अंकिता भंडारी हत्याकांड, उत्तराखंड में 'बंद' का मिला जुला असर, जानिए पूरे प्रदेश का हाल
अंकिता भंडारी हत्याकांड के सिलसिले में बुलाए गए 'उत्तराखंड बंद' को कई ट्रेड एसोसिएशन ने समर्थन दिया है.

By ETV Bharat Uttarakhand Team
Published : January 11, 2026 at 11:49 AM IST
चमोली/पौड़ी गढ़वाल: उत्तराखंड के चर्चित अंकिता भंडारी हत्याकांड में पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने और मामले में संलिप्त कथित वीआईपी (VIP) की सुप्रीम कोर्ट के जज की निगरानी में सीबीआई जांच करवाए जाने की मांग को लेकर आज 11 जनवरी को कांग्रेस समेत विभिन्न सामाजिक संगठनों ने उत्तराखंड बंद का आह्वान किया है. बंद का असर कई इलाकों में देखा जा रहा है. चमोली जिले के गैरसैंण में बंद का व्यापक असर देखा गया है.
प्रदेशव्यापी आंदोलन को समर्थन दिए जाने के क्रम में सूबे की ग्रीष्मकालीन राजधानी गैरसैंण परिक्षेत्र के व्यापार संघों और टैक्सी यूनियन भी बंद में शामिल रहे. जिसको लेकर गैरसैंण के व्यापार संघ अध्यक्ष सुरेंद्र सिंह बिष्ट, मेहलचौरी के मोहन सिंह नेगी, माईथान के संजय पुंडीर,आगरचट्टी के विजय रावत,पाण्डुवाखाल के राम सिंह नेगी, नागाचूलाखाल के गोविंद सिंह मटकोटी ने बाजार बंद की घोषणा की. वहीं पूरे क्षेत्र में बंद का असर देखने को भी मिला, जहां व्यापारियों ने पूर्ण रूप से अपने प्रतिष्ठान बंद रखे तो वहीं टैक्सी वाहनों के पहिए भी जाम रहे.
टैक्सी यूनियन गैरसैंण ने भी दिया बंद को समर्थन: बंद के समर्थन में रामगंगा टैक्सी यूनियन गैरसैंण के अध्यक्ष मनमोहन परसारा ने भी बंद में शामिल होने की जानकारी देते हुए बताया कि सभी 150 टैक्सियों के पहिए आज जाम रहेंगे.
प्रांतीय उद्योग व्यापार प्रतिनिधिमंडल ने किया बंद का आह्वान: अंकिता भंडारी हत्याकांड मामले की सुप्रीम कोर्ट के जज की निगरानी में सीबीआई जांच कराए जाने की मांग को लेकर गैरसैंण समेत अन्य जगहों पर आज बाजार बंद का आह्वान किया गया है. जिसको लेकर प्रांतीय उद्योग व्यापार प्रतिनिधिमंडल के प्रदेश उपाध्यक्ष और गढ़वाल प्रभारी सुरेश कुमार बिष्ट ने व्यापारियों से बाजार बंद का आह्वान किया है. इसको लेकर उन्होंने एक वीडियो जारी करते हुए कहा कि अंकिता भंडारी हत्याकांड की मुख्यमंत्री ने सीबीआई जांच की संस्तुति कर दी है. लेकिन अंकिता भंडारी के माता-पिता की मांग है कि यह जांच सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश की निगरानी में हो.

सुरेश बिष्ट ने कहा कि यह बंद पूरी तरह गैर-राजनीतिक रहेगा. इसका उद्देश्य केवल यह है कि अंकिता भंडारी को जल्द से जल्द न्याय मिले. इस बंद में किसी भी राजनीतिक दल का कोई दबाव नहीं है. बंद को लेकर व्यापारियों से बातचीत की गई है. कई व्यापारियों ने स्वयं बंद के समर्थन में अपनी राय दी और आग्रह किया कि न्याय के लिए बाजार बंद रखा जाना चाहिए. व्यापारियों की सहमति और भावनाओं को ध्यान में रखते हुए यह निर्णय लिया गया है. उन्होंने समस्त व्यापारियों से अपील की है कि वो इस बंद में अपना सहयोग दें.

चमोली में जिले बंद का व्यापक असर: चमोली जिले की बात करें तो पूरे जिले में बंद का व्यापक असर नजर आया. चमोली के गैरसैंण के अलावा गोपेश्वर, कर्णप्रयाग, नंदानगर में पूर्ण रूप से बाजार बंद हैं. जबकि ज्योतिर्मठ में बंद का मिला जुला असर नजर आया है.
जिला मुख्यालय गोपेश्वर में व्यापारियों ने स्वेच्छा से अपने प्रतिष्ठान बंद रखकर विरोध दर्ज कराया. व्यापारियों और सामाजिक संगठनों का कहना है कि अंकिता भंडारी को न्याय दिलाने के लिए जनदबाव बनाए रखना जरूरी है. बंद के दौरान बाजार क्षेत्र में दुकानें बंद रहीं, जिससे जनजीवन आंशिक रूप से प्रभावित रहा. हालांकि, आवश्यक सेवाएं सामान्य रूप से संचालित होती रहीं. वहीं सामाजिक संगठनों ने दो टूक कहा कि यदि सरकार ने इस मामले में शीघ्र और सख्त कार्रवाई नहीं की, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा. व्यापारियों ने शांतिपूर्ण तरीके से बंद का समर्थन करते हुए अंकिता भंडारी को न्याय दिलाने की मांग की है.

श्रीनगर और पौड़ी में पूरा बाजार बंद: अंकिता भंडारी हत्याकांड की सीबीआई जांच सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश की निगरानी में कराए जाने की मांग को बुलाए गए उत्तराखंड बंद का पौड़ी, श्रीनगर में व्यापक असर देखने को मिला. बंद के आह्वान के चलते नगर क्षेत्र में सुबह 12 बजे तक बाजार पूरी तरह बंद रहे, जिससे जनजीवन प्रभावित रहा. हालांकि, आवश्यक सेवाओं के तहत मेडिकल स्टोर खुले रहे, जबकि शराब की दुकानें भी इस दौरान संचालित होती दिखीं.

रुद्रप्रयाग में बंद का असर: रूद्रप्रयाग में पहाड़ की बेटी अंकिता भंडारी को न्याय दिलाने की मांग को लेकर रविवार को रुद्रप्रयाग जनपद में बंद का व्यापक असर देखने को मिला. रुद्रप्रयाग बाजार से लेकर अन्य कस्बों एवं ग्रामीण बाजारों तक अधिकांश प्रतिष्ठान बंद रहे. व्यापारियों और स्थानीय लोगों ने एकजुट होकर न्याय की मांग को बुलंद किया.
रुद्रप्रयाग में सुबह 11 बजे के बाद व्यापारियों ने स्वेच्छा से अपने प्रतिष्ठान बंद कर दिए. बंद के दौरान व्यापारियों ने स्पष्ट रूप से कहा कि अंकिता भंडारी के साथ घोर अन्याय हुआ है और उसके दोषियों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाना चाहिए. उन्होंने दोषियों को निर्भया हत्याकांड जैसी सजा देने की मांग करते हुए कहा कि ऐसे जघन्य अपराधों में फांसी ही एकमात्र सजा होनी चाहिए.

कोटद्वार में मिला जुला असर: उधर, राजनीतिक दलों और सामाजिक संगठनों द्वारा बुलाए गए बंद का कोटद्वार में मिला जुला असर देखने को मिला. कोटद्वार में उत्तराखंड क्रांति दल के नेताओं ने कई जगह बाजार में निकलकर व्यापारियों से अपने प्रतिष्ठान बंद करने की अपील भी की. हालांकि, शहर के बीचों बीच दुकानों के अलावा अन्य स्थानों पर दुकानें बंद रहीं.

टिहरी में बंद रहे कई बाजार: अंकिता भंडारी हत्याकांड को लेकर उत्तराखंड बंद का असर टिहरी जिले में भी देखने को मिला. जिला मुख्यालय टिहरी के साथ कुछ जगहों पर विभिन्न राजनीतिक दलों और समाज सेवियों ने मुख्य बाजार में रैली निकालकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की. इस दौरान जिले में कहीं-कहीं बाजार पूर्ण रूप से बंद रहे तो कहीं कहीं पर बाजारों में बंद का आंशिक असर दिखा. जिला मुख्यालय नई टिहरी में बाजार बंद का मिला जुला असर दिखा.
जिले के नरेंद्रनगर, घनसाली बाजार, लम्बगांव, प्रताप नगर, नैनबाग, कामान्द, फकोट, आगराखाल, चमियाला, हिंडोलाखाल, जामनीखाल, गजा चाका, खाड़ी के साथ-साथ ग्रामीण बाजार घुत्तू, अखोड़ी, हिन्दाब, गूलर दोगी, बागी दोगी पूर्ण रूप से बंद रहे. जबकि अंजनीसैण, रोडधार, जाखणीधार में बंदी का मिला जुला असर देखने को मिला.

काशीपुर में उत्तराखंड बंद का मिलाजुला असर: वहीं, उधम सिंह नगर जिले के काशीपुर में उत्तराखंड बंद का मिला जुला असर दिखा. काशीपुर के बाजार रोजाना की दिखने वाली रौनक कम रही. कुछ दुकानें बंद तो कुछ दुकानें खुली दिखाई दी. वहीं कांग्रेस पार्टी ने शांतिपूर्ण बंद का समर्थन किया है.
उधर, देहरादून, हरिद्वार शहर, रुड़की, लक्सर, मसूरी, हल्द्वानी, खटीमा और काशीपुर में बंद का असर नहीं देखा गया.
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