MSP को लेकर बड़ा अपडेट, 13 जनवरी के पहले नहीं किया ये काम तो हो सकता है बड़ा नुकसान
MSP धान बेचने वाले किसान ध्यान दें, रजिस्ट्रेशन के बाद भी एक काम बेहद जरूरी, 20 जनवरी तक ही होगी एमएसपी पर खरीदी.

By ETV Bharat Madhya Pradesh Team
Published : January 10, 2026 at 6:44 AM IST
शहडोल : इन दोनों धान की खरीदी जोरों पर चल रही है और किसान हर दिन अपने धन की फसल ले जाकर MSP पर बेच रहे हैं. ऐसे में अगर आप भी एमएसपी यानी न्यूनतम समर्थन मूल्य पर अपना धान बेचना चाहते हैं और आपने रजिस्ट्रेशन करवाया हुआ है तो जल्द से जल्द स्लॉट बुक कर ले क्योंकि धान को लेकर आखिरी डेट आ चुकी है.
कब तक होगी MSP पर धान खरीदी ?
शहडोल के जिला खाद्य आपूर्ति नियंत्रक विपिन पटेल बताते हैं, '' खरीफ सीजन 2025-26 में धान खरीदी के लिए 20 जनवरी तक ही धान खरीदी का काम किया जाएगा. जिले में 37,692 किसानों ने धान बेचने के लिए अपना पंजीयन करवाया है, जिसमें से 33,876 किसानों ने स्लॉट बुकिंग भी कर ली है, और 27,853 किसानों ने धान खरीदी केंद्रों में अपने धान की फसल बेच भी दी है. जिन किसानों ने अभी तक स्लॉट बुक नहीं कराया है, वो किसान 13 जनवरी 2026 तक हर हाल में स्लॉट बुक करा लें और 20 जनवरी के पहले ही अपने धान का विक्रय कर सकते हैं.''

एमएसपी पर धान खरीदी के लिए इतने केंद्र
जिला खाद्य आपूर्ति नियंत्रक के मुताबिक समर्थन मूल्य पर धान खरीदी के लिए 59 उपार्जन केन्द्र बनाए गए हैं. जिन किसानों का धान समर्थन मूल्य पर विक्रय हेतु तैयार हो गया है, वे किसान स्लॉट बुक करा लें, इसके बाद निर्धारित तिथि को अपने तहसील अन्तर्गत नजदीकी उपार्जन केन्द्र में जाकर धान की फसल बेच सकते हैं.

खरीदी केंद्रों से धान का तेजी से करें परिवहन
कलेक्टर डॉ. केदार सिंह ने धान उपार्जन की समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियेां को जरूरी निर्देश दिए हैं. उन्होंने कहा है कि धान खरीदी केन्द्रों में उपलब्ध धान का तेजी से परिवहन कराया जाए और किसानों ने जो धान बेच दी है, उसकी ईपीओ जनरेट कर शीघ्रता के साथ उनका भुगतान सुनिश्चित किया जाए.

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अबतक कितना हुआ MSP का भुगतान?
शहडोल में 59 धान उपार्जन केन्द्र के माध्यम से धान की खरीदी की जा रही है. जिले में धान उपार्जन का लक्ष्य 2 लाख 30 हजार मैट्रिक टन है, जिसके विरुद्ध 1 लाख 85 हजार 56 क्विंटल धान की खरीदी की गई है. अब तक जिले में 1 लाख 58 हजार 157 क्विंटल धान का परिवहन किया जा चुका है. खरीदी गई धान की मात्रा के विरुद्ध किसानों को देय राशि 438.39 करोड़ रु है, जिसके विरुद्ध जनरेटेड ईपीओ की राशि 343 करोड़ 19 लाख है. किसानों के खातों में भेजी गई राशि 309 करोड़ 90 लाख रूपए है. धान उपार्जन के बाद भुगतान के लिए बैंकों को भेजी गई राशि 334 करोड़ 95 लाख रु.

