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भुरभुरी मिट्टी में होगी आलू की बंपर पैदावार, पोषक तत्वों का मैनेजमेंट करना जरूरी

ठंड की शुरुआत होते ही आलू की खेती शुरू, जानें बेहतर उत्पादन के लिए कृषि वैज्ञानिक की सलाह, मिलेगा मुनाफा ही मुनाफा.

Shahdol potato cultivation
भुरभुरी मिट्टी में होगी आलू की बंपर पैदावार (ETV Bharat)
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By ETV Bharat Madhya Pradesh Team

Published : November 18, 2025 at 7:24 PM IST

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शहडोल: सब्जियों में आलू एक ऐसी सब्जी है, जो हर किचन में राज करती है. अपने स्वाद से ये हर किसी को अपना दीवाना बना कर रखती है. बच्चों की फेवरेट है, हर सब्जी में मिक्स हो जाने वाली है. आलू की खेती इसी समय ठंड के सीजन में ही की जाती है. कई किसान बड़े लेवल पर आलू की खेती करते हैं और इससे अच्छी खासी कमाई भी करते हैं. वहीं, कुछ लोग केवल घर में खुद खाने के लिए आलू लगाते हैं, तो यहां जानें आलू की खेती कैसे करें.

आलू के बिना सब्जी अधूरी

भारतीय रसोई में आलू का ही राज है. अधिकतर सब्जियां आलू के बिना अधूरी हैं. पिछले कई महीनों से आलू के दाम स्थिर हैं, बहुत ज्यादा उतार-चढ़ाव नहीं हुआ है. आलू व्यापारी अमित गुप्ता बताते हैं कि "वर्तमान में जहां सब्जियों के दाम बहुत ज्यादा बढ़े हुए हैं, तो वहीं आलू 25 रुपए प्रति किलो की दर से बिक रहा है. पिछले कुछ महीने से ही आलू के दाम स्थिर हैं. इस बार आलू की महंगाई नहीं बढ़ने से ग्राहकों को राहत है. आगे भी फिलहाल अभी आलू के दाम बढ़ने की उम्मीद नहीं है.

Shahdol potato cultivation Method
बाजार में स्थिर है आलू का दाम (ETV Bharat)

कैसे करें आलू की खेती

आलू एक ऐसी सब्जी है, जिसकी बहुत सारी चीजें बनती हैं. इसकी खेती को लेकर कृषि वैज्ञानिक डॉ. मृगेंद्र सिंह बताते हैं कि "अक्टूबर-नवंबर बहुत ही परफेक्ट समय होता है, जब आलू की फसल आसानी से लगाई जा सकती है. ये एक कंद वाली फसल है और इसके लिए दोमट मिट्टी सबसे बेस्ट मानी गई है. किसान कोशिश करें कि जिस मिट्टी पर आलू की खेती कर रहे हैं, उसमें अत्यधिक मात्रा में कार्बनिक पदार्थ हों."

डॉ. मृगेंद्र सिंह बताते हैं कि "आलू की खेती के लिए मिट्टी भुरभुरी होनी चाहिए. यदि मिट्टी कड़ी होगी तो इसके ट्यूबर्स नीचे नहीं बढ़ेंगे. इसके लिए जरूरी है कि रबी सीजन में खेत की अच्छी तरह से और गहरी जुताई कर लें. उसके बाद आलू लगाने की बाकि प्रक्रिया करें. जब खेत पूरी तरह तैयार हो जाए तभी आलू की बुवाई करें. कोशिश करें कि जहां पर भी आलू की खेती कर रहे हैं, वहां की मिट्टी का विशेष ख्याल रखें."

Friable soil potato cultivation
आलू की खेती से हो सकती है बंपर कमाई (ETV Bharat)

ऐसे लगाएं आलू के बीज

कृषि वैज्ञानिक ने बताया कि "आलू लगाने से पहले ध्यान दें कि आलू का बीज बेहतर क्वालिटी का हो और जर्मिनेटेड हो. आलू की खेती में सीड रेट काफी ज्यादा आता है. 40 से 50 ग्राम के छोटे-छोटे ट्यूबर्स, जो बढ़िया से अंकुरित हो गए हों, तो करीब 30 से 32 क्विंटल आलू पर हेक्टेयर इसका सीड रेट है. यानी ये आलू लगाने का बीज दर है. कई लोग आलू काटकर भी लगाते हैं और कुछ लोग पूरा आलू ही लगा देते हैं. दोनों ही स्थिति में इसका सीड ट्रीटमेंट जरूर करें. सीड ट्रीटमेंट के लिए ब्लीचिंग पाउडर का उपयोग कर सकते हैं. एक परसेंट ब्लीचिंग पाउडर को पानी में घोलकर, बीज को धो करके 15 से 20 सेंटीमीटर प्लांट टू प्लांट डिस्टेंस बनाकर आलू लगा दें."

पोषक तत्वों का मैनेजमेंट

डॉ. सिंह ने कहा, "कोई भी फसल लगाएं उसके लिए पोषक तत्वों का मैनेजमेंट जरूर करें. आलू की फसल लगाने के लिए भी पोषक तत्वों का मैनेजमेंट बहुत जरूरी होता है. 1 हेक्टेयर में लगभग 60 किलोग्राम नाइट्रोजन, 120 किलोग्राम फास्फोरस और 60 किलोग्राम पोटेशियम खाद के रूप में दिया जाता है. जब 15 से 20 सेंटीमीटर के पौधे हो जाएं, तब इसमें 60 किलोग्राम पर हेक्टेयर के हिसाब से नाइट्रोजन की टॉप ड्रेसिंग करनी चाहिए."

Potato cultivation soil plowing
ठंड शुरू होते ही आलू की खेती हुई चालू (ETV Bharat)

इन बातों का रखें ख्याल

आलू के लिए जरूरी होता है कि सही समय पर इसमें मिट्टी चढ़ायें. समतल जमीन पर आलू लगाएं, लेकिन जब पौधा कुछ बड़ा हो जाए, तो उसमें मिट्टी चढ़ाना चाहिए. जिससे इसके जो ट्यूबर्स होते हैं, वो अच्छे से ढक जाएं, क्योंकि अगर ट्यूबर्स बाहर निकले रहेंगे तो वो हरे हो जाएंगे और खराब हो जाएंगे. इसके साथ ही आलू की खेती उस जगह पर करें, जहां पानी नहीं रुकता हो, क्योंकि अगर पानी ज्यादा भरेगा तो फसल सड़ जाएगी. कोशिश करें कि मिट्टी भुरभुरी हो, मिट्टी कड़ी नहीं होनी चाहिए क्योंकि ट्यूबर्स नीचे नहीं बढ़ेंगे इससे पैदावार अच्छी नहीं होगी.

भारत में आलू कैसे आया, क्या है इसका इतिहास?

आलू की उत्पत्ति मुख्य रूप से साउथ अमेरिका के पेरू में माना जाता है. कहा जाता है कि हमारे देश में यह पुर्तगालियों के साथ आया. आलू करीब 16वीं शताब्दी में भारत में आया. वर्तमान में आलू एक अच्छी कमर्शियल क्रॉप मानी जाती है. इसे कैश क्रॉप भी कहा जाता है.