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गेहूं का दुश्मन जड़ माहू, एक झटके में हरी-भरी फसल कर देता है चौपट, ऐसे करें बचाव

गेहूं की फसल का रस चूस लेता है ये कीट, ध्यान न दिया तो हरी फसल पड़ जाती है पीली, जानें इस कीट के लक्षण

DANGEROUS WHEAT CROP PEST JAD MAHU
गेहूं का दुश्मन जड़ माहू (Etv Bharat)
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By ETV Bharat Madhya Pradesh Team

Published : January 6, 2026 at 9:55 AM IST

3 Min Read
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शहडोल : इस बार कड़ाके की ठंड एक सी पड़ने से मौसम में ज्यादा बदलाव देखने को नहीं मिल रहा है और फसलों के लिए बहुत ही अनुकूल मौसम बताया जा रहा है. हालांकि, मौसम के अलावा कीट भी एक खतरा होता है जो फसल को नुकसान पहुंचाता है. मौसम भले ही अनुकूल हो पर किसानों को कीट से विशेष सावधानी बरतनी होती है. रबी सीजन में गेहूं की खेती भी जमकर की जाती है, ऐसे में मौसम की मार से अगर बच भी गए तो जड़ माहू से बचना बहुत जरूरी है. इस आर्टिकल में जानें कैसे करें इस खतरनाक कीट की पहचान और कितना हो सकता है इससे नुकसान.

जड़ माहू कीट को कैसे पहचानें?

कृषि वैज्ञानिक डॉ. बी के प्रजापति बताते हैं, '' जड़ माहू कीट गेहूं की फसल पर लगता है. ये एक ऐफिड (Aphid) कीट है, जो जड़ और तने के रस को चूस लेता है, जिसकी वजह से पहले पौधे में पीलापन आएगा और उसके बाद वह पूरी तरह से सूख जाएगा. अपनी प्रारंभिक अवस्था में ये कीट छोटे-छोटे पैच में दिखाई देता है, और कुछ दिनों में पूरे खेत में फैल जाता है, जड़माहू कीट का जीवन चक्र ही 7 से 10 दिन का होता है.''

JAD MAHU KEET PEST
जड़ माहू कीट की आसान है पहचान (Etv Bharat)

कृषि वैज्ञानिक कहते हैं कि इस बार ठंड अच्छी पड़ रही है, जिसकी वजह से फसलों पर रोग नहीं लग रहे हैं, अगर जड़ माहू कीट किसी फसल पर लगता है तो वो जड़ों से रस को चूस कर पौधे को कमजोर कर देता है, इसकी समय पर पहचान और उपचार बहुत जरूरी है.

Dangerous Wheat Crop Pest
फसल पर साफ नजर आते हैं जड़ माहू के लक्षण (Etv Bharat)

फसल पर कैसे लक्षण दिखते हैं?

कृषि वैज्ञानिक बताते हैं, '' जड़माहू कीट लगने से गेहूं की फसल में जगह-जगह पौधे पीले दिखाई देने लगते हैं. पीलापन अक्सर पत्तियों के ऊपरी हिस्से से शुरू होकर नीचे की ओर बढ़ता है. इससे पौधों का विकास रुक जाता है, जिससे ये सामान्य पौधे से छोटे रह जाते हैं, कीट का प्रकोप पूरे खेत में एक साथ न होकर पैच में होता है, जहां पौधे सूखने लगते हैं, यदि आप पौधे के जड़ को खोद कर देखेंगे तो पौधे में छोटे-छोटे गुलाबी सफेद भूरे रंग के कीट चिपके हुए मिल सकते हैं.''

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जड़ माहू कीट का क्या करें उपचार?

कृषि वैज्ञानिक बताते हैं, '' किसान फसल का सतत निरीक्षण करते रहें, अगर जड़ माहू कीट का प्रकोप समझ आता है तो एसिटामिप्रिड 20 प्रतिशत, 60 ग्राम प्रति एकड़ या इमिडाक्लोप्रिड 17.8 प्रतिशत 50 एमएल मात्रा प्रति एकड़ या थायोमेथाक्साम 25 प्रतिशत की 50 ग्राम मात्रा प्रति एकड़ के साथ या फिर एनपीके 19.19.19 एक किलोग्राम प्रति एकड़ का 150-200 लीटर पानी में घोल बनाकर छिड़काव कराएं. इसके अलावा एक एकड़ फसल के लिए एक लीटर नीम तेल को 200 लीटर में घोलकर छिड़काव कर दें फायदा मिलेगा.टट