सोयाबीन की फसल पानी में नहीं होगी खराब, मार्केट में आ गई गजब मशीन, लागत कम पैदावार फुल
कैश क्रॉप माने जाने वाली सोयाबीन की फसल के लिए आ गई ब्रॉड बेड फेरो मशीन. मल्टी टास्किंग मशीन से कई प्रकार की बचत.

By ETV Bharat Madhya Pradesh Team
Published : July 7, 2026 at 8:16 PM IST
शहडोल: सोयाबीन की फसल को कैश क्रॉप माना जाता है, किसानों को नगद पैसा दिलाने वाली फसल मानी जाती है. शहडोल में भी काफी ज्यादा तादाद में किसान सोयाबीन की खेती करते हैं. पिछले कुछ सालों से देखा जा रहा है कि मौसम में परिवर्तन की वजह से भारी बारिश हो जाने की वजह से सोयाबीन की फसल से किसानों को काफी नुकसान हो रहा है.
मौजूदा साल भी कहीं बारिश हो रही है, तो कहीं बारिश हो ही नहीं रही है. ऐसे में सोयाबीन की खेती के लिए एक ऐसी मशीन मार्केट में आ चुकी है, जिसके इस्तेमाल से सोयाबीन की फसल को नुकसान से बचाया जा सकता है और लागत भी बचाई जा सकती है.
सोयाबीन की खेती के लिए गजब मशीन
कृषि अभियांत्रिकी वैज्ञानिक डॉ दीपक चौहान बताते हैं, "ब्रॉड बेड फेरो मशीन जिसे बीबीएफ के नाम से भी जानते हैं, यह एक आधुनिक कृषि यंत्र है जो एक ही साथ कई काम करती है. खासकर सोयाबीन की फसल के लिए तो बेहतरीन मशीन है, इस मशीन से जब सोयाबीन की बुवाई करते हैं तो एक ही बार में फसल की बुवाई भी होती है, खाद भी डल जाता है.
इसके अलावा बेड भी बन जाता है और उस बेड में अलग-अलग नालियां बन जाती हैं. बुवाई के लिए अलग-अलग लाइन रहती है, लाइन बार फसलों की बुवाई हो जाती है, जिससे किसानों का बार-बार ट्रैक्टर से जुताई की लागत भी बचती है. किसान आधुनिक तरीके से कम समय में सोयाबीन की फसल की बुवाई भी कर लेता है. ये मल्टी टास्किंग मशीन है, इस मशीन से खेती करने से टाइम की भी बचत होती है और पैसा तो बचता है. ये मशीन एक साथ कई काम करती है."
ब्रॉड बेड फेरो मशीन के फायदे
कृषि अभियांत्रिकी वैज्ञानिक डॉ दीपक चौहान बताते हैं, "इस मशीन से सोयाबीन की फसल की बुवाई से फायदे बहुत हैं. एक फायदा तो यह मिलता है कि दोनों ओर से नाली बन जाती है. अच्छी बात ये होती है जब ज्यादा बारिश होती है तो नालियों के माध्यम से पानी बाहर निकल जाता है. बारिश का पानी फसलों के आसपास नहीं रुकता है, जिससे ज्यादा पानी से फसलों को बचाया जा सकता है. इस मशीन और इस पद्धति से बुवाई करने से पानी की अधिकता से फसलों को बचाया जा सकता है.
दूसरा फायदा यह होता है कि जब कभी पानी की कमी होती है तो इन नालियों का इस्तेमाल करके फसल को पानी भी दे सकते हैं. इसके लिए एक्स्ट्रा मेहनत नहीं करनी पड़ेगी और कुछ और व्यवस्था नहीं करनी पड़ेगी. दूसरी बात इन नालियों के माध्यम से भी नमी लेकर फसल ग्रोथ करेगी. तीसरा फायदा है कि एक ही साथ एक ही बार में सब कुछ हो जाएगा. एक ही मशीन सारे कार्य कर देगी. बेड बन जाएगा, नालियां भी बन जाएगी, लाइन से लाइन फसलों की बुवाई भी हो जाएगी, और साथ में खाद भी डल जाएगा.

बीज और खाद की होती है बचत
इस मशीन से खेती करने से क्यारी जब बन जाएंगी तो उसकी मिट्टी भुरभुरी होती है, हवादार रहती है, जिससे पौधों की जड़ों का विकास बेहतर होता है. फसल की उपजाऊ क्षमता में सुधार होता है. इस मशीन का उपयोग करने से कई बचत भी होती है इससे सिंचाई का पानी, बीज और खाद की बचत होती है. इसमें खरपतवार नियंत्रण करना भी आसान होता है.
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कितने की आती है मशीन?
खरीफ का सीजन चल रहा है और सोयाबीन फसल की बुवाई के लिए ये मशीन बहुत काम की है. ब्रॉड बेड फेरो मशीन को लेकर दीपक चौहान कहते हैं, "आने वाले समय में सोयाबीन की खेती में यह मशीन क्रांति साबित होगी. यह मशीन वैसे तो अलग-अलग कंपनियों के हिसाब से अलग-अलग रेट में आती है.
जो ब्रांडेड कंपनियां हैं उनके दाम ज्यादा होते हैं और कई दूसरी कंपनियों के दाम कम होते हैं. इस तरह से अलग-अलग क्वालिटी के हिसाब से 60 हजार से लेकर के 90 हजार तक की कीमत में यह मशीन घर लाई जा सकती है. इस मशीन को 35 से 40 एचपी तक के ट्रैक्टर में आसानी से चलाया भी जा सकता है."

