शहडोल में वन अमले पर हमला, सरई लकड़ी की तस्करी रोकने पर लाठी डंडों से पीटा
शहडोल में जयसिंहनगर के महादेव गांव में सरई लकड़ी की अवैध कटाई और तस्करी रोकने पर वन विभाग पर हमला, रेंजर सहित फारेस्ट गॉर्ड घायल.

By ETV Bharat Madhya Pradesh Team
Published : February 19, 2026 at 12:07 PM IST
शहडोल: शहडोल में इन दिनों माफियाओं के हौसले काफी बुलंद हैं, तभी तो एक के बाद एक अपराध करने से वो पीछे नहीं है रहे हैं. अब तो सुरक्षा में तैनात अधिकारी कर्मचारियों पर भी जानलेवा हमला कर रहे हैं. ताजा मामला शहडोल जिले के उत्तर वन मंडल क्षेत्र का है, जहां बीती रात वन अमले पर माफियाओं ने लाठी डंडे पत्थर से हमला कर दिया, जिसके बाद हड़कंप मच गया है.
वन अमले पर हमला
घटना शहडोल जिले के जयसिंहनगर थाना क्षेत्र के अंतर्गत जयसिंहनगर के महादेव गांव की है. बताया जा रहा है की अमझोर वन परिक्षेत्र के सीधी सर्किल के पास घटना हुई है. यहां बेशकीमती सरई लकड़ी की अवैध कटाई चल रही थी. तभी इसकी सूचना विभाग की टीम को मिली और उस तस्करी को रोकने के लिए वन विभाग का एक अमला वहां पहुंच गया. अवैध कटाई रोकने गई वन अमले की टीम में अमझोर वन परिक्षेत्र के रेंजर तरुणेन्द्र सिंह, डिप्टी रेंजर दुर्गा प्रसाद अहिरवार इसके अलावा बीट गार्ड महुआ टोला नारायण यादव, बीट गार्ड डोमार राम संजीवनी बैगा, बीट गार्ड पहाड़िया पवन माझी और बीट गार्ड ताला रविंद्र सिंह इस दल में पहुंचे हुए थे.

जैसे ही सूचना मिली वन अमले का ये दल सरई लकड़ी की कटाई और अवैध तस्करी की जगह पर पहुंच रहा है, वैसे ही वन अमले पर कार्रवाई न करने का दबाव बनाया गया. जब वन अमला नहीं माना तो उन्हें महादेव गांव के ही एक क्षेत्र में ले गए जहां से एक ही तरफ से निकलने का रास्ता था. ऐसे में वन विभाग के सभी लोग घिर गए और फिर उन पर लाठी डंडों और पत्थरों से हमला कर दिया गया.
वन कर्मचारियों को काफी चोट आई हैं
बताया जा रहा है कि इस हमले में रेंजर तरुणेन्द्र सिंह और डिप्टी रेंजर दुर्गा प्रसाद अहिरवार सहित कई बीट गार्ड गंभीर रूप से घायल हो गए हैं. वहीं कुछ कर्मचारियों के सिर फूट गए हैं और उन्हें गंभीर चोटें आई हैं.
ऐसे मिली पुलिस की मदद
घटना के बाद घायलों ने डायल 112 पर संपर्क कर मदद की गुहार लगाई, जिसके बाद ब्यौहारी और जयसिंहनगर पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची और बंधक बने वनकर्मियों को मुक्त कराकर इलाज के लिए अस्पताल भेजा.
उत्तर वन मंडल की डीएफओ तरुणा वर्मा बताती हैं "सूचना के आधार पर अवैध लकड़ी पकड़ने के लिए वन विभाग की टीम गई थी, उस दौरान उनके साथ मारपीट हुई है जिसमें वन कर्मियों को गंभीर चोट आई हैं. इसमें रेंजर, डिप्टी रेंजर, फारेस्ट गॉर्ड सभी थे."
जयसिंहनगर थाना प्रभारी अजय बैगा का कहना है कि "वन अमले पर हमले की शिकायत मिली है, कार्रवाई की जा रही है."
इससे पहले शहडोल मुख्यालय से लगे दक्षिण वन मंडल के वन कर्मियों पर कोल माफियाओं ने गश्त कर रही फॉरेस्ट टीम पर जानलेवा हमला किया था, जिसमें रेंजर सहित कई वन कर्मी घायल भी हुए थे. अब उत्तर वन मंडल में सरई लकड़ी की अवैध कटाई को रोकने गये वन अमले पर माफियाओं ने हमला कर दिया है, जिसके बाद से अब सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े हो रहे हैं.

