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महासमुंद में भीषण गर्मी और जल संकट, रेतीले गड्डे का पानी पीने को मजबूर ग्रामीण

महासमुंद में इस भयावह गर्मी में भलेसर गांव के लोगों को साफ पानी भी नहीं मिल पा रहा है. राहुल भोई की रिपोर्ट

Bhalesar Village in Mahasamund Grapples with Drinking Water Crisis
पेयजल संकट से जूझ रहा महासमुंद का भलेसर गांव (ETV BHARAT)
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By ETV Bharat Chhattisgarh Team

Published : May 22, 2026 at 1:25 PM IST

4 Min Read
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महासमुंद: सरकार हर घर नल योजना और साफ पेयजल पहुंचाने का दावा करती है. पर यह दावे कागजी और सिर्फ फाइलों तक सीमित हैं. इस भीषण गर्मी में जहां नेता और अफसर दफ्तर में बैठकर फ्रीज का ठंडा पानी पी रहे हैं और अपने गले को तर कर रहे हैं. ऐसे में महासमुंद जिले के भलेसर गांव के लोगों को दो बूंद साफ पानी भी मयस्सर नहीं हो पा रही है.

महासमुंद के भलेसर में भीषण जल संकट

यहां की महिलाओं को भीषण गर्मी में पीने के पानी के लिए एक किलोमीटर दूर जाकर रेत हटाकर पानी निकालना पड़ रहा है ,फिर लोग अपनी प्यास बुझा पा रहे हैं. महासमुंद जिले के ग्राम पंचायत भलेसर की यही कहानी हैं. यहां महिलाएं एक किलोमीटर दूर केशवा नाला के रेत को हटाकर गड्ढा बनाती है फिर रेत के अंदर से जो पानी ऊपर आता है उस पानी को लेकर आती है. इसी पानी से तब कही जाकर उनकी प्यास बुझ रही है.

पेयजल संकट महासमुंद (ETV Bharat Chhattisgarh)

भलेसर गांव में नहीं मिल रहा पानी

भलेसर की आबादी लगभग 3 हजार है. पिछडा वर्ग बाहुल्य इस ग्राम पंचायत में लगभग 800 परिवार रहते हैं. 15 वार्ड वाले इस ग्राम पंचायत में 07 हैण्डपंप है ,जिनमें से 02 चालू है . 07 बोर हैं ,जिनमे से 03 बोर चालू हैं. ग्राम पंचायत में 05 तालाब हैं ,जिनमे से 04 सूख गये हैं . जल जीवन मिशन के तहत 180 लाख रुपए से पानी टंकी बनी है और घर - घर नल कनेक्शन है ,पर चार सालो से न तो टंकी में पानी चढ़ता है और न ही घर में लगे नलों में पानी आता है.

Women drawing water from a pit
गड्ढे से पानी निकालती महिलाएं (ETV BHARAT)

ग्राम पंचायत के 15 वार्ड में से वार्ड क्रमांक 1, 2 , 8 , 9 , 10, 11, 12 ,14 में पानी की किल्लत है . यहां की महिलाये एक किलोमीटर दूर केशवा नाला से रेत हटाकर पानी लाती है.फिर उनकी और उनके परिवार की प्यास बुझती है. ग्रामीण और सरपंच पानी की किल्लत के लिए पिछले 06 वर्षो से लोक स्वास्थ्य यांत्रिक विभाग एवं प्रशासन से गुहार लगा रहे है ,पर अभी भी ग्रामीणों को पानी किल्लत से छुटकारा नही मिला .

Handpumps have dried up in Bhalesar village.
भलेसर गांव में सूख गए हैंडपंप (ETV BHARAT)

साढ़े चार साल से यही समस्या बनी हुई है. प्रशासनिक अधिकारियों से गुहार भी लगा चुके है पर कोई हल नहीं निकल पाया है. सुबह से शाम बस पानी के लिए दौड़ना पड़ता है. हमें जल्द जल्द पानी चाहिए बस हमारी यही मांग है- विमला साहू, स्थानीय महिला, भलेसर गांव

ना जाने कितनी बार शाशन प्रशासन को इस समस्या से अवगत कराया गया. नल बंद है बोर ख़राब पड़े हैं. पानी टंकी है पर उसमे पानी नहीं है. आखिर महिलाएं थक हार कर सुखी रेत हटाकर पानी पीने मजबूर हैं-सेवा राम कुर्रे, सरपंच, भलेसर गांव

The Tap Water Scheme is in a dismal state in Bhalesar, Mahasamund.
महासमुंद के भलेसर में नल जल योजना का बुरा हाल (ETV BHARAT)

कलेक्टर ने दिया रटा रटाया जवाब

इस पूरे मामले पर कलेक्टर का कहना है कि भलेसर के अलावा और कुछ पंचायतों से बोर सूखने की शिकायत मिली है. इस संदर्भ में औद्योगिक और राइस मिलरों की बैठक की जा रही है. उन्हें ऐसे पंचायतो में सीएसआर मद से बोर कराने के लिए कहा है.

Women Forced to Drink Water from Pits
गड्ढे का पानी पीने को मजबूर महिलाएं (ETV BHARAT)

लोक स्वास्थ्य यांत्रिक विभाग को आदेशित कर दिया हूं कि एक टीम भेजकर जल्द से जल्द समस्या का समाधान करें- विनय कुमार लंगेह, कलेक्टर, महासमुंद

कलेक्टर समस्या के निपटाने की बात कर रहे हैं. बीते 6 साल से इस गांव और इस इलाके की यही समस्या है. ऐसे में देखाना होगा कि कलेक्टर के बयानबाजी का क्या असर पड़ता है. कितनी जल्दी इस समस्या का समाधान हो पाता है.

Women from Bhalesar village are fetching water from several kilometers away.
भलेसर गांव की महिलाएं कई किलोमीटर दूर से ला रही पानी (ETV BHARAT)

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