शाकंभरी जयंती 2026: कवर्धा में डिप्टी सीएम विजय शर्मा हुए आयोजन में शामिल
मान्यता मुताबिक देवी भगवती ने पृथ्वी पर भुखमरी और जीविका संकट को कम करने के लिए शाकंभरी माता के रूप में अवतार लिया था.

By ETV Bharat Chhattisgarh Team
Published : January 3, 2026 at 8:26 PM IST
कवर्धा: डिप्टी सीएम विजय शर्मा अपने गृह जिले के दौरे पर हैं. इसी कड़ी में विजय शर्मा अलग अलग गांवों में आयोजित शाकंभरी जंयती के कार्यक्रमों में शामिल हुए. इस मौके पर गृहमंत्री विजय शर्मा ने मां शाकंभरी देवी की विधि विधान से पूजा अर्चना की. विजय शर्मा ने कहा कि मेरा सौभाग्य है कि मुझे यहां आने का मौका मिला और इस धार्मिक आयोजन में शामिल हुआ. विजय शर्मा ने माता से प्रदेश में शांति और खुशहाली की कामना की.
शाकंभरी जयंती 2026
उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने छत्तीसगढ़ के पारंपरिक पर्व-परंपरा छेरछेरा की भी प्रदेशवासियों को बधाई दी. विजय शर्मा ने कहा कि यह पर्व सामाजिक एकता, दान और सहयोग की भावना को सशक्त करता है. कार्यक्रम के दौरान उन्होंने मजगांव में भोयरा मरार पटेल समाज के नवनिर्मित सामुदायिक भवन का लोकार्पण भी किया. विजय शर्मा ने कहा कि इस भवन के जरिए पटेल समाज की सामाजिक और सांस्कृतिक गतिविधियों को नई गति मिलेगी.
माता शाकंभरी, अन्न, प्रकृति और करुणा की प्रतीक हैं. उनका जीवन संदेश आत्मनिर्भरता, पर्यावरण संरक्षण और मानव कल्याण की प्रेरणा देता है. शाकंभरी माता की उपासना हमें प्रकृति के प्रति सम्मान और संतुलित जीवन जीने की सीख भी देती हैं: विजय शर्मा, डिप्टी सीएम

विजय शर्मा हुए आयोजन में शामिल
विजय शर्मा ने बेनदरची में पटेल समाज के सदस्यों से संवाद कर क्षेत्र की समस्याओं और विकास पर चर्चा की. इस दौरान सड़क, आंगनबाड़ी, सामुदायिक भवन, शेड और स्टेडियम निर्माण सहित मुख्य मार्ग के विकास को लेकर लोगों से जानकारी ली. मजगांव में उपमुख्यमंत्री ने कहा कि पटेल समाज परिश्रमी और आत्मनिर्भर रहा है. सामूहिक प्रयासों से समाज ने निरंतर प्रगति की है. वहीं लोहारा में आयोजित समारोह में उन्होंने कहा कि पटेल समाज स्वाभिमानी है और अपने उद्यम से समाज के पोषण की मिसाल पेश करता आया है. उन्होंने माता शाकंभरी से सभी के घर धन-धान्य से परिपूर्ण और खेतों के लहलहाने की कामना की.

क्या है माता से जुड़ी मान्यता
शाकंभरी माता, मां आदिशक्ति जगदम्बा का रूप हैं, जो प्रकृति और अन्न (शाक) की देवी हैं, जो भक्तों को पोषण और सुरक्षा प्रदान करती हैं. मान्यता है कि देवी भगवती ने पृथ्वी पर भुखमरी और जीविका संकट को कम करने के लिए शाकंभरी माता के रूप में अवतार लिया. शाकंभरी जयंती देवी दुर्गा के अवतार शाकंभरी माता के जन्मदिन के रूप में मनाई जाती है. शाकंभरी माता को वनस्पतियों और जीवों की देवी भी माना जाता है. शाकंभरी जयंती भारत के कई हिस्सों में मनाया जाता है.


