सरकारी कर्मचारियों को लापरवाही पड़ेगी भारी, शहडोल पटवारी नपे, कलेक्टर ने इस बात पर किया सस्पेंड
बिना बताए वीसी से गायब रहे पटवारी, राष्ट्रीय स्तर के शिविर फार्मर रजिस्ट्री में भी बरती घोर लापरवाही, अब हुए सस्पेंड,

By ETV Bharat Madhya Pradesh Team
Published : August 25, 2026 at 9:55 AM IST
शहडोल : कलेक्टर पार्थ जायसवाल ने जब से शहडोल जिले का कार्यभार संभाला है तभी से एक्शन मोड में नजर आ रहे हैं. एक बार फिर शहडोल कलेक्टर ने एक पटवारी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की है. कलेक्टर ने सरकारी कार्य में लापरवाही करने वाले पटवारी को सस्पेंड कर दिया है. पटवारी पर लगातार कार्य में लापरवाही करने के आरोप लग रहे थे, जिसके बाद कलेक्टर ने ये कार्रवाई की है.
क्या है पूरा मामला?
शहडोल कलेक्टर पार्थ जायसवाल को जानकारी मिली थी कि पटवारी भरत खैरवार अपने कार्यों में गंभीर लापरवही बरत रहे हैं. उनपर आरोप हैं कि किसानों की रजिस्ट्री संबंधित शासकीय कार्य के प्रति घोर लापरवाही बरती जा रही है, जिसके बाद जिला कलेक्टर ने हल्का जमुड़ी तहसील जयसिंहनगर जिला शहडोल में पदस्थ पटवारी भरत खैरवार को पद से हटाने के लिए एसडीएम काजल सिंह को निर्देश दिए, जिसके बाद पटवारी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया.
जारी आदेश आदेश में कहा गया है कि भरत खैरवार निलंबन काल को मुख्यालय तहसील जयसिंहनगर में अटैच किया जाता है, अपनी उपस्थिति कार्यालय तहसील जयसिंहनगर में प्रस्तुत नहीं करने पर उनकी अनुपस्थिति मानी जाएगी और वेतन काटा जाएगा.
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पटवारी क्यों हुए सस्पेंड?
एसडीएम काजल सिंह के मुताबिक, '' पटवारी भरत खैरवार को ससपेंड करने का जो आदेश जारी किया गया है, उसमें साफ लिखा हुआ है कि 20 अगस्त से फार्मर रजिस्ट्री का कार्य जिले के समस्त पटवारी कर रहे हैं, इस कार्य हेतु प्रतिदिन सुबह 10:15 बजे वीसी के माध्यम से समस्त पटवारी की ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज की जाती है, उक्त अवधि में वे किसी भी दिन वीसी में उपस्थित नहीं रहे हैं, और अपने प्रभार के ग्राम जमुड़ी, खडगड़ी और कुठली में इस अवधि में शून्य फार्मर रजिस्ट्री बनाई गई हैं. ग्रामों की प्रगति और वीसी की उपस्थिति देखकर स्पष्ट है कि पटवारी उक्त अवधि में अपने हलके में बिना किसी पूर्व सूचना के अनुपस्थित रहे हैं, भरत खैरवार पटवारी की बिना सूचना अनुउपस्थिति व राष्ट्रीय स्तर शिविर फार्मर रजिस्ट्री शासकीय कार्य में घोर लापरवाही व उदासीनता की श्रेणी में आता है. ऐसे में उन्हें जिला कलेक्टर के निर्देश पर ससपेंड कर दिया गया है.

