मुर्गी नहीं एटीएम मशीन! बैकयार्ड पोल्ट्री की स्टार है ग्राम प्रिया मुर्गी, 1 साल में 230 अंडे, छप्पर फाड़ पैसा
किसानों के लिए फायदेमंद साबित हो सकता है ग्राम प्रिया मुर्गी का बिजनेस, किसानों को अच्छी कमाई का दावा. अखिलेश शुक्ला की रिपोर्ट.

By ETV Bharat Madhya Pradesh Team
Published : August 28, 2026 at 12:24 PM IST
शहडोल: शहडोल जिला आदिवासी बहुल इलाका है और यहां पर कई छोटे-छोटे किसान भी हैं. यहां की अधिकतर आबादी गांव में बसती है. अधिकतर इलाका वनों से आच्छादित है. ऐसे में मुर्गी पालन यहां के लोगों के लिए एक परफेक्ट बिजनेस साबित हो सकता है. खासकर आदिवासी किसानों के लिए. उसमें भी बैकयार्ड पोल्ट्री में जो मुर्गी पालन की जाती है ऐसी किस्म के मुर्गे मुर्गियां आदिवासी किसानों के लिए वरदान साबित हो सकते हैं. उन्हें कम समय में छप्पर फाड़ पैसा दिला सकते हैं.
बैकयार्ड पोल्ट्री की स्टार
बैकयार्ड पोल्ट्री आपके घर के पीछे का हिस्सा होता है. घर के पीछे छोटी सी जगह बची होती है जहां पर ज्यादातर लोग खाने के बाद बर्तन धोने, नहाने या फिर कचरा फेंकने के लिए इस्तेमाल करते हैं. ऐसे जगह को बैकयार्ड पोल्ट्री कहा जाता है. कई ऐसी नस्ल के मुर्गे मुर्गियां होती हैं, जो बैकयार्ड पोल्ट्री के लिए परफेक्ट होती हैं और यहां पर बहुत तेजी से ग्रोथ करती हैं. इनमें से एक है 'ग्राम प्रिया मुर्गी'.
कृषि वैज्ञानिक डॉक्टर बीके प्रजापति बताते हैं कि, ''ग्राम प्रिया मुर्गी को हैदराबाद में आईसीआर का सेंटर है, मुर्गी पालन का पोल्ट्री है, उसके द्वारा डेवलप किया गया है. अब यही ग्राम प्रिया मुर्गी शहडोल आदिवासी अंचल के किसानों के लिए एक वरदान साबित हो सकती है. क्योंकि यह बैकयार्ड पोल्ट्री की स्टार मुर्गी मानी जाती है. तेजी से ग्रोथ करने वाली मुर्गी मानी जाती है.''

ग्राम प्रिया मुर्गी की खासियत
कृषि वैज्ञानिक डॉक्टर बीके प्रजापति बताते हैं कि, ''ग्राम प्रिया नस्ल की मुर्गी की बात करें तो इसकी सबसे बड़ी खासियत होती है, कि बैकयार्ड पोल्ट्री या घर के पास जगह में फ्री छोड़ सकते हैं. इस नस्ल के मुर्गे मुर्गियां फायदा भी दिलाती हैं. घर में खाने के बर्तन आदि धोने के बाद या जो अनाज निकलता है उसे खा लेती हैं. इसके अलावा कीड़े मकोड़े और घास को खाकर यह पूरा ग्रोथ कर लेती हैं. लगभग 150-175 दिनों में अंडे देने की क्षमता भी इस मुर्गी में आ जाती है.
ग्राम प्रिया नस्ल के मुर्गे मुर्गियों का दोनों परपस से उपयोग में होता है. यह अंडे के साथ-साथ मीट के लिए भी उपयोग में लाई जाती हैं. इस नस्ल की मुर्गी में एक साल में 225 से लेकर के 230 अंडे तक देने की क्षमता होती है.''

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अंडे से कमा सकते हैं पैसा
कृषि वैज्ञानिक कहते हैं कि, ''किसान इस मुर्गी का पालन करके अंडा और मीट दोनों से पैसा कमा सकते हैं. जैसा कि हमने बताया 150 से 175 दिन में ये मुर्गी अंडे देना शुरू कर देती है, तो उन अंडों को आप बाजार में बेच करके पैसे कमा सकते हैं. जैसे इस समय बाजार में एक अंडे की कीमत 20 रुपये के लगभग है. तो आप अंडों से भी एटीएम की तरफ आय प्राप्त कर सकते हैं. उसमें प्रतिदिन अंडे बेचकर आपकी आमदनी हो सकती है.
इस मुर्गी की खासियत ये है कि अगर प्रतिकूल मौसम नहीं है विपरीत मौसम में भी यह सरवाइव कर जाती हैं. इसमें कोई बीमारी नहीं लगती है. इसकी रेजिस्टेंस पावर बहुत ज्यादा होती है. इनका वजन भी बहुत तीव्र गति से बढ़ता है. ये 6 से 7 महीने में डेढ़ से 2 किलो तक का वजन प्राप्त कर लेती हैं. जिससे किसान भाई जब चाहे तब बेचकर आमदनी प्राप्त कर सकते हैं. क्योंकि इसका अंडा और मीट दोनों परपस से बैकयार्ड पोल्ट्री में ट्राइबल बेल्ट में पालन किया जा सकता है.''

