका कहना है कि जो जांच हो रही है, उसके बारे में अब बोलिए. उन्होंने कहा आप यह फोटो देख लीजिए. यह वही हैं, जिन्होंने शिकायत की है. उनके साथ वह व्यक्ति हैं. जिनके अंतर्गत यहां जांच चल रही है. यह पुलिस के अधिकारी हैं. इनका नाम अजय पाल शर्मा है. दोनों मिलकर उत्सव मना रहे हैं केक काट रहे हैं. जब इनका पहले से ही गठजोड़ बना हुआ है, मिलकर हर चीज का सेलिब्रेशन करते हैं, तो जनता हमको फोटो भेजकर यही तो कहना चाह रही है कि यह क्या जांच करेंगे? इन लोगों के बीच को पहले से ही जोड़ी बनी हुई है.
उन्होंने कहा कि 18 तारीख के पहले ऐसी कोई बात नहीं थी. हमें स्नान करने से प्रयागराज में रोका गया, उसके बाद हमारे ऊपर प्रहार किया गया और उस दिन शाम को ही यह सब हुआ. यह मुझे दोपहर में ही मिले थे और अजय पाल शर्मा शाम से ही एक्टिव हो गए. जिन्होंने शाम को मुकदमा दर्ज कर दिया. इसके बाद दो दिन बाद यह गंभीर आरोप लगाया गया.
शंकराचार्य ने कहा कि मुझ पर और मुकदमा दर्ज हो गया. इसका मतलब यह है कि जो घटना दोपहर में घटी उसके बाद इन्होंने इससे संपर्क किया होगा और कहा होगा कि कुछ ऐसा करो जो बड़ा हो जाए. उसके पहले हत्या के प्रयास का मुकदमा इन्होंने दर्ज किया, क्योंकि यह चल नहीं सकता था, क्योंकि वहां सीसी कैमरे मौजूद थे. ऐसे में वो प्रमाण नहीं उपलब्ध करवा सकते थे. इसलिए उन्होंने दो दिन रुककर पॉक्सो का मामला दर्ज करवाया और झूठा मामला बना दिया.
शंकराचार्य ने कहा कि कुछ लोगों का कहना है कि पुलिस ने यह मामला दर्ज नहीं किया है. यह मामला कोर्ट के आदेश पर दर्द हुआ है. सबसे बड़ा सवाल यही है कि सामान्य रूप से पुलिस जब समझती है कि वह नहीं कर सकती तो मुकदमा दर्ज नहीं करती तो लोग कोर्ट में जाते हैं और उनकी शरण लेते हैं. यह सामान्य प्रक्रिया है, लेकिन यहां क्या हुआ, यहां नाबालिग बच्चों से दुराचार का आरोप लगवा कर पॉक्सो एक्ट में मुकदमा दर्ज करवाया गया है.
इस एक्ट में यह प्रावधान है कि पहले शिकायत पर अधिकारी मानेगा फिर आगे बात होगी. जब पुलिस के सामने बच्चे गए थे, तो उन्होंने क्यों नहीं माना, जब पॉक्सो एक्ट कहता है कि जो बच्चे कहें, उसको मानकर तत्काल कार्रवाई कीजिए, तो पुलिस में क्यों नहीं माना.
शंकराचार्य ने सवाला उठाया कि पुलिस ने बच्चों का मेडिकल क्यों नहीं कराया. पुलिस ने क्यों जुवेनाइल कोर्ट के हवाले बच्चों को नहीं किया. पुलिस ने ऐसा नहीं किया और मुकदमा भी नहीं किया और वह कोर्ट चले गए. यही साफ है कि चोर की दाढ़ी में तिनका है. पुलिस में खुद मामला बनाया था. इसलिए उसको डर था कि हमारे ऊपर कोई आंच ना आए, इसलिए पुलिस वालों ने हम मुकदमा दर्ज नहीं किया. कोर्ट की शरण में कोर्ट से क्यों गए. जबकि इनको खुद मुकदमा करना चाहिए था, क्योंकि मामला पॉक्सो का था. पुलिस इस मामले में अपनी गर्दन बचाना चाह रही थी. इसी से साफ हो रहा है कि पुलिस क्यों इस बात का भय था कि मामला झूठा है, इसलिए हम वापस जाएं, इसलिए कोर्ट के आदेश पर यह सब होगा.
वहीं प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय ने शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद से मुलाकात की है.
हमारे प्रयागराज संवाददाता के अनुसार शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद, उनके शिष्य मुकुंदानंद के खिलाफ यौन उत्पीड़न समेत संगीन धाराओं में केस दर्ज कर पुलिस ने जांच की तेज कर दी है.
इस हाईप्रोफाइल केस की जांच में जुटी प्रयागराज पुलिस टीम आज वादी आशुतोष ब्रह्मचारी महाराज का बयान दर्ज करेगी. बता दें कि कोर्ट के आदेश पर विवेचना का सबसे पहला पार्ट वादी का बयान दर्ज करना होता है.
पुलिस ऑन रिकॉर्ड आशुतोष महाराज का बयान दर्ज करेगी. हर पहलू पर पिन प्वॉइंट बयान लेने के बाद आगे की कार्रवाई शुरू होगी. केस के विक्टिम, प्राइम विटनेस, उनके पास मौजूद साक्ष्य को रिकॉर्ड पर लाया जाएगा.
आशुतोष महाराज ने जिन भी लोगों को नामजद किया है. पुलिस उनके बयान में ही लाएगी कि मौजूदा वक्त में वे कहां हैं, संपर्क नंबर क्या है. साथ ही उनकी मौजूदा गतिविधियों के बारे में वादी मुकदमा से पूछा जाएगा. इसी के साथ पुलिस दोनों नाबालिग लड़कों का ऑन रिकॉर्ड कैमरे के सामने बयान दर्ज करेगी.
इसके बाद ही आरोपियों के बयान दर्ज करने होंगे. उनसे पूछताछ का आधार साक्ष्यों के संकलन के बाद ही होगा. स्पेशल कोर्ट पॉक्सो के आदेश पर प्रयागराज के झूंसी थाने में मामला दर्ज है.
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