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हरियाणा में गर्मी ने तोड़े रिकॉर्ड, सिरसा में 46 डिग्री तापमान, कई जिलों में सीवियर हीटवेव अलर्ट

हरियाणा में भीषण गर्मी से जनजीवन प्रभावित है. सिरसा में 46 डिग्री तापमान पहुंच गया है. मौसम विभाग ने कई जिलों में अलर्ट जारी किया.

SEVERE HEATWAVE GRIPS HARYANA
हरियाणा में गर्मी ने तोड़े रिकॉर्ड (ETV Bharat)
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By ETV Bharat Haryana Team

Published : May 25, 2026 at 9:26 AM IST

6 Min Read
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चंडीगढ़: हरियाणा में गर्मी लगातार विकराल रूप लेती जा रही है. रविवार को प्रदेश के औसत अधिकतम तापमान में 1.7 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी दर्ज की गई. मौसम विभाग के अनुसार राज्य का अधिकतम तापमान सामान्य से करीब 2.5 डिग्री अधिक बना हुआ है. तेज धूप और गर्म हवाओं ने लोगों का घरों से निकलना मुश्किल कर दिया है. वहीं, आज से नौतपा शुरू होने के कारण सुबह से ही गर्मी का असर देखा जा रहा है. वहीं, दोपहर में गर्मी की तपिश और भी बढ़ गई है.

आज से नौतपा शुरू: गर्मी आज से और बढ़ने वाला है. दरअसल, आज से नौतपा शुरू हो गया है. 2 जून तक नौतपा रहेगा. इस दौरान लोगों को भीषण गर्मी का सामना करना पड़ेगा.

क्या होता है नौतपा: नौतपा गर्मियों का सबसे गर्म दौर है. इस समय सूर्य रोहिणी नक्षत्र में प्रवेश करता है और लगभग 9 दिनों तक भीषण गर्मी पड़ती है. ऐसा माना जाता है कि इन 9 दिनों में जितनी अधिक गर्मी पड़ेगी, मानसून के दौरान उतनी ही अच्छी बारिश होगी.

सिरसा बना सबसे गर्म जिला: प्रदेश में सबसे अधिक तापमान सिरसा में 46 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया. इसके अलावा रोहतक में 45.3 डिग्री, भिवानी और बोपानिया में 44 डिग्री, नूंह में 43.5 डिग्री तथा नारनौल में 42.8 डिग्री तापमान दर्ज किया गया. हिसार, गुरुग्राम, करनाल, सोनीपत और जींद सहित कई जिलों में भी तेज लू का असर देखने को मिला.

स्वास्थ्य विभाग ने जारी की एडवाइजरी (ETV Bharat)

बाजारों और सड़कों पर पसरा सन्नाटा: भीषण गर्मी और सीवियर हीटवेव के कारण दिन के समय बाजारों और सार्वजनिक स्थानों पर सन्नाटा नजर आया. दोपहर के समय लोग जरूरी काम होने पर ही घरों से बाहर निकले. तेज गर्म हवाओं के चलते सड़कें भी काफी हद तक खाली दिखाई दीं. गर्मी का असर छोटे व्यापारियों और दैनिक गतिविधियों पर भी देखने को मिल रहा है.

मौसम विभाग ने जारी किया अलर्ट:मौसम विज्ञान केंद्र चंडीगढ़ ने हरियाणा के कई हिस्सों में हीटवेव से लेकर सीवियर हीटवेव की चेतावनी जारी की है. विभाग के अनुसार अगले कुछ दिनों तक प्रदेश में गर्म और शुष्क मौसम बना रह सकता है. ऐसे में लोगों को अतिरिक्त सावधानी बरतने की जरूरत है.

लोगों को सावधानी बरतने की सलाह: स्वास्थ्य विशेषज्ञों और मौसम विभाग ने लोगों को दोपहर के समय धूप में ज्यादा देर तक रहने से बचने की सलाह दी है. पर्याप्त मात्रा में पानी पीने, हल्के रंग के ढीले सूती कपड़े पहनने और बाहर निकलते समय सिर को ढककर रखने की सलाह दी गई है. बच्चों और बुजुर्गों को विशेष सतर्कता बरतने के लिए कहा गया है.

फसलों पर भी बढ़ा गर्मी का असर: भीषण गर्मी का असर खेती पर भी साफ दिखाई देने लगा है. कृषि विशेषज्ञों ने किसानों को सलाह दी है कि फसलों की सिंचाई सुबह जल्दी या शाम के समय करें ताकि मिट्टी में नमी बनी रहे. विशेषज्ञों का कहना है कि लगातार बढ़ते तापमान से फसलों की गुणवत्ता और उत्पादन प्रभावित हो सकता है.

स्वास्थ्य विभाग ने जारी की एडवाइजरी: हरियाणा स्वास्थ्य विभाग ने भीषण गर्मी और लू के बढ़ते खतरे को देखते हुए एडवाइजरी जारी की है. इस बारे में सिरसा जिला के कार्यकारी सिविल सर्जन डॉ. प्रमोद शर्मा ने कहा कि, "सिरसा में गर्मी और हीट वेव के संभावित प्रभावों को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह सतर्क है. सभी स्वास्थ्य संस्थानों को विशेष तैयारियां सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं ताकि हीट स्ट्रोक और गर्मी से जुड़ी बीमारियों से प्रभावी तरीके से निपटा जा सके."

अस्पतालों में हीट स्ट्रोक प्रबंधन की तैयारी: डॉ. शर्मा ने आगे कहा कि, "सभी अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों में हीट स्ट्रोक प्रबंधन इकाइयों को सक्रिय रखने, आइस पैक, ठंडे आईवी फ्लूड्स और अन्य कूलिंग व्यवस्थाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं. तापमान में लगातार बढ़ोतरी के कारण स्वास्थ्य विभाग किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए तैयार है."

इन संकेतों को न करें नजरअंदाज: डॉ. प्रमोद शर्मा ने आगे कहा कि, "दस्त होना, हल्का बुखार आना और अत्यधिक प्यास लगना शरीर में गर्मी और पानी की कमी के संकेत हो सकते हैं. नागरिकों से अपील है कि ऐसे लक्षण दिखाई देने पर तुरंत पर्याप्त मात्रा में पानी, ओआरएस और अन्य तरल पदार्थों का सेवन करें तथा आवश्यकता पड़ने पर चिकित्सकीय सलाह जरूर लें. हीट स्ट्रोक के लक्षण जैसे कमजोरी, चक्कर आना, सिरदर्द, उबकाई, अत्यधिक पसीना आना और मूर्छा को पहचानना बेहद जरूरी है. इस प्रकार की परेशानी महसूस होने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें और शरीर में पानी की कमी न होने दें."

घरेलू पेय पदार्थों का करें सेवन: डॉ. प्रमोद शर्मा ने कहा कि, "गर्मी के मौसम में अधिक से अधिक पानी पीना चाहिए, भले ही प्यास न लगी हो. यात्रा के दौरान पानी पीएं. ओआरएस, लस्सी, नींबू पानी, छाछ और चावल का माड़ जैसे घरेलू पेय पदार्थ फायदेमंद होते हैं. साथ ही तरबूज, खरबूजा, संतरा, अंगूर, अनानास, खीरा और ककड़ी जैसे मौसमी फल एवं सब्जियों का सेवन करना चाहिए."

धूप से बचाव के लिए बरतें सावधानी: डॉ. शर्मा ने कहा कि, "हल्के रंग के सूती और पसीना सोखने वाले कपड़े पहनें. धूप में निकलते समय चश्मा, छाता, टोपी और जूते-चप्पलों का प्रयोग अवश्य करें. खुले में काम करने वाले लोग सिर, चेहरा, हाथ और पैरों को गीले कपड़े से ढककर रखें.दिन के समय घर, कार्यालय या ठंडी एवं हवादार जगहों पर ही रहने का प्रयास करें. दिन में खिड़कियां और दरवाजे बंद रखें ताकि गर्म हवा अंदर न आए, जबकि शाम और रात में इन्हें खोल दें ताकि कमरों में ठंडक बनी रहे."

बच्चों, बुजुर्गों और गर्भवती महिलाओं का रखें विशेष ध्यान: डॉ. शर्मा ने आगे कहा कि, "एक वर्ष से कम आयु के शिशु, छोटे बच्चे, गर्भवती महिलाएं, बाहरी वातावरण में काम करने वाले लोग, हृदय रोगी और उच्च रक्तचाप से पीड़ित व्यक्तियों की विशेष देखभाल जरूरी है. दोपहर 12 बजे से 3 बजे के बीच तेज धूप में बाहर निकलने से बचें. बच्चों और पालतू जानवरों को खड़ी गाड़ियों में अकेला न छोड़ें."

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