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बिहार में मासूम से अप्राकृतिक यौनाचार, 8 रुपये का लालच देकर घटना को अंजाम

बेतिया में नाबालिग से अप्राकृतिक यौनाचार का मामला सामने आया है. पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है.

मासूम से अप्राकृतिक यौनाचार
मासूम से अप्राकृतिक यौनाचार (ETV Bharat)
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By ETV Bharat Bihar Team

Published : December 22, 2025 at 4:39 PM IST

3 Min Read
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बेतिया: बिहार के बेतिया में एक नाबालिग बच्चा को अस्पताल में भर्ती कराया गया तो डॉक्टर हैरान हो गए. उसके प्राइवेट पार्ट से खून आ रहा था. डॉक्टर को समझते देर नहीं लगी कि इसके साथ क्या हुआ है. चिकित्सक ने बिना देर किए बच्चा को मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया, जहां उसका इलाज चल रहा है.

रुपये देकर घटना को अंजाम: शर्मसार करने वाला यह मामला जिले के लौरिया थानाक्षेत्र के एक गांव का है. परिजनों के अनुसार बच्चों के साथ अप्राकृतिक यौनाचार हुआ है. गांव के ही एक 20 साल का युवक बच्चे को 8 रुपये दिया था. इसके बाद उसे बहला फुसलाकर बगीचे में ले गया और उसके साथ अप्राकृतिक यौनाचार किया.

जीएमसीएच रेफर: घटना को अंजाम देने के बाद आरोपी ने बच्चा को उसके घर छोड़ दिया. कुछ देर के बाद बच्चे की तबीयत बिगड़ गयी. उसने पिता को रोते हुए आपबीती सुनाई कि उसे दर्द हो रहा है. बच्चे की हालत देख आनन-फानन में स्थानीय सीएचसी में भर्ती कराया. जहां डॉ अफरोज आलम ने प्राथमिकी उपचार कर जीएमसीएच रेफर कर दिया.

आरोपी गिरफ्तार: इस मामले में परिजनों ने आरोपी के खिलाफ थाने में शिकायत दर्ज करायी. परिजनों के आवेदन मिलने पर पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज की. छापेमारी कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया, जिससे पूछताछ की जा रही है. लौरिया थानाध्यक्ष ने बताया कि आरोपी के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है.

"मामले की जानकारी मिलते ही आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया हैं. आरोपी की पहचान पीड़ित के ही गांव निवासी के रूप में हुई है. जिससे पुलिस हिरासत में लेकर थाना में पूछताछ की जा रही है." -रमेश कुमार शर्मा, थानाध्यक्ष, लौरिया

क्या कहता है कानून: यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण विधेयक 2019 के अनुसार कोई व्यक्ति बच्चों, महिला के साठ पेनेट्रेटिव यौन हमला करता है तो ऐसे मामले आरोपी को दोषी पाए जाने पर सजा होगी.

अलग-अलग प्रावधान: इसमें सजा के अलग-अलग प्रावधान है. कोई बालिग के साथ ऐसी घटना होती है तो उसे 10 साल की सजा होगी. 16 साल से कम उम्र के साथ ऐसा होता है तो 20 साल से लेकर उम्रकैद की सजा हो सकती है. अगर इस तरह की घटना में बच्चे की मौत हो जाती है तो दोषी को 20 साल की सजा या फिर मौत की सजा सुनाई जा सकती है.

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