दादा 1937 में रहे विधायक, पिता 5 बार पहुंचे विधानसभा, खुद केन्द्रीय मंत्री रहे कांग्रेस नेता ने दिया इस्तीफा, जानें क्यों
कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं में शामिल शकील अहमद इस्तीफा दे दिया. आइये जानते हैं क्या है इसके पीछे का कारण?

Published : November 12, 2025 at 5:46 PM IST
पटना : बिहार की राजनीति में डॉक्टर शकील अहमद किसी पहचान के मोहताज नहीं रहे. उनके दादा अहमद गफूर आजादी से पहले यानी अंग्रेजों के शासनकाल में विधायक हुआ करते थे. वो साल 1937 का था, जब अहमद गफूर कांग्रेस के विधायक चुने गए थे.
पिता 5 बार पहुंचे विधानसभा : अहमद गफूर की राजनीतिक विरासत को उनके पुत्र शकूर अहमद ने आगे बढ़ाया. शकूर अहमद पांच बार कांग्रेस की टिकट पर विधायक चुने गए. 1952 से लेकर 1977 के बीच पांच बार शकूर अहमद बिहार विधानसभा की चौखट पर पहुंचे.
69 साल के हैं शकील अहमद : शकूर अहमद जब पहली बार विधायक बने थे. उनके पहले कार्यकाल में ही घर में 2 जनवरी 1956 को बेटे का जन्म हुआ. जिसका नाम रखा गया शकील अहमद. बचपन से ही पढ़ाई में अच्छे शकील अहमद एसके मेडिकल कॉलेज, मुजफ्फरपुर से डॉक्टर भी बने. हालांकि उन्हें भी लगा कि राजनीतिक विरासत को आगे बढ़ाया जाए.

1985 में पहली बार बने विधायक : चूंकि दादा और पिता विधायक रह चुके थे इसलिए उन्होंने भी अपना भाग्य आजमाया. विस्फी विधानसभा परंपरागत सीट थी, उसपर चुनाव लड़े. फिर क्या था पहली बार 1985 में वह विधायक चुने गए. इसके बाद उन्होंने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा. 1990 और 2000 में भी वह बिहार विधानसभा पहुंचे. इस दौरान वह बिहार सरकार में मंत्री भी बने.
दो बार सांसद, केन्द्रीय मंत्री बने : चूंकि हर विधायक चाहता है कि वह संसद भवन तक पहुंचे. ऐसे में शकील अहमद का भी सितारा चमका. एक बार क्या दो-दो बार (1998 और फिर 2004) वह मधुबनी से सांसद बने. कांग्रेस पार्टी के अंदर पैठ ऐसी बनी थी कि मनमोहन सिंह के पहले शासनकाल में वह केन्द्रीय मंत्री तक बने.

2009 के बाद वक्त का पहिया घूमा : वैसे तो अभी मिथिलांचल एनडीए का गढ़ माना जाता है, पर एक समय था जब शकील अहमद का सिक्का चलता था. तभी तो बिहार कांग्रेस अध्यक्ष पद पर रहे. हालांकि 2009 के बाद से शकील अहमद की स्थिति खराब होती चली गई.
पार्टी के प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा : 2014 के बाद जब से मोदी राज का दौर शुरू हुआ वह चुनाव नहीं जीत पाए. हालांकि कांग्रेस उन्हें राष्ट्रीय नेतृत्व में जगह देती रही. इतने साल कांग्रेस में रहने के बाद शकील अहमद ने पार्टी से इस्तीफा दे दिया है. उन्होंने राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे को पत्र लिखकर अपना इस्तीफा सौंप दिया.

चुनाव खत्म होते ही इस्तीफे से हलचल : 11 नवंबर को बिहार विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण का मतदान खत्म हुआ. इसके तुरंत बाद शकील अहमद ने पार्टी के प्राथमिक सदस्य से इस्तीफा दिया. लोगों को समझ नहीं आ रहा था कि आखिर उन्होंने ऐसा क्यों किया? जिस व्यक्ति का परिवार और वो खुद कांग्रेसी विरासत आगे बढ़ाया हो उसने ऐसा कदम क्यों उठाया?
क्यों दिया इस्तीफा ? : शकील अहमद ने सभी राज से पर्दा उठाते हुए कहा कि, पार्टी से इस्तीफा देने का फैसला मैंने 15-20 रोज पहले ले लिया था. लेकिन घोषणा इस कारण नहीं की थी कि 5-6 लोग हमारी वजह से क्यों नाराज हों. जब बिहार चुनाव का मतदान खत्म हुआ तो मैंने इस्तीफा भेज दिया.
''मैंने 2-3 साल पहले ही ऐलान कर दिया था कि अब मैं अब जीवन में कभी चुनाव नहीं लड़ूंगा. मैंने यह भी कहा था कि मेरे बच्चे चुनाव नहीं लड़ेंगे. हालांकि को स्थानीय नेतृत्व से मेरा कुछ मतभेद था इसीलिए मैंने इस्तीफा दिया है.''- शकील अहमद, इस्तीफा देने वाले कांग्रेस के वरीष्ठ नेता
VIDEO | Former Union Minister Shakeel Ahmad (@Ahmad_Shakeel) resigns from Congress.
— Press Trust of India (@PTI_News) November 11, 2025
He says, " i had decided to resign from party 15-20 days before. i announced it after completion of voting in bihar. i had announced 2-3 years back that i will not fight the election anymore, then… pic.twitter.com/CCfIMH6rve
'मेंबरशिप से अलग हो रहा हूं, विचारधारा से नहीं' : शकील अहमद ने आगे कहा कि मैंने पत्र में साफ किया है कि मैं किसी दूसरी पार्टी में नहीं जाऊंगा. मैं कांग्रेस पार्टी की मेंबरशिप से अलग हो रहा हूं लेकिन जो कांग्रेस की विचारधारा है मैं उसके साथ रहूंगा.
''अगर पार्टी को नुकसान पहुंचाना होता तो मैं चुनाव के बीच में इस्तीफा दे देता. पोलिंग खत्म होने के 15 मिनट बाद मैंने इस्तीफा दिया.''- शकील अहमद, इस्तीफा देने वाले कांग्रेस के वरीष्ठ नेता
टिकट बंटवारे से चल रहे थे असंतोष : कांग्रेस के अंदरूनी सूत्रों का कहना है कि टिकट बंटवारे को लेकर शकील अहमद नाराज चल रहे थे. वह कुछ सीटों पर अपने नजदीकियों को खड़ा करना चाह रहे थे. ऐसा नहीं होने पर शकील अहमद ने पार्टी से इस्तीफा दे दिया.
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