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होली पर त्रिशूल, हनुमानजी का घोटा और क्रिकेट बैट की पिचकारी, आईस कूल व टॉक्सिक फ्री गुलाल की भी डिमांड

इस बार होली पर मार्केट में तरह-तरह की पिचकारियां, रंग और गिफ्ट्स बिक रहे हैं.

होली की पिचकारियां
होली की पिचकारियां (ETV Bharat Kota)
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By ETV Bharat Rajasthan Team

Published : February 27, 2026 at 6:34 AM IST

6 Min Read
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मनीष गौतम, कोटा : पूरे देश में होली का रंग जमने लगा है और हाड़ौती भी इससे अछूता नहीं है. इस संभाग में पानी पर्याप्त मात्रा में है, इसीलिए यहां पर पानी से काफी होली खेली जाती है. पिचकारियों की डिमांड भी यहां काफी रहती है. हर साल अलग-अलग तरह पिचकारियां बाजारों में आती हैं. इस बार भी होली पर त्रिशूल, हनुमान जी का घोटा, तलवार, क्रिकेट बैट और बेलन की तरह की पिचकारी मार्केट में आई हैं. यह अधिकांश 10 से 15 फीट तक दूर अपनी पानी फेंकती है. इनका प्रेशर भी काफी अच्छा रहता है. इसके अलावा स्नेक, एरोप्लेन, गन, हथौड़ा, डायनासोर, इंडियन क्रिकेट टीम ड्रेस, रॉकेट लांचर सहित अन्य पिचकारी भी बाजार में मौजूद हैं.

सब्जी मंडी श्रीपुरा इलाके के व्यापारी हेमंत कुमार खटवानी 'पाकेश' का कहना है कि इस बार आईस कूल के रूप में एक गुलाल आई है. यह टेलकम पाउडर ठंडा ठंडा कूल कूल की तरह है, जिसे लगाने से ठंडा ठंडा एहसास होता है. इसकी डिमांड काफी है और महंगी होने पर खरीद जोर पकड़ रही है. इसके अलावा अरारोट से बनी हुई हर्बल या नेचुरल गुलाल की डिमांड ज्यादा है. ज्यादातर लोग अपने स्किन और बालों का ध्यान रखते हैं. बीते सालों की अपेक्षा यह मांग बढ़ गई है और इसी को देखते हुए कंपनियों ने अलग-अलग पैकिंग में हर्बल गुलाल को अलग-अलग कलर्स में उपलब्ध कराया.

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चीन से पार्ट्स, भारत में असेंबल : व्यापारी जीतेन्द्र मतानी का कहना है कि जब से मेक इन इंडिया का कॉन्सेप्ट आया है, अधिकांश इलेक्ट्रॉनिक्स पिचकारी भारत में ही बनने लगी है. हालांकि, इनमें उपयोग किए जाने वाले कुछ पार्ट्स बाहरी होते हैं. यह चीन से ही मांगे जाते हैं. इसके बाद इन्हें भारत में ही असेंबल किया जाता है. लेवल लगाया जाता है. उनका कहना है कि चाइनीज पिचकारियां भी मार्केट में आ रही हैं. इनमें इलेक्ट्रॉनिक्स पिचकारी के अलावा कुछ बड़ी पिचकारी शामिल हैं.

जीएसटी कम होने से दाम में कमी : व्यापारी मतानी का कहना है कि इस बार पिचकारियों के दाम में भी जीएसटी का असर देखने को मिला है. भारत सरकार ने कई स्लैब में जीएसटी कम किया था और इसका असर पिचकारियों में भी आया है. करीब 20 से लेकर 100 रुपए तक पिचकारी के दाम कम हुए हैं. उनके पास में दस से लेकर एक हजार रुपए तक की पिचकारी है. पिचकारियां टॉयज में आती हैं, इनमें इलेक्ट्रॉनिक आइटम पर 18 फीसदी जीएसटी है, जबकि शेष गैर इलेक्ट्रॉनिक पर 5, 12 व कुछ पर 18 फीसदी के आसपास जीएसटी है. इनमें कुछ आइटम पर जीएसटी कम नहीं किया गया, लेकिन फिर भी दामों में कमी हुई है.

इंडियन क्रिकेट टीम की जर्सी वाली पिचकारी
इंडियन क्रिकेट टीम की जर्सी वाली पिचकारी (ETV Bharat Kota)

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ऑफलाइन खरीद में नुकसान भी नहीं : हेमंत कुमार खटवानी का कहना है कि कोटा में करीब एक से डेढ़ करोड़ रुपए की पिचकारियां बिक जाती हैं. इसका एक बड़ा मार्केट है. इन पिचकारियों को 3 साल से लेकर 15 साल के बच्चों की उम्र के लिए ही तैयार किया जाता है. इसी उम्र के बच्चों में उनकी डिमांड रहती है. लोग ऑनलाइन पिचकारी मंगाते हैं, लेकिन ऑनलाइन में पिचकारी महंगी आ रही है, उससे सस्ती मार्केट में मिल रही है. अधिकांश पिचकारियां प्लास्टिक की आती है और इनको ट्रांसपोर्टेशन में टूटने का खतरा रहता है, इसीलिए ऑनलाइन में कई प्रोडक्ट टूटे हुए भी आते हैं. दुकान से ऑफलाइन खरीद में नुकसान भी नहीं होता है.

तलवार वाली पिचकारी
तलवार वाली पिचकारी (ETV Bharat Kota)

दिवाली की तरह होली गिफ्ट पैक भी : दिवाली पर जिस तरह से लोग मिठाई या क्रैकर्स गिफ्ट करते हैं, उसी तरह इस बार होली के भी गिफ्ट मार्केट में आए हैं. यह गिफ्ट 100 से लेकर 500 रुपए तक के हैं. इसमें अलग-अलग तरह के प्रोडक्ट को असेंबल किया हुआ है. इनमें पिचकारी, पक्के व कच्चा रंग, गुलाल, स्प्रे, होली शर्ट और टोपी भी शामिल है. इलेक्ट्रॉनिक पिचकारियां काफी डिमांड में हैं. इनमें अधिकांश मेड इन चाइना है. इसके साथ ही बाजार में गुलाल गन की भी डिमांड बढ़ गई है. बाजार में अधिकांश गुलाल गन 400 से 800 रुपए के बीच मिल रही है. इनको चलाने की गुलाल की एक कैप्सूल पैकेट भी 50 रुपए के आसपास आती है.

क्रिकेट बैट वाली पिचकारी
क्रिकेट बैट वाली पिचकारी (ETV Bharat Kota)

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कार्टून कैरेक्टर के 8 लीटर कैपिसिटी तक के टैंक : बाजार में पिचकारी में होली टैंक की काफी ज्यादा मांग भी रहती है. इन्हें बैग की तरह पीछे लटका लिया जाता है. हाथ में इन्हें चलने वाली गन होती है. पिचकारी पम्प के बाद सबसे ज्यादा बिकने वाले आइटम यहीं होते हैं. यह टैंक 1 से लेकर 8 लीटर तक कैपिसिटी के आ रहे हैं. यह अलग-अलग उम्र के बच्चों के लिए है. इन पर कार्टून कैरेक्टर डोरेमोन, यूनिकॉर्न, मोटू पतलू, स्पाइडर-मैन, एंग्री बर्ड, हल्क, शिन-चैन, टॉम एंड जेरी, छोटा भीम, शिवा, रुद्रा, पोकेमोन व अवेंजर के स्टीकर हैं. इनमें लाइटिंग वाला टैंक भी आया है. बच्चा सड़क पर पिचकारी लेकर भागेगा, तब पंप वाइब्रेशन के साथ लाइटिंग करेगा. यह रात के समय चमकेगी.

इलेक्ट्रिक वाटर गन
इलेक्ट्रिक वाटर गन (ETV Bharat Kota)

'काले गोरे' कलर की भी डिमांड : बाजार में इस बार बालों को खराब होने से बचने के लिए अलग-अलग तरह की टोपी और कलरफुल विग भी मिल रहे हैं. इसके अलावा चेहरे को बचाने के लिए भी मास्क उपलब्ध हैं. यह फेस को पूरी तरह से कवर कर लेते हैं. इनमें कार्टून कैरेक्टर व जॉम्बी वाले भी हैं. इस बार 'काले गोरे' कलर की भी डिमांड हो रही है. इसमें फेस पर अलग-अलग कलर लगाए जाते हैं. इनमें एक तरफ ब्लैक और दूसरी तरफ सिल्वर कलर लगाए जाते हैं. इसमें चेहरा दो रंग वाला नजर आता है. होली की रील में अधिकांश इस तरह के चेहरे वाले कलरों का उपयोग किया जा रहा है. बाजार में होली के स्प्रे भी काफी मिल रहे हैं. यह अलग-अलग कलर के स्प्रे हैं. इनमें पक्के कलर वाले भी हैं, दूसरी तरफ गुलाल फेंकने वाले सिलेंडर और स्प्रे भी मिल रहे है.

हनुमान जी का घोटा वाली पिचकारी
हनुमान जी का घोटा वाली पिचकारी (ETV Bharat Kota)