SDM की आड़ लेकर मांगी 1 लाख की रिश्वत, लोकायुक्त की कार्रवाई से लेखापाल हक्का-बक्का
शहडोल के ब्यौहारी तहसील कार्यालय में पदस्थ लेखपाल रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार. दुकान खाली कराने और कब्जा दिलाने का था मामला.

By ETV Bharat Madhya Pradesh Team
Published : June 2, 2026 at 6:08 PM IST
शहडोल: रीवा लोकायुक्त की टीम ने शहडोल में बड़ी कार्रवाई की है. ब्यौहारी तहसील कार्यालय में पदस्थ खंड लेखापाल को रिश्वत लेते ट्रैप किया गया है, कार्रवाई के बाद तहसील कार्यालय समेत पूरे क्षेत्र में लोकायुक्त की कार्रवाई से हड़कंप मच गया.
लोकायुक्त की बड़ी कार्रवाई
शहडोल के ब्यौहारी तहसील कार्यालय में लोकायुक्त रीवा ने भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ा एक्शन लिया है, जहां खंड लेखापाल लल्लू प्रसाद प्रजापति को 75 हजार की रिश्वत लेते रंगे हाथ ट्रैप किया गया है. दुकान खाली कराने और कब्जा दिलाने के लिए एक लाख रुपए रिश्वत की मांग की गई थी और बाद में 75 हजार रुपए में डील तय हुई थी.
दुकान पर कब्जा दिलाने के लिए मांगी थी 1 लाख की रिश्वत
बाणसागर देवलोंद के रहने वाले 45 साल के रमेश रजक ने ब्यौहारी तहसील में पदस्थ लेखपाल द्वारा रिश्वत मांगने की शिकायत लोकायुक्त से की थी. शिकायतकर्ता रमेश रजक ने बताया कि "उनकी दुकान को खाली कराने और कब्जा दिलाने से जुड़े प्रकरण में तहसील कार्यालय में पदस्थ खंड लेखपाल लल्लू प्रसाद प्रजापति रिश्वत की मांग कर रहा है. उनकी दुकान साल 2017 से किराए पर चल रही थी, जिसे खाली कराने को लेकर विवाद चल रहा था.
शिकायतकर्ता ने बताया, "मामला तहसील न्यायालय और बाद में एसडीएम न्यायालय ब्यौहारी तक पहुंचा. इसी दौरान खंड लेखापाल ने कहा कि इस मामले में वो एसडीएम से उनके पक्ष में आदेश करवा देगा. इसके बदले में 1 लाख रुपए रिश्वत की मांग की गई थी और बाद में 75 हजार रुपए में डील तय हुई थी. जिसकी शिकायत रीवा लोकायुक्त से की थी."
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लोकायुक्त ने 75 हजार की रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़ा
शिकायतकर्ता के अनुसार खंड लेखापाल लल्लू प्रसाद प्रजापति ने मार्च माह में 12 और 15 हजार रुपए भी ले चुका था. शिकायत की सत्यापन में रिश्वत मांगने की पुष्टि होने के बाद लोकायुक्त की टीम ने जाल बिछाया और अनुविभागीय अधिकारी कार्यालय ब्यौहारी के बाहर एक फोटोकॉपी दुकान के पास आरोपी को 75 हजार की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ पकड़ लिया गया.
पुलिस अधीक्षक प्रवीण सिंह परिहार के नेतृत्व में 12 सदस्यीय टीम ने कार्रवाई को अंजाम दिया. आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 संशोधित 2018 की धारा 7 के तहत मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है. ब्यौहारी में 15 दिनों के भीतर रिश्वतखोरी का यह दूसरा बड़ा मामला है. लोकायुक्त पुलिस ने प्रेस नोट जारी कर यह जानकारी दी.

