शिमला में नशा तस्करी के खिलाफ बड़ी स्ट्राइक, 'शाही महात्मा गैंग' का मुख्य सप्लायर 1.5 साल बाद गिरफ्तार
गिरोह के मुख्य सरगना शाही महात्मा को पुलिस पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है.

By ETV Bharat Himachal Pradesh Team
Published : February 20, 2026 at 8:54 PM IST
शिमला: चिट्टा तस्करी के संगठित नेटवर्क पर शिमला पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है. पुलिस ने चिट्टा सप्लाई करने वाले बहुचर्चित 'शाही महात्मा गैंग' के मुख्य सप्लायर को गिरफ्तार कर लिया है. डेढ़ साल से फरार चल रहा प्रदीप कुमार उर्फ रांटा आखिरकार पुलिस के हत्थे चढ़ गया. इस गिरोह के अब तक 57 तस्कर पकड़े जा चुके हैं और पुलिस इसे नशा तस्करी के खिलाफ बड़ी सफलता मान रही है. आरोपी रोहड़ू क्षेत्र में चिट्टा सप्लाई करता था.
ऐसे हुआ था मामले का खुलासा
दरअसल, यह पूरा मामला 19 सितंबर 2024 को सामने आया था, जब पुलिस ने मुद्दसीर अहमद मोची से 468.380 ग्राम चिट्टा बरामद किया था. इसके बाद पुलिस थाना कोटखाई में एनडीपीएस एक्ट की धाराओं 21, 27ए, 29 और भारतीय न्याय संहिता की धारा 111 के तहत मामला दर्ज किया गया था. जांच के दौरान यह स्पष्ट हुआ था कि यह कोई छोटा नेटवर्क नहीं बल्कि संगठित गिरोह है.
मामले की जांच में पुलिस अब तक 57 आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है, जिनमें गिरोह का मुख्य सरगना शाही महात्मा भी शामिल है. पुलिस के अनुसार गिरोह का नेटवर्क करीब 500 से अधिक नशा करने वालों तक फैला हुआ था. प्रदीप कुमार इस नेटवर्क की सप्लाई चेन में अहम कड़ी था और बाहरी राज्यों से चिट्टा लाकर रोहड़ू में सप्लाई करता था.
तकनीकी साक्ष्यों से पकड़ में आया आरोपी
मुद्दसीर की गिरफ्तारी के बाद प्रदीप और शाही महात्मा फरार हो गए थे. बाद में शाही महात्मा को तो पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया था, लेकिन प्रदीप करीब डेढ़ साल तक पुलिस को चकमा देता रहा. 19 फरवरी 2026 को कोटखाई और ठियोग की विशेष टीम ने तकनीकी साक्ष्यों और गुप्त सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए उसे दबोच लिया. आरोपी को अदालत में पेश किया गया है और आगे की जांच जारी है.
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